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Kaushambi News: मौसम ने ली करवट, बारिश, ओलावृष्टि से फसलों पर असर
Wed, 14 Feb 2024 04:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 14 Feb 2024 04:45 AM IST
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छेकवा गांव के तराई इलाके में बारिश से ओलावृष्टि से खराब फसल। संवाद
जिले में मंगलवार की भोर से मौसम ने एक बार फिर करवट ली। भोर में हुई बारिश के बाद सर्द हवाएं चलीं। कुछ हिस्सों में ओले भी पड़े। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों की फसलों पर आंशिक असर पड़ा। आलू की फसल भी प्रभावित हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को भी गरज-चमक संग बारिश होने के आसार हैं।
सर्द से गर्म हो रहे मौसम में तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मौजूदा हालात में सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। मंगलवार की भोर गरज-चमक संग हुई बारिश के बाद मौसम में अचानक बदल गया। छिटपुट बारिश का ये सिलसिला जिले के अलग-अलग हिस्सों में शाम चार बजे तक चला। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। इसके चलते अधिकतम तापमान 22 व न्यूनतम 13 डिग्री दर्ज किया गया।
सिराथू, कड़ा, मूरतगंज, सरसवां व मंझनपुर ब्लॉक क्षेत्र में वर्षा का प्रभाव कम देखने को मिला। जबकि, कौशाम्बी व नेवादा ब्लॉक क्षेत्र में वर्षा के साथ ओलावृष्टि भी हुई। दिन में करीब 11बजे छेकवा, भखंदा, दिया उपरहार, मल्हीपुर व नंदा का पुरवा समेत दर्जन भर गांव में 15- 20 ग्राम वजन के ओले गिरे। इसका सबसे अधिक प्रभाव फसलों के फूल व नाजुक पौधों पर देखने को मिला।
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छेकवा में गेहूं, अरहर व सरसों के पौधे ओलावृष्टि की वजह से गिर गए। किसान गणेश प्रसाद, लल्लन निषाद, वसीम, चंद्रशेखर, अशोक कुमार, शारदा प्रसाद आदि ने बताया कि उनकी गेहूं व सरसों की फसल ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार को भी सुबह आठ-नौ बजे से दोपहर तक बारिश होने के आसार हैं।
आलू की फसल पर ज्यादा असर
कौशाम्बी ब्लॉक क्षेत्र में शाम तीन बजे तक वर्षा होती रही। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव आलू की फसल पर हुआ है। जिन किसानों को आलू खोदकर स्टोर में रखना है, वह फसल देर से खोदते हैं। वर्षा के कारण खेत में पानी भर गया है। किसानों के मुताबिक एक या दो दिन पानी टिका रहा तो आलू सड़ जाएगा। ओलावृष्टि से फूल वाले पौधों के फूल गिरने से उत्पादन प्रभावित होगा। वर्षा का लाभ केवल गेहूं की फसल को होगा, लेकिन जिन किसानों ने अगैती गेंहू की फसलों की हाल में ही सिंचाई की है, उनकी फसल गिर गई है। इससे पैदावार प्रभावित होगी।
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- आलू की फसल तैयार कर उसे स्टोर में रखना था। खेत में पानी भरा है। आसपास खेत का पानी निकालने की सुविधा नहीं है। अब डर है कि मौसम इसी प्रकार रहा तो फसल प्रभावित होगी। - अरविंद कुमार, किसान
सरसों और चना की फसल में फूल लग गए थे, अचानक हुई बारिश के कारण फसलों के फूल झड़ जाएंगे, इसके साथ ही रोग लगने का खतरा भी है।। --- श्रीकृष्ण, किसान
यह बारिश गेहूं की फसल के लिए लाभकारी है। अन्य फसलों में अतिरिक्त जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई तो फसल पीली पड़ जाएगी। सरसों फूल झड़ने की संभावना है। मौसम साफ होने पर माहू के प्रकोप में फसल आ सकती है। यह पानी आलू के लिए भी नुकसानदायक है। अरहर की फसल पूर्व में तापमान गिरने से प्रभावित हुई थी। अब वर्षा से फूलों पर प्रभाव पड़ेगा। मौसम खुलने पर यह भी कीट के प्रभाव में आ सकती है। - डॉ. मनोज कुमार सिंह, कृषि वैज्ञानिक
मौसम में बदलाव से बढ़ेंगी बीमारियां
मंझनपुर। मंगलवार भोर से हो रही बरसात के कारण अचानक सर्दी बढ़ गई है। इससे लोगों को गले में खराश होने के साथ ही खांसी व बुखार की समस्या होगी। बच्चों में सीने के जकड़न की समस्या हो सकती है। यह परेशानी फिर से धूप खिलने के बाद होगी। इसलिए लोगों को चाहिए की वह अचानक से धूप में नहीं निकले। गर्म कपड़े पहनने से परहेज न करें। किसी भी तरह की दिक्कत होने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लें, फिर दवा खाएं।
डॉ. संजीव सिंह, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल
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सर्द से गर्म हो रहे मौसम में तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मौजूदा हालात में सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। मंगलवार की भोर गरज-चमक संग हुई बारिश के बाद मौसम में अचानक बदल गया। छिटपुट बारिश का ये सिलसिला जिले के अलग-अलग हिस्सों में शाम चार बजे तक चला। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। इसके चलते अधिकतम तापमान 22 व न्यूनतम 13 डिग्री दर्ज किया गया।
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सिराथू, कड़ा, मूरतगंज, सरसवां व मंझनपुर ब्लॉक क्षेत्र में वर्षा का प्रभाव कम देखने को मिला। जबकि, कौशाम्बी व नेवादा ब्लॉक क्षेत्र में वर्षा के साथ ओलावृष्टि भी हुई। दिन में करीब 11बजे छेकवा, भखंदा, दिया उपरहार, मल्हीपुर व नंदा का पुरवा समेत दर्जन भर गांव में 15- 20 ग्राम वजन के ओले गिरे। इसका सबसे अधिक प्रभाव फसलों के फूल व नाजुक पौधों पर देखने को मिला।
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छेकवा में गेहूं, अरहर व सरसों के पौधे ओलावृष्टि की वजह से गिर गए। किसान गणेश प्रसाद, लल्लन निषाद, वसीम, चंद्रशेखर, अशोक कुमार, शारदा प्रसाद आदि ने बताया कि उनकी गेहूं व सरसों की फसल ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार को भी सुबह आठ-नौ बजे से दोपहर तक बारिश होने के आसार हैं।
आलू की फसल पर ज्यादा असर
कौशाम्बी ब्लॉक क्षेत्र में शाम तीन बजे तक वर्षा होती रही। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव आलू की फसल पर हुआ है। जिन किसानों को आलू खोदकर स्टोर में रखना है, वह फसल देर से खोदते हैं। वर्षा के कारण खेत में पानी भर गया है। किसानों के मुताबिक एक या दो दिन पानी टिका रहा तो आलू सड़ जाएगा। ओलावृष्टि से फूल वाले पौधों के फूल गिरने से उत्पादन प्रभावित होगा। वर्षा का लाभ केवल गेहूं की फसल को होगा, लेकिन जिन किसानों ने अगैती गेंहू की फसलों की हाल में ही सिंचाई की है, उनकी फसल गिर गई है। इससे पैदावार प्रभावित होगी।
- आलू की फसल तैयार कर उसे स्टोर में रखना था। खेत में पानी भरा है। आसपास खेत का पानी निकालने की सुविधा नहीं है। अब डर है कि मौसम इसी प्रकार रहा तो फसल प्रभावित होगी। - अरविंद कुमार, किसान
सरसों और चना की फसल में फूल लग गए थे, अचानक हुई बारिश के कारण फसलों के फूल झड़ जाएंगे, इसके साथ ही रोग लगने का खतरा भी है।। -
यह बारिश गेहूं की फसल के लिए लाभकारी है। अन्य फसलों में अतिरिक्त जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई तो फसल पीली पड़ जाएगी। सरसों फूल झड़ने की संभावना है। मौसम साफ होने पर माहू के प्रकोप में फसल आ सकती है। यह पानी आलू के लिए भी नुकसानदायक है। अरहर की फसल पूर्व में तापमान गिरने से प्रभावित हुई थी। अब वर्षा से फूलों पर प्रभाव पड़ेगा। मौसम खुलने पर यह भी कीट के प्रभाव में आ सकती है। - डॉ. मनोज कुमार सिंह, कृषि वैज्ञानिक
मौसम में बदलाव से बढ़ेंगी बीमारियां
मंझनपुर। मंगलवार भोर से हो रही बरसात के कारण अचानक सर्दी बढ़ गई है। इससे लोगों को गले में खराश होने के साथ ही खांसी व बुखार की समस्या होगी। बच्चों में सीने के जकड़न की समस्या हो सकती है। यह परेशानी फिर से धूप खिलने के बाद होगी। इसलिए लोगों को चाहिए की वह अचानक से धूप में नहीं निकले। गर्म कपड़े पहनने से परहेज न करें। किसी भी तरह की दिक्कत होने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लें, फिर दवा खाएं।
डॉ. संजीव सिंह, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल

छेकवा गांव के तराई इलाके में बारिश से ओलावृष्टि से खराब फसल। संवाद

छेकवा गांव के तराई इलाके में बारिश से ओलावृष्टि से खराब फसल। संवाद

छेकवा गांव के तराई इलाके में बारिश से ओलावृष्टि से खराब फसल। संवाद