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Kaushambi News: बुजुर्ग का शव दफनाने के विवाद में हंगामा, नाराज लोगों की पुलिस से झड़प, जाम लगाने का प्रयास
Fri, 15 Nov 2024 03:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 15 Nov 2024 03:20 AM IST
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मंझनपुर के देवखरपुर गांव में बुजुर्ग का शव दफनाने को लेकर हुए हंगामे के दौरान लोगों से बात करते
नगर कोतवाली के देवखरपुर गांव में विवादित भूमि पर बुजुर्ग का शव दफनाने के विवाद में बृहस्पतिवार को दिनभर हंगामा चला। बातचीत के दौरान गाली-गलौच के साथ मारपीट की नौबत आई। हालांकि, वक्त पर एसडीएम-सीओ ने कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ पहुंच कर लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। इस दौरान मृतक के परिजनों की पुलिस से तीखी झड़प और धक्का-मुक्की भी की गई।
परिजनों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी होती रही। खबर लिखे जाने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका था।
देवखरपुर निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग डॉ. महेश पंडा का बुधवार रात बीमारी के चलते निधन हो गया था। नि:संतान होने के कारण उन्होंने रिश्तेदार के बेटे लवकुश को गोद लेकर उसी के नाम अपनी सारी जायदाद की वसीयत कर दी थी।
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बृहस्पतिवार सुबह अंतिम संस्कार के लिए परिजनों ने गांव स्थित प्राइमरी स्कूल के पास कब्र खोदवाई। गांव के ही रामगणेश मौर्य आदि ने मौके पर पहुंचकर विवादित भूमि पर शव दफनाने का विरोध कर दिया।
इन लोगों का कहना था कि मामला अदालत में विचाराधीन इसलिए कोर्ट का फैसला आने से पहले विवादित भूमि के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होने देंगे। इसे लेकर दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए।
सूचना के बाद कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया तो मामला और गरमा गया। मृतक के परिजनों से पुलिस की तीखी झड़प के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। दोनों पक्ष पीछे हटने को राजी नहीं हुए।
हंगामा की जानकारी मिलते ही एसडीएम सिराथू अजेंद्र सिंह व सीओ सिटी सत्येंद्र तिवारी मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने दूसरे स्थान पर अंतिम संस्कार के लिए कहा तो परिजन गांव के चौराहे पर सड़क किनारे शव रखकर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
नाराज लोगों ने कई बार शव सड़क पर रखकर रास्ता जाम करने का भी प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस ने शव को हर बार किनारे रखवा दिया। विरोध-प्रदर्शन और मान-मनौव्वल का दौर देर शाम तक चलता रहा। देर रात तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका था।
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सड़क पर लेटकर जाम लगाने का प्रयास
-- -मृतक डॉ. महेश पंडा के गोद लिए बेटे लवकुश ने भी कई बार बीच सड़क पर लेटकर रास्ता जाम करने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस ने हर बार उसे किनारे कर दिया। सीओ सिटी सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि संपर्क मार्ग के किनारे शव रखकर हंगामा करने के कारण यातायात व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ा।
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छावनी में तब्दील हुआ देवखरपुर
-- -बवाल की आशंका को देखते हुए देवखरपुर गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सीओ सिटी ने बताया कि वह और एसडीएम सिराथू खुद पुलिस फोर्स के साथ गांव में डटे हुए हैं। शव का अंतिम संस्कार होने के बाद ही फोर्स हटाई जाएगी। दोनों पक्षों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
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जिस भूमि पर कब्र खोदी गई है, वह दूसरे पक्ष को पट्टा की गई थी। हालांकि जिला मजिस्ट्रेट की अदालत से पट्टा निरस्त किया जा चुका है। पट्टाधारक ने निरस्तीकरण के खिलाफ स्थगनादेश ले रखा है। ऐसे में शुक्रवार को विवादित भूमि की जगह दूसरे स्थान पर शव का अंतिम संस्कार कराया जाएगा।
-- अजेंद्र सिंह-एसडीएम, सिराथू
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परिजनों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी होती रही। खबर लिखे जाने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका था।
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देवखरपुर निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग डॉ. महेश पंडा का बुधवार रात बीमारी के चलते निधन हो गया था। नि:संतान होने के कारण उन्होंने रिश्तेदार के बेटे लवकुश को गोद लेकर उसी के नाम अपनी सारी जायदाद की वसीयत कर दी थी।
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बृहस्पतिवार सुबह अंतिम संस्कार के लिए परिजनों ने गांव स्थित प्राइमरी स्कूल के पास कब्र खोदवाई। गांव के ही रामगणेश मौर्य आदि ने मौके पर पहुंचकर विवादित भूमि पर शव दफनाने का विरोध कर दिया।
इन लोगों का कहना था कि मामला अदालत में विचाराधीन इसलिए कोर्ट का फैसला आने से पहले विवादित भूमि के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होने देंगे। इसे लेकर दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए।
सूचना के बाद कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया तो मामला और गरमा गया। मृतक के परिजनों से पुलिस की तीखी झड़प के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। दोनों पक्ष पीछे हटने को राजी नहीं हुए।
हंगामा की जानकारी मिलते ही एसडीएम सिराथू अजेंद्र सिंह व सीओ सिटी सत्येंद्र तिवारी मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने दूसरे स्थान पर अंतिम संस्कार के लिए कहा तो परिजन गांव के चौराहे पर सड़क किनारे शव रखकर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
नाराज लोगों ने कई बार शव सड़क पर रखकर रास्ता जाम करने का भी प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस ने शव को हर बार किनारे रखवा दिया। विरोध-प्रदर्शन और मान-मनौव्वल का दौर देर शाम तक चलता रहा। देर रात तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका था।
सड़क पर लेटकर जाम लगाने का प्रयास
छावनी में तब्दील हुआ देवखरपुर
जिस भूमि पर कब्र खोदी गई है, वह दूसरे पक्ष को पट्टा की गई थी। हालांकि जिला मजिस्ट्रेट की अदालत से पट्टा निरस्त किया जा चुका है। पट्टाधारक ने निरस्तीकरण के खिलाफ स्थगनादेश ले रखा है। ऐसे में शुक्रवार को विवादित भूमि की जगह दूसरे स्थान पर शव का अंतिम संस्कार कराया जाएगा।

मंझनपुर के देवखरपुर गांव में बुजुर्ग का शव दफनाने को लेकर हुए हंगामे के दौरान लोगों से बात करते