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बिना पंजीयन क्रय केंद्रों पर नहीं बेच सकते गेहूं
Sat, 16 Mar 2019 12:23 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Sat, 16 Mar 2019 12:23 AM IST
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wheat scam in uttarakhand
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मंझनपुर। जनपद में गेहूं की खरीद के लिए तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। एक अप्रैल से होने वाली खरीद के लिए जिले में करीब 35 केंद्र बनाए गए हैं। इस बार खास यह है कि बिना पंजीयन के किसान गेहूं सरकारी क्रय केंद्र पर नहीं बेच सक ते। पंजीयन किसी भी जनसुविधा केंद्र, साइबर कैफे से किया जा सकता है।
जिले में रबी की मुख्य फसल गेहूं की पैदावार बड़े पैमाने पर होती है। यहां के तकरीबन 2.18 लाख किसानों में अधिकतर किसान गेहूं की खेती करते हैं। किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मुहैया कराने के लिए सरकार की ओर से क्रय केंद्र खोले जाते हैं। इस बार भी जिले में विभिन्न संस्थाओं के 35 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। क्रय केंद्रों पर बिकने वाले गेहूं में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन ने ऑनलाइन पंजीयन की व्यवस्था की है। किसानों को पंजीयन के लिए एफसीएस डॉट यूपी डॉट एनआईसी डॉट इन पर खतौनी नंबर, पहचान प्रमाण पत्र, खसरा के आधार पर जमीन में अपना हिस्सा तथा उसमें बोए गए गेहूं का क्षेत्रफल दर्शाना होगा। किसान जनसुविधा केंद्र, साइबर कैफे या खुद ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। इसके लिए विभाग ने पंजीकृत किसानों के मोबाइल नंबर पर संदेश भेजने की व्यवस्था की है। डिप्टी आरएमओ अंशुमाली शंकर ने बताया कि अब तक आधे से अधिक किसानों को जल्द से जल्द पंजीयन कराने का मैसेज भेजा भी जा चुका है। यह प्रक्रिया लगातार जारी है।
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जिले में रबी की मुख्य फसल गेहूं की पैदावार बड़े पैमाने पर होती है। यहां के तकरीबन 2.18 लाख किसानों में अधिकतर किसान गेहूं की खेती करते हैं। किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मुहैया कराने के लिए सरकार की ओर से क्रय केंद्र खोले जाते हैं। इस बार भी जिले में विभिन्न संस्थाओं के 35 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। क्रय केंद्रों पर बिकने वाले गेहूं में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन ने ऑनलाइन पंजीयन की व्यवस्था की है। किसानों को पंजीयन के लिए एफसीएस डॉट यूपी डॉट एनआईसी डॉट इन पर खतौनी नंबर, पहचान प्रमाण पत्र, खसरा के आधार पर जमीन में अपना हिस्सा तथा उसमें बोए गए गेहूं का क्षेत्रफल दर्शाना होगा। किसान जनसुविधा केंद्र, साइबर कैफे या खुद ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। इसके लिए विभाग ने पंजीकृत किसानों के मोबाइल नंबर पर संदेश भेजने की व्यवस्था की है। डिप्टी आरएमओ अंशुमाली शंकर ने बताया कि अब तक आधे से अधिक किसानों को जल्द से जल्द पंजीयन कराने का मैसेज भेजा भी जा चुका है। यह प्रक्रिया लगातार जारी है।
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