{"_id":"ff65ec49922cd7984e8bae0b438eba9e","slug":"uproar-over-manure-committees-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद को लेकर समितियों में हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाद को लेकर समितियों में हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Tue, 13 Jan 2015 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खाद के लिए जिले की सभी 64 साधन सहकारी समितियों में हफ्तेभर में हंगामा मचा है। एक-एक बोरी खाद के लिए किसान मारपीट पर उतारू हैं। सोमवार को भी मंझनपुर, पइंसा, शमसाबाद, बेरौंचा आदि समितियों में खाद को लेकर किसानों में धक्कामुक्की होती रही। दिनभर हंगामे के बाद शाम को सैकड़ों किसान खाली हाथ लौटे।
कौशाम्बी में गेहूं की फसल का रकबा करीब 66 हजार हेक्टेयर है। इसके लिए किसानों को 34 हजार मैट्रिक टन यूरिया खाद की जरूरत होती है। खाद उपलब्ध कराने को जिले में 64 साधन सहकारी समितियां खोली गई है। पर, समितियों में जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध नहीं है। एआर कोआपरेटिव दयानंद प्रसाद ने बताया कि अब तक जिले को सिर्फ 6 हजार मीट्रिक टन यूरिया मिल पाई है। इसमें 10-20 टन यूरिया सभी समितियों को उपलब्ध करा दी गई है।
पर, समितियों में आलम यह है कि 200 सौ बोरी यूरिया आने पर उसे लेने के लिए 500 किसान जुट जाते हैं। ऐसे में खाद के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो जाती है। खाद के लिए समितियों में यह मारामारी का सिलसिला हफ्तेभर से चल रहा है। सोमवार को भी मंझनपुर, पइंसा, शमसाबाद, बेरौंचा आदि समितियों में दिनभर हंगामा होता रहा। पुलिस की मौजूदगी के बाद भी किसान खाद के लिए हाथापाई पर उतारू नजर आए। दिनभर धक्का-मुक्की करने के बाद भी समितियों से सैकड़ों किसानों को खाली हाथ घर लौटना पड़ा है। बेरौंचा समिति पर खाद लेने के लिए सोमवार को सुबह से लाइन लगाकर खड़े राजकुमार, विनोद कुमार, राजन, राम बहोरी, राम लखन, ओम नारायण, जय प्रकाश ने बताया कि 4 दिनों से पूरा दिन खाद के लिए परेशान है।
विज्ञापन
सारा दिन खाद के इंतजार में समितियों में बीत रहा है। पर, शाम को बैरंग ही घर जाते हैं। मामले में एआर कोआपरेटिव का कहना है कि खाद की कमी से समस्या है। जिलाधिकारी के माध्यम से निदेशक सहकारिता को मांगपत्र भेजा गया है। प्रयास किया जा रहा है कि किसानों को जरूरतभर खाद उपलब्ध कराई जाए।
विज्ञापन
कौशाम्बी में गेहूं की फसल का रकबा करीब 66 हजार हेक्टेयर है। इसके लिए किसानों को 34 हजार मैट्रिक टन यूरिया खाद की जरूरत होती है। खाद उपलब्ध कराने को जिले में 64 साधन सहकारी समितियां खोली गई है। पर, समितियों में जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध नहीं है। एआर कोआपरेटिव दयानंद प्रसाद ने बताया कि अब तक जिले को सिर्फ 6 हजार मीट्रिक टन यूरिया मिल पाई है। इसमें 10-20 टन यूरिया सभी समितियों को उपलब्ध करा दी गई है।
विज्ञापन
पर, समितियों में आलम यह है कि 200 सौ बोरी यूरिया आने पर उसे लेने के लिए 500 किसान जुट जाते हैं। ऐसे में खाद के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो जाती है। खाद के लिए समितियों में यह मारामारी का सिलसिला हफ्तेभर से चल रहा है। सोमवार को भी मंझनपुर, पइंसा, शमसाबाद, बेरौंचा आदि समितियों में दिनभर हंगामा होता रहा। पुलिस की मौजूदगी के बाद भी किसान खाद के लिए हाथापाई पर उतारू नजर आए। दिनभर धक्का-मुक्की करने के बाद भी समितियों से सैकड़ों किसानों को खाली हाथ घर लौटना पड़ा है। बेरौंचा समिति पर खाद लेने के लिए सोमवार को सुबह से लाइन लगाकर खड़े राजकुमार, विनोद कुमार, राजन, राम बहोरी, राम लखन, ओम नारायण, जय प्रकाश ने बताया कि 4 दिनों से पूरा दिन खाद के लिए परेशान है।
विज्ञापन
सारा दिन खाद के इंतजार में समितियों में बीत रहा है। पर, शाम को बैरंग ही घर जाते हैं। मामले में एआर कोआपरेटिव का कहना है कि खाद की कमी से समस्या है। जिलाधिकारी के माध्यम से निदेशक सहकारिता को मांगपत्र भेजा गया है। प्रयास किया जा रहा है कि किसानों को जरूरतभर खाद उपलब्ध कराई जाए।