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स्वदेश वापसी के लिए मांग रहे प्रत्येक से एक लाख ारुपये
Updated Thu, 24 Aug 2017 05:31 PM IST
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कुशीनगर। जिले के चार थाना क्षेत्रों के 14 लोग मलेशिया में पिछले दो महीने से एक कमरे में बंधक बनाकर रखे गए हैं। वहां रोजगार के लिए गए इन लोगों को वेतन तो नहीं ही मिला, भोजन-पानी भी कई-कई दिन बाद दिया जा रहा है। वतन वापसी के लिए प्रत्येक से एक लाख रुपये की डिमांड की गई है। घरवालों ने विदेश मंत्रालय से संपर्क कर वापसी के लिए मदद मांगी है।
दुदही व बरवापट्टी प्रतिनिधियों के अनुसार बरवापट्टी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पुष्कर नगर दसहवा के नंदू सैनी, धोबीघटना के अरविंद, कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के गांव कुबेरस्थान निवासी अनिल शर्मा, सोनू सिंह, विजय कुमार, इंद्रासन चौहान, बतरौली निवासी मंतोष चौहान, अखिलेश गुप्ता, भटवलिया निवासी दीपक यादव, रविंद्र विश्वकर्मा, कसया थाना क्षेत्र के साखोपार गांव निवासी मुन्ना यादव, कसया निवासी नूर आलम, सखवनिया निवासी प्रहलाद यादव, पडरौना कोतवाली के होरलापुर गांव निवासी राजेश कुमार व पटहेरवा निवासी अरविंद खरवार तीन महीने पहले रोजगार के लिए विदेश गए थे। घरवालों के अनुसार एजेंटों ने 1.75 लाख रुपये लिए थे और वहां 40 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। वहां पहुंचने पर इनका पासपोर्ट ले लिया गया तथा मोबाइल पैकिंग के काम में लगा दिया गया। परंतु वेतन बहुत कम था। इसका विरोध करने पर इनके मालिक ने पिटाई की। युवकों ने अपने घरवालों व भारतीय दूतावास से संपर्क का प्रयास किया तो इससे नाराज मालिक ने करीब दो महीने पहले इन सभी 14 लोगों तथा राजस्थान प्रांत निवासी एक अन्य युवक को एक कमरे में बंद कर दिया। किसी तरह से अपने घरवालों के संपर्क में आए युवकों ने बताया कि कई दिन बाद कमरा खुलता है और थोड़ा सा खाना व पानी दे दिया जाता है। वतन वापसी के लिए वह मालिक प्रत्येक व्यक्ति से एक-एक लाख रुपये की डिमांड कर रहा है। पहले से ही अपना सब कुछ बंधक रखकर बेटों को विदेश भेजने वाले घरवाले इतनी बड़ी रकम इकट्ठा कर पाने में असमर्थ हैं। इन लोगों ने विदेश मंत्रालय को पत्र भेजकर मदद की गुहार लगाई है।
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दुदही व बरवापट्टी प्रतिनिधियों के अनुसार बरवापट्टी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पुष्कर नगर दसहवा के नंदू सैनी, धोबीघटना के अरविंद, कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के गांव कुबेरस्थान निवासी अनिल शर्मा, सोनू सिंह, विजय कुमार, इंद्रासन चौहान, बतरौली निवासी मंतोष चौहान, अखिलेश गुप्ता, भटवलिया निवासी दीपक यादव, रविंद्र विश्वकर्मा, कसया थाना क्षेत्र के साखोपार गांव निवासी मुन्ना यादव, कसया निवासी नूर आलम, सखवनिया निवासी प्रहलाद यादव, पडरौना कोतवाली के होरलापुर गांव निवासी राजेश कुमार व पटहेरवा निवासी अरविंद खरवार तीन महीने पहले रोजगार के लिए विदेश गए थे। घरवालों के अनुसार एजेंटों ने 1.75 लाख रुपये लिए थे और वहां 40 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। वहां पहुंचने पर इनका पासपोर्ट ले लिया गया तथा मोबाइल पैकिंग के काम में लगा दिया गया। परंतु वेतन बहुत कम था। इसका विरोध करने पर इनके मालिक ने पिटाई की। युवकों ने अपने घरवालों व भारतीय दूतावास से संपर्क का प्रयास किया तो इससे नाराज मालिक ने करीब दो महीने पहले इन सभी 14 लोगों तथा राजस्थान प्रांत निवासी एक अन्य युवक को एक कमरे में बंद कर दिया। किसी तरह से अपने घरवालों के संपर्क में आए युवकों ने बताया कि कई दिन बाद कमरा खुलता है और थोड़ा सा खाना व पानी दे दिया जाता है। वतन वापसी के लिए वह मालिक प्रत्येक व्यक्ति से एक-एक लाख रुपये की डिमांड कर रहा है। पहले से ही अपना सब कुछ बंधक रखकर बेटों को विदेश भेजने वाले घरवाले इतनी बड़ी रकम इकट्ठा कर पाने में असमर्थ हैं। इन लोगों ने विदेश मंत्रालय को पत्र भेजकर मदद की गुहार लगाई है।
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