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Kaushambi News: बारिश से खेतों में बिछी गेहूं की फसल, आलू-सरसों के सड़ने का खतरा
Mon, 04 Mar 2024 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 04 Mar 2024 01:56 AM IST
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जिले भर में बेमौसम बारिश किसानों के लिए आफत बनकर टूटी है। बारिश संग ओले पड़ने से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। खेत में पानी भरने से आलू और कटी पड़ी सरसों की फसल के सड़ने की आशंका है। बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को तकरीबन 30 फीसदी नुकसान का अनुमान है। बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
जनपद में बड़े पैमाने पर गेहूं और आलू की खेती होती है। इसके बाद सरसों, मटर व अरहर की फसल का उत्पादन किया जाता है। इस वक्त सभी फसलें खेतों में खड़ी हैं। तमाम किसान ऐसे हैं, जिनकी गेहूं और सरसों की फसल आने वाले 15 से 20 दिनों में कटाई के काबिल हो जाती। कुछ किसानों ने तो सरसों की कटाई और मड़ाई भी शुरू कर दी है।
खेतों में आलू भी खोदाई के लिए तैयार है। फसल अच्छी तैयार होने के कारण किसानों को ठीकठाक मुनाफे की उम्मीद थी। इसी बीच शनिवार की शाम हुई बारिश और रात में पड़े ओलों ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। रविवार की सुबह जब वह खेत पहुंचे तो नजारा देख चकरा गए। एक दिन पहले तक लहलहाने वाली गेहूं व सरसों की फसल खेतों में बिछी मिली। जानकारों ने करीब 30 फीसदी नुकसान का अनुमान लगाया है। फसल की बर्बादी देखकर किसान खासा परेशान हैं।
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गेहूं-सरसों ही नहीं, अरहर और मटर भी हुई प्रभावित
तिल्हापुर के रमाकांत और मोतीलाल ने बताया कि उनके क्षेत्र में ऐसा कोई किसान नहीं बचा, जिसकी फसल गिरी न हो। सबसे ज्यादा गेहूं की वह फसल गिरी है, जिसमें बाली आ गई थी। वहीं जिनकी फसल में बाली नहीं आई थी, वह भी गिरी है, लेकिन कम। नुकसान तो दोनों ही सूरत में होना तय है, चाहे बाली आई हो या नहीं। जैतपुर पूरे हजारी के अखिलेश कुमार और राज कुमार ने बताया कि गेहूं के साथ सरसों, अरहर और मटर को भी नुकसान हुआ है। इस बेमौसम बारिश की वजह से करीब सभी फसलों का 30 फीसदी उत्पादन घट सकता है।
जिले में बोई गई फसल और उसका क्षेत्रफल
फसल - क्षेत्रफल (हेक्टेयर)
गेहूं - 48 हजार
सरसों - आठ हजार
आलू-पांच हजार
मटर - आठ हजार
अरहर - तीन हजार
बारिश और सर्द हवाओं से बढ़ी ठंड
पिछले दिनों तेज धूप के कारण दोपहर में गर्मी का अहसास लोगों को हो रहा था। लेकिन शनिवार रात से लेकर रविवार की शाम तक रुक-रुककर हुई बारिश से मौसम में नमी बढ़ गई है। इससे सर्दी बढ़ गई है।
बेमौसम बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि से 10 बीघा क्षेत्रफल में गेंहू की फसल गिर गई है। इसमें से कुछ फसल तो लगभग तैयार होने की कगार पर थी। करीब दो लाख रुपये का नुकसान होना तय है।
रामचंद्र सिंह, खरसेन का पूरा, नेवादा
11 बीघे में गेहूं की बोआई की थी। होली के आसपास कटाई भी शुरू हो जाती। फसल भी अच्छी तैयार हुई थी। ठीकठाक मुनाफे की उम्मीद थी। फसल गिरने से करीब 50 फीसदी नुकसान होने की आशंका है।
बद्री प्रसाद करवरिया, मोगला, पइंसा
बेमौसम बारिश से गेहूं, सरसों व अन्य फसलों को नुकसान तो हुआ है, लेकिन पांच से छह फीसदी। इससे ज्यादा नुकसान का अनुमान नहीं है।
मनोज कुमार गौतम
जिला कृषि अधिकारी
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जनपद में बड़े पैमाने पर गेहूं और आलू की खेती होती है। इसके बाद सरसों, मटर व अरहर की फसल का उत्पादन किया जाता है। इस वक्त सभी फसलें खेतों में खड़ी हैं। तमाम किसान ऐसे हैं, जिनकी गेहूं और सरसों की फसल आने वाले 15 से 20 दिनों में कटाई के काबिल हो जाती। कुछ किसानों ने तो सरसों की कटाई और मड़ाई भी शुरू कर दी है।
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खेतों में आलू भी खोदाई के लिए तैयार है। फसल अच्छी तैयार होने के कारण किसानों को ठीकठाक मुनाफे की उम्मीद थी। इसी बीच शनिवार की शाम हुई बारिश और रात में पड़े ओलों ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। रविवार की सुबह जब वह खेत पहुंचे तो नजारा देख चकरा गए। एक दिन पहले तक लहलहाने वाली गेहूं व सरसों की फसल खेतों में बिछी मिली। जानकारों ने करीब 30 फीसदी नुकसान का अनुमान लगाया है। फसल की बर्बादी देखकर किसान खासा परेशान हैं।
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गेहूं-सरसों ही नहीं, अरहर और मटर भी हुई प्रभावित
तिल्हापुर के रमाकांत और मोतीलाल ने बताया कि उनके क्षेत्र में ऐसा कोई किसान नहीं बचा, जिसकी फसल गिरी न हो। सबसे ज्यादा गेहूं की वह फसल गिरी है, जिसमें बाली आ गई थी। वहीं जिनकी फसल में बाली नहीं आई थी, वह भी गिरी है, लेकिन कम। नुकसान तो दोनों ही सूरत में होना तय है, चाहे बाली आई हो या नहीं। जैतपुर पूरे हजारी के अखिलेश कुमार और राज कुमार ने बताया कि गेहूं के साथ सरसों, अरहर और मटर को भी नुकसान हुआ है। इस बेमौसम बारिश की वजह से करीब सभी फसलों का 30 फीसदी उत्पादन घट सकता है।
जिले में बोई गई फसल और उसका क्षेत्रफल
फसल - क्षेत्रफल (हेक्टेयर)
गेहूं - 48 हजार
सरसों - आठ हजार
आलू-पांच हजार
मटर - आठ हजार
अरहर - तीन हजार
बारिश और सर्द हवाओं से बढ़ी ठंड
पिछले दिनों तेज धूप के कारण दोपहर में गर्मी का अहसास लोगों को हो रहा था। लेकिन शनिवार रात से लेकर रविवार की शाम तक रुक-रुककर हुई बारिश से मौसम में नमी बढ़ गई है। इससे सर्दी बढ़ गई है।
बेमौसम बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि से 10 बीघा क्षेत्रफल में गेंहू की फसल गिर गई है। इसमें से कुछ फसल तो लगभग तैयार होने की कगार पर थी। करीब दो लाख रुपये का नुकसान होना तय है।
रामचंद्र सिंह, खरसेन का पूरा, नेवादा
11 बीघे में गेहूं की बोआई की थी। होली के आसपास कटाई भी शुरू हो जाती। फसल भी अच्छी तैयार हुई थी। ठीकठाक मुनाफे की उम्मीद थी। फसल गिरने से करीब 50 फीसदी नुकसान होने की आशंका है।
बद्री प्रसाद करवरिया, मोगला, पइंसा
बेमौसम बारिश से गेहूं, सरसों व अन्य फसलों को नुकसान तो हुआ है, लेकिन पांच से छह फीसदी। इससे ज्यादा नुकसान का अनुमान नहीं है।
मनोज कुमार गौतम
जिला कृषि अधिकारी