फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Two people died due to snakebite, relatives kept on crying

Kaushambi News: सर्पदंश से दो लोगों की मौत, बिलखते रहे परिजन

Thu, 24 Aug 2023 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Thu, 24 Aug 2023 01:12 AM IST
विज्ञापन
Two people died due to snakebite, relatives kept on crying
सर्पदंश से दो लोगों की मौत, बिलखते रहे परिजन
विज्ञापन

- मुकम्मल इलाज के बजाय परिजनों ने झाड़फूंक का लिया था सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
नेवादा। चायल इलाके की अलग-अलग घटनाओं में सर्पदंश से दो लोगों की मौत हो गई। सर्पदंश के शिकार लोगों का पहले घरवाले झाड़फूंक करा रहे थे। बाद में अचेत अवस्था में उन्हें अस्पताल ले गए। यह लेटलतीफी परिवारीजनों को जीवन भर का दर्द दे गई।
प्रयागराज के एयरपोर्ट कोतवाली क्षेत्र के भीखपुर मेंडवारा गांव निवासी मकसूद अहमद के मुताबिक मंगलवार रात बेटा खुर्शीद अहमद (15) जमीन पर चटाई बिछाकर सोया था। रात करीब 12 बजे सांप ने उसके होंठ में डस लिया। दर्द से खुर्शीद ने चीख-पुकार मचाई तो परिजन जगे। घरवालों ने देखा कि खुर्शीद के पास से निकल कर एक सांप बिल में घुस गया। खुर्शीद को तिल्हापुर मोड़ स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां चिकित्सकों ने प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे झाड़फूंक करने वालों के पास ले गए। वहां उसने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन

इसी तरह चरवा कस्बा निवासी मनोज कुमार ने बताया कि उनका 15 वर्षीय बेटा अंशू छत पर सोया था। आधी रात को उसे सांप ने डस लिया। घरवाले इलाज कराने के बजाय उसे झाड़फूंक करने वाले के पास ले गए। हालत में सुधार नहीं हुआ तो परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल लाए। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से दोनों परिवारों में कोहराम है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----

विधायक ने सरकारी मदद का दिया आश्वासन
नेवादा। सर्पदंश के शिकार दो किशोर की मौत की खबर पर बुधवार को चायल विधायक पूजा पाल पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंची। विधायक ने परिवार को आश्वस्त किया कि जो भी सरकारी मदद होगी वह उन्हें दिलाएंगी।

------

वर्जन
बरसात के दिनों में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती है। सभी सरकारी अस्पतालों में इसका इलाज संभव है। एंटी स्नेक वेनम की सभी अस्पतालों में उपलब्ध है। लोग लोग तंत्र-मंत्र का झाड़फूंक के चक्कर में न फंसकर पीड़ित को सरकारी अस्पताल लाएं। यहां उनकी जान बचने की पूरी संभावना है।
डॉ. एचपी मणि, डिप्टी सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed