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Kushinagar News: सुलह समझौते से 14 मामले हुए निस्तारित
Fri, 07 Jun 2024 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 07 Jun 2024 12:32 AM IST
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पडरौना। विभिन्न न्यायालयों में बृहस्पतिवार को सुलह-समझौते के आधार पर मुकदमों का निस्तारण किया गया। कुल 14 मामले निस्तारित किए गए।
अपर जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर के सचिव शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि विभिन्न न्यायालयों से सुलह-समझौता के लिए प्राप्त पत्रावली में मध्यस्थता की कार्यवाही की गई। इसमें पति-पत्नी के कुल 14 मामलों का निस्तारण किया गया। नियुक्त सभी 28 मध्यस्थों से कहा गया था कि वे अधिक से अधिक पत्रावलियों में पक्षकारों से बात कर मामले को निस्तारित कर मुकदमे कम करें। मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केंद्र में पारिवारिक मामले व अन्य मामलों में पक्षकारों के मध्य संयुक्त व अलग अलग बात कर उन्हें समझाया जाता है और उनकी पूर्ण संतुष्टि होने के बाद ही मामलों का निपटारा किया जाता है। एडीजे ने बताया कि जिन लोगों के पास न्यायालय जाकर अपनी कानूनी समस्या को रखने के लिए धन नहीं है, उन्हें निशुल्क कानूनी सहायता दी जाती है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामले, जो न्यायालय में विचाराधीन हैं, उन्हें भी न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र
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अपर जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर के सचिव शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि विभिन्न न्यायालयों से सुलह-समझौता के लिए प्राप्त पत्रावली में मध्यस्थता की कार्यवाही की गई। इसमें पति-पत्नी के कुल 14 मामलों का निस्तारण किया गया। नियुक्त सभी 28 मध्यस्थों से कहा गया था कि वे अधिक से अधिक पत्रावलियों में पक्षकारों से बात कर मामले को निस्तारित कर मुकदमे कम करें। मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केंद्र में पारिवारिक मामले व अन्य मामलों में पक्षकारों के मध्य संयुक्त व अलग अलग बात कर उन्हें समझाया जाता है और उनकी पूर्ण संतुष्टि होने के बाद ही मामलों का निपटारा किया जाता है। एडीजे ने बताया कि जिन लोगों के पास न्यायालय जाकर अपनी कानूनी समस्या को रखने के लिए धन नहीं है, उन्हें निशुल्क कानूनी सहायता दी जाती है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामले, जो न्यायालय में विचाराधीन हैं, उन्हें भी न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र