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Kushinagar News: बासी बिरयानी खाने से 13 लोग हुए फूड प्वाइजनिंग के शिकार
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अस्पताल में भर्ती फूड प्वाइजनिंग के शिकार लोग।
गंगुआ बाजार। तमकुहीराज क्षेत्र के गोड़ईता श्रीराम गांव में हल्दी-मेहंदी कार्यक्रम में बची बासी मुर्गे के बिरयानी खाने से एक ही परिवार और रिश्ते में आए 13 लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। बुधवार सुबह खाने के कुछ ही घंटों बाद सभी की उल्टी और दस्त होने से हालत गंभीर हो गई। इनमें नौ बच्चे व चार महिलाएं शामिल रहीं। सभी को परिजन आनन-फानन में सीएचसी तमकुहीराज में भर्ती कराया। उपचार के बाद शाम करीब साढ़े चार बजे सभी के स्वास्थ्य में सुधार होने पर छुट्टी दे दी गई।
मिली जानकारी के अनुसार, गोड़ईता श्रीराम गांव के निवासी हुसैन अली की बेटी की शादी के उपलक्ष्य में मंगलवार की रात में हल्दी और मेहंदी का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस मांगलिक कार्यक्रम में आए मेहमानों और परिजनों के लिए बिरयानी बनवाई गई थी। रात में कार्यक्रम होने के बाद बिरयानी बच गई थी। बुधवार सुबह परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने बची हुई बासी बिरयानी को खा लिया।
हुसैन अली ने बताया कि बुधवार की सुबह बिरयानी खाने से आरिफ (2), अलसिफा (4), नजीफा (6), नाजिया (7), असरफ (7) , अयान (7), आर्यन (7 ), दिलशाद (10 ), शाहिद (15) व अरबीना (28 ), रुबीना (30), सदरुन नेशा (40) और मरियम (55) को दो से तीन घंटे बाद पेट में तेज दर्द के साथ उल्टी और दस्त शुरू हो गए। इससे हड़कंप मच गया, परिजन सभी को तत्काल सीएचसी तमकुहीराज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की टीम ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर उनका इलाज शुरू कर दिया। जहां शाम करीब 4:30 बजे हालत में सुधार होने पर सभी हुए छुट्टी दे दी गई।
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इस संबंध में तमकुहीराज सीएचसी अधीक्षक डॉ. हिमांशु मिश्रा ने बताया कि मरीजों में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण थे। वर्तमान में अत्यधिक गर्मी और उमस है, ऐसे मौसम में लंबे समय तक रखा हुआ भोजन बेहद जल्दी खराब (विषाक्त) हो जाता है। सभी मरीजों का उपचार कर उनके स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद छुट्टी कर घर भेज दिया गया है।
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मिली जानकारी के अनुसार, गोड़ईता श्रीराम गांव के निवासी हुसैन अली की बेटी की शादी के उपलक्ष्य में मंगलवार की रात में हल्दी और मेहंदी का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस मांगलिक कार्यक्रम में आए मेहमानों और परिजनों के लिए बिरयानी बनवाई गई थी। रात में कार्यक्रम होने के बाद बिरयानी बच गई थी। बुधवार सुबह परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने बची हुई बासी बिरयानी को खा लिया।
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हुसैन अली ने बताया कि बुधवार की सुबह बिरयानी खाने से आरिफ (2), अलसिफा (4), नजीफा (6), नाजिया (7), असरफ (7) , अयान (7), आर्यन (7 ), दिलशाद (10 ), शाहिद (15) व अरबीना (28 ), रुबीना (30), सदरुन नेशा (40) और मरियम (55) को दो से तीन घंटे बाद पेट में तेज दर्द के साथ उल्टी और दस्त शुरू हो गए। इससे हड़कंप मच गया, परिजन सभी को तत्काल सीएचसी तमकुहीराज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की टीम ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर उनका इलाज शुरू कर दिया। जहां शाम करीब 4:30 बजे हालत में सुधार होने पर सभी हुए छुट्टी दे दी गई।
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इस संबंध में तमकुहीराज सीएचसी अधीक्षक डॉ. हिमांशु मिश्रा ने बताया कि मरीजों में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण थे। वर्तमान में अत्यधिक गर्मी और उमस है, ऐसे मौसम में लंबे समय तक रखा हुआ भोजन बेहद जल्दी खराब (विषाक्त) हो जाता है। सभी मरीजों का उपचार कर उनके स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद छुट्टी कर घर भेज दिया गया है।