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खालिद की मौतः पूर्व डीजीपी समेत 42 पर हत्या का केस
लखनऊ/बाराबंकी/ब्यूरो
Updated Mon, 20 May 2013 08:49 AM IST
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कचहरी धमाकों के आरोपी खालिद मुजाहिद की हिरासत में हुइ मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया है कि अगर खालिद अदालत से बरी हो जाते तो कई आला पुलिस अधिकारियों को दिक्कत होती। यही वजह है कि सबने साजिश रच कर उनकी सुनियोजित तरीके से हत्या कर दी।
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वहीं, रविवार को ख्रालिद की मौत के मामले में हत्या व हत्या की साजिश रचने के आरोप में प्रदेश के दो पूर्व डीजीपी समेत पांच पर नामजद व 37 अज्ञात पुलिस कर्मियों के खिलाफ बाराबंकी में मुकदमा दर्ज किया गया।
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मौत की सीबीआई जांच
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद खालिद का शव जौनपुर भेज दिया गया। पांच डॉक्टरों के पैनल ने खालिद के शव का पोस्टमॉर्टम किया। हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने से जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रख लिया गया।
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गौरतलब है कि लखनऊ, फैजाबाद और बनारस कचहरी में 2007 में हुए सीरियल धमाकों के आरोपियों को शनिवार को लखनऊ जेल से पुलिस वैन द्वारा सुबह 10 बजे पेशी पर फैजाबाद ले जाया गया था।
खालिद की मौत पर यूपी में क्यों हैं खलबली?
फैजाबाद से वापस लौटते समय करीब शाम 4:40 बजे आरोपी खालिद मुजाहिद की बाराबंकी जिले के रामसनेहीघाट के पास अचानक तबियत बिगड़ गई। सुरक्षाकर्मी तत्काल उसे लेकर जिला अस्पताल ले गए।
अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचने पर खालिद मुजाहिद को करीब पांच बजकर 25 मिनट पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद देर रात तक खालिद का शव जिला अस्पताल की मर्चरी में ही रखा रहा।
सुबह करीब तीन बजे जब जौनपुर से मृतक के परिजन अस्पताल पहुंचे तो शव का पोस्टमार्टम करवाने की तैयारी होने लगी। इस दौरान परिवारीजन व राष्ट्रीय उलमा काउंसिल के लोग खालिद की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग पर अड़ गए।
उनका कहना था कि एफआईआर दर्ज होने के बाद ही पोस्टमार्टम होने देंगे।
चाचा ने दर्ज कराई रिपोर्ट
मृतक के चाचा जहीर आलम फलाही की तहरीर पर शहर कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 295/13 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया।
मामले में प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह, तत्कालीन एडीजी कानून व्यवस्था बृजलाल व गिरफ्तारी के दौरान क्षेत्राधिकारी चौक, लखनऊ चिरंजीव नाथ सिन्हा, एसटीएफ के तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक एस आनंद व एसटीएफ के तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा के अलावा 37 अज्ञात पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या व हत्या की साजिश की रिपोर्ट कोतवाली नगर में दर्ज की गई है।