{"_id":"5c2a6e6bbdec2256ef10d132","slug":"wire-dong-electricity-bill-was-long","type":"story","status":"publish","title_hn":"तार न खंभा, बिजली बिल आया लंबा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तार न खंभा, बिजली बिल आया लंबा
Tue, 01 Jan 2019 01:01 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Tue, 01 Jan 2019 01:01 AM IST
विज्ञापन
कौशाम्बी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर। एक तरफ सरकार घर-घर रोशन करने के लिए सौभाग्य योजना के तहत ग्रामीणों को मुफ्त बिजली का कनेक्शन दे रही है। वहीं दूसरी तरफ सिराथू तहसील के रामपुर मड़ूकी के ग्रामीणों को बगैर विद्युतीकरण के ही एक-एक लाख रुपये के बिल पकड़ा दिए गए। परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर मामले की शिकायत डीएम से की।
सिराथू तहसील के रामपुर मड़ूंकी निवासी बीरन पुत्र जग्गू, पार्वती, पत्नी दयाराम, संतोष पुत्र पंचमलाल, नथिया पत्नी गनेशीलाल, सुमिरती देवी पत्नी सम्मत लाल, बनवारी पुत्र रमेश्वर, रामआसरे पुत्र मातादीन, रामसंवारी पत्नी देवनाथ, समशाद अली पुत्र मुख्तार अली, भगवती प्रसाद आदि ग्रामीणों ने डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि वर्ष 2004 में कुटीर ज्योति योजना के तहत गांव के कुछ हिस्से में विद्युतीकरण किया गया था। उस दौरान सात रुपये प्रति माह बिजली का बिल लगने की बात कहकर कनेक्शन करा दिया गया। इसके बाद विभागीय अफसर भूल गए। उनकी बस्ती में विद्युतीकरण ही नहीं किया गया। खंभा और तार लगाए बिना ही महीने भर पहले विभाग ने उन सभी के नाम एक-एक लाख रुपये बकाए का विद्युत बिल भेज दिया। लगातार विभागीय अफसरों के चक्कर काटने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। इससे परेशान उपभोक्ताओं की शिकायत पर डीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
सिराथू तहसील के रामपुर मड़ूंकी निवासी बीरन पुत्र जग्गू, पार्वती, पत्नी दयाराम, संतोष पुत्र पंचमलाल, नथिया पत्नी गनेशीलाल, सुमिरती देवी पत्नी सम्मत लाल, बनवारी पुत्र रमेश्वर, रामआसरे पुत्र मातादीन, रामसंवारी पत्नी देवनाथ, समशाद अली पुत्र मुख्तार अली, भगवती प्रसाद आदि ग्रामीणों ने डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि वर्ष 2004 में कुटीर ज्योति योजना के तहत गांव के कुछ हिस्से में विद्युतीकरण किया गया था। उस दौरान सात रुपये प्रति माह बिजली का बिल लगने की बात कहकर कनेक्शन करा दिया गया। इसके बाद विभागीय अफसर भूल गए। उनकी बस्ती में विद्युतीकरण ही नहीं किया गया। खंभा और तार लगाए बिना ही महीने भर पहले विभाग ने उन सभी के नाम एक-एक लाख रुपये बकाए का विद्युत बिल भेज दिया। लगातार विभागीय अफसरों के चक्कर काटने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। इससे परेशान उपभोक्ताओं की शिकायत पर डीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन