{"_id":"69f8e429dfbf5970f3093559","slug":"women-took-charge-of-prerna-canteen-in-five-sarvodaya-schools-kaushambi-news-c-261-1-pr11004-140770-2026-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: पांच सर्वोदय विद्यालयों में महिलाओं ने संभाली प्रेरणा कैंटीन की जिम्मेदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: पांच सर्वोदय विद्यालयों में महिलाओं ने संभाली प्रेरणा कैंटीन की जिम्मेदारी
विज्ञापन
जिले में समाज कल्याण विभाग की तरफ से संचालित पांच जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में प्रेरणा कैंटीन का संचालन अब स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के हाथों में है। पहले इन विद्यालयों में भोजन बनाने का कार्य निजी संस्थानों को टेंडर के माध्यम से दिया जाता था लेकिन अब स्थानीय महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से यह जिम्मेदारी समूहों को सौंपी गई है।
इन पांच विद्यालयों में प्रत्येक समूह में 10 महिलाएं कार्यरत हैं। इस तरह पांचों विद्यालयों में कुल 50 महिलाएं प्रतिदिन प्रत्येक विद्यालय में पढ़ने वाले करीब 300 से अधिक विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए भोजन तैयार कर रही हैं। समूह की महिलाएं मेन्यू के अनुसार बच्चों के लिए हर दिन अलग-अलग स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन बनाती हैं। दाल, चावल, रोटी, सब्जी, खिचड़ी, पुलाव और मौसमी व्यंजन बच्चों को परोसे जाते हैं। महिलाओं के हाथ से बना भोजन बच्चों को घर के खाने जैसा स्वाद देता है, जिससे बच्चे भी भोजन रुचि के साथ करते हैं।
जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय शेषा करारी में शबाना महिला स्वयं सहायता समूह, जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय कोइलहा चायल में जय श्री राम महिला स्वयं सहायता समूह, जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय ककोढ़ा सिराथू में जान्हवी स्वयं सहायता समूह, जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय भरसवां मंझनपुर में संस्कृति स्वयं सहायता समूह और जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय बरैंसा मंझनपुर में दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह कैंटीन संचालन कर रहा है।
विज्ञापन
विद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से भोजन की गुणवत्ता बेहतर हुई है। बच्चों को समय पर ताजा और स्वच्छ भोजन मिल रहा है, वहीं ग्रामीण महिलाओं को अपने ही जिले में सम्मानजनक रोजगार प्राप्त हुआ है। यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को भी नई दिशा दे रही है।
विज्ञापन
इन पांच विद्यालयों में प्रत्येक समूह में 10 महिलाएं कार्यरत हैं। इस तरह पांचों विद्यालयों में कुल 50 महिलाएं प्रतिदिन प्रत्येक विद्यालय में पढ़ने वाले करीब 300 से अधिक विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए भोजन तैयार कर रही हैं। समूह की महिलाएं मेन्यू के अनुसार बच्चों के लिए हर दिन अलग-अलग स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन बनाती हैं। दाल, चावल, रोटी, सब्जी, खिचड़ी, पुलाव और मौसमी व्यंजन बच्चों को परोसे जाते हैं। महिलाओं के हाथ से बना भोजन बच्चों को घर के खाने जैसा स्वाद देता है, जिससे बच्चे भी भोजन रुचि के साथ करते हैं।
विज्ञापन
जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय शेषा करारी में शबाना महिला स्वयं सहायता समूह, जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय कोइलहा चायल में जय श्री राम महिला स्वयं सहायता समूह, जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय ककोढ़ा सिराथू में जान्हवी स्वयं सहायता समूह, जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय भरसवां मंझनपुर में संस्कृति स्वयं सहायता समूह और जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय बरैंसा मंझनपुर में दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह कैंटीन संचालन कर रहा है।
विज्ञापन
विद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से भोजन की गुणवत्ता बेहतर हुई है। बच्चों को समय पर ताजा और स्वच्छ भोजन मिल रहा है, वहीं ग्रामीण महिलाओं को अपने ही जिले में सम्मानजनक रोजगार प्राप्त हुआ है। यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को भी नई दिशा दे रही है।