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Kaushambi News: ओवरलोड से हांफने लगे ट्रांसफाॅर्मर, 32 मेगावाट बढ़ी खपत
Mon, 25 May 2026 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 25 May 2026 12:10 AM IST
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जिला मुख्यालय स्थित वर्कशॉप में खराब ट्रांसफार्मर लेकर आया मिनी ट्रक। संवाद
भीषण गर्मी में तापमान बढ़ने के साथ एसी, कूलर और पंखों के अधिक उपयोग से पावर हाउसों और कस्बाई इलाकों में लगे ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड होकर जवाब देने लगे हैं। हालात यह हैं कि कई जगह ट्रांसफार्मर गर्म होकर ट्रिपिंग कर रहे हैं। इसके साथ ही 32 मेगावाट बिजली की खपत भी बढ़ गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में फुंके ट्रांसफाॅर्मरों के कारण घंटों आपूर्ति बाधित हो रही है। बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार सामान्य दिनों में जिले में जहां करीब 150 मेगावाट बिजली की खपत होती थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 182 मेगावाट तक पहुंच गई है। इसके चलते मंझनपुर, सिराथू, भरवारी, करारी, चायल और अजुहा पावर हाउसों पर लोड लगातार बढ़ रहा है।
विभागीय आकड़ों के मुताबिक जिले में इस समय करीब 3,850 छोटे-बड़े वितरण ट्रांसफाॅर्मर संचालित हैं। इनमें से लगभग 312 ट्रांसफार्मर ओवरलोड की स्थिति में हैं। वहीं सिर्फ मई महीने में 112 ट्रांसफाॅर्मर खराब होने के बाद कार्यशाला में मरम्मत के लिए भेजे गए हैं।
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इनमें से ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 94 गांवों में ट्रांसफाॅर्मर भी शामिल हैं। विभाग ने कार्यशाला में 118 नए ट्रांसफाॅर्मर रिजर्व में रखे हैं, जिन्हें जरूरत के अनुसार बदला जाएगा।
वर्क शॉप के सहायक अभियंता सुधांशु सक्सेना ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड होने के कारण खराब हो रहें है। सिर्फ मई महीने में ही अब तक 112 ट्रांसफाॅर्मरों को बदला गया है। वर्कशाॅप में प्रतिदिन दो दर्जन से अधिक खराब ट्रांसफाॅर्मर मरम्मत के लिए आते हैं।
भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग में अचानक वृद्धि हुई है। ओवरलोड वाले क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है। जहां आवश्यकता होगी वहां उच्च क्षमता के ट्रांसफाॅर्मर लगाए जाएंगे और खराब ट्रांसफाॅर्मरों को जल्द बदलने की व्यवस्था की जा रही है। -श्याम नारायण, अधीक्षण अभियंता
ओवरलोड ट्रांसफाॅर्मरों की बढ़ाई गई निगरानी
बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए विभाग ने कई उपाय शुरू किए हैं। ओवरलोड वाले इलाकों में 250 और 400 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफाॅर्मरों की जगह 630 केवीए के ट्रांसफाॅर्मर लगाए जा रहे हैं। संवेदनशील फीडरों की निगरानी बढ़ाई गई है और फाल्ट होने पर तत्काल मरम्मत के लिए अलग टीमें बनाई गई हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों में फुंके ट्रांसफाॅर्मरों के कारण घंटों आपूर्ति बाधित हो रही है। बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार सामान्य दिनों में जिले में जहां करीब 150 मेगावाट बिजली की खपत होती थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 182 मेगावाट तक पहुंच गई है। इसके चलते मंझनपुर, सिराथू, भरवारी, करारी, चायल और अजुहा पावर हाउसों पर लोड लगातार बढ़ रहा है।
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विभागीय आकड़ों के मुताबिक जिले में इस समय करीब 3,850 छोटे-बड़े वितरण ट्रांसफाॅर्मर संचालित हैं। इनमें से लगभग 312 ट्रांसफार्मर ओवरलोड की स्थिति में हैं। वहीं सिर्फ मई महीने में 112 ट्रांसफाॅर्मर खराब होने के बाद कार्यशाला में मरम्मत के लिए भेजे गए हैं।
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इनमें से ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 94 गांवों में ट्रांसफाॅर्मर भी शामिल हैं। विभाग ने कार्यशाला में 118 नए ट्रांसफाॅर्मर रिजर्व में रखे हैं, जिन्हें जरूरत के अनुसार बदला जाएगा।
वर्क शॉप के सहायक अभियंता सुधांशु सक्सेना ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड होने के कारण खराब हो रहें है। सिर्फ मई महीने में ही अब तक 112 ट्रांसफाॅर्मरों को बदला गया है। वर्कशाॅप में प्रतिदिन दो दर्जन से अधिक खराब ट्रांसफाॅर्मर मरम्मत के लिए आते हैं।
भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग में अचानक वृद्धि हुई है। ओवरलोड वाले क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है। जहां आवश्यकता होगी वहां उच्च क्षमता के ट्रांसफाॅर्मर लगाए जाएंगे और खराब ट्रांसफाॅर्मरों को जल्द बदलने की व्यवस्था की जा रही है। -श्याम नारायण, अधीक्षण अभियंता
ओवरलोड ट्रांसफाॅर्मरों की बढ़ाई गई निगरानी
बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए विभाग ने कई उपाय शुरू किए हैं। ओवरलोड वाले इलाकों में 250 और 400 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफाॅर्मरों की जगह 630 केवीए के ट्रांसफाॅर्मर लगाए जा रहे हैं। संवेदनशील फीडरों की निगरानी बढ़ाई गई है और फाल्ट होने पर तत्काल मरम्मत के लिए अलग टीमें बनाई गई हैं।

जिला मुख्यालय स्थित वर्कशॉप में खराब ट्रांसफार्मर लेकर आया मिनी ट्रक। संवाद