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नारी सम्मान से ही समाज का कल्याण संभव
ब्यूरो/अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Sun, 15 Mar 2015 11:20 PM IST
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मंझनपुर (ब्यूरो)। नारी शक्ति, ममता और त्याग की प्रतिमूर्ति है। महिला सम्मान से ही समाज का कल्याण संभव है। यह सीख रविवार को मंझनपुर में आयोजित भगवती मानव कल्याण संगठन की महाआरती कार्यक्रम में भारतीय शक्ति चेतना संघ के जिलाध्यक्ष ज्ञानस्वरूप मिश्र ने दी।
भगवती मानव कल्याण और पंचज्योति शक्ति तीर्थाश्रम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरूआत मां भगवती की आराधनी से हुई। इसके बाद प्रवचन करते हुए भारतीय शक्ति चेतना संघ के जिलाध्यक्ष ने सामाजिक विसंगतियों के लगातार बढ़ने पर चिंता जताई। कहा कि यह वही धरा है, जहां नारी को देवी का स्थान प्राप्त था। पर, धीरे-धीरे नारी का समाज का शोषण शुरू हो गया है, जबकि पुरातन काल से लेकर आज तक नारियों ने हमेशा पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर अपनी उपस्थिति का एहसास कराया है।
उन्होंने कहा कि धर्मशास्त्रों में भी वर्णित है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवता-लक्ष्मी का वास होता है। इससे साफ है कि नारी सम्मान से ही घर, परिवार और समाज का कल्याण संभव है। इस मौके पर शत्रुघ्न शुक्ल, ऋषि कुमार, उमाशंकर मोदनवाल, मैकूलाल, मान सिंह, रामआसरे विश्वकर्मा, रामसिंह, श्याम नारायण, ओमप्रकाश तिवारी, अमरनाथ अग्रहरि, फूलचंद्र विश्वकर्मा, राजकली, रंजना देवी, निर्मला देवी, लालचंद्र केसरवानी, सतीश सिंह, राजेंद्र अग्रहरि आदि मौजूद रहे।
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भगवती मानव कल्याण और पंचज्योति शक्ति तीर्थाश्रम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरूआत मां भगवती की आराधनी से हुई। इसके बाद प्रवचन करते हुए भारतीय शक्ति चेतना संघ के जिलाध्यक्ष ने सामाजिक विसंगतियों के लगातार बढ़ने पर चिंता जताई। कहा कि यह वही धरा है, जहां नारी को देवी का स्थान प्राप्त था। पर, धीरे-धीरे नारी का समाज का शोषण शुरू हो गया है, जबकि पुरातन काल से लेकर आज तक नारियों ने हमेशा पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर अपनी उपस्थिति का एहसास कराया है।
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उन्होंने कहा कि धर्मशास्त्रों में भी वर्णित है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवता-लक्ष्मी का वास होता है। इससे साफ है कि नारी सम्मान से ही घर, परिवार और समाज का कल्याण संभव है। इस मौके पर शत्रुघ्न शुक्ल, ऋषि कुमार, उमाशंकर मोदनवाल, मैकूलाल, मान सिंह, रामआसरे विश्वकर्मा, रामसिंह, श्याम नारायण, ओमप्रकाश तिवारी, अमरनाथ अग्रहरि, फूलचंद्र विश्वकर्मा, राजकली, रंजना देवी, निर्मला देवी, लालचंद्र केसरवानी, सतीश सिंह, राजेंद्र अग्रहरि आदि मौजूद रहे।
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