{"_id":"5d49d7708ebc3e6cdd4aa595","slug":"toilet-scam-of-rs-32-lakhs-in-makdampur-dhoksaha-kaushambi-news-ald2515486126","type":"story","status":"publish","title_hn":"मकदमपुर ढोकसहा में 32 लाख रुपये का शौचालय घोटाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मकदमपुर ढोकसहा में 32 लाख रुपये का शौचालय घोटाला
विज्ञापन
मकदमपुर ढोकसहा में 32 लाख रुपये का शौचालय घोटाला
डीपीआरओ के निरीक्षण में खुलासा होने के बाद ग्राम प्रधान को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कौशाम्बी ब्लॉक के मकदूमपुर ढोकसहा गांव में शौचालय का निर्माण किए बगैर ही 32 लाख रुपये हजम कर लिया गया। खुलासा होने के बाद डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिला पंचायत राज विभाग ने मकदमपुर ढोकसहा गांव में करीब 430 शौचालय निर्माण कराने के लिए 12 हजार की दर से 51 लाख 60 हजार रुपये अवमुक्त किए थे। वक्त गुजरने के बावजूद गांव में 218 शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया। गांव में जो शौचालय बनाए गए वह भी आधे-अधूरे हैँ। 30 जून 2019 को निरीक्षण करने गांव पहुंचे डीपीआरओ गोपालजी ओझा ने शौचालयों की हकीकत देखी तो बिफर पड़े। किसी शौचालय में शीट नहीं तो किसी में दवाजा या फिर किसी में छत नहीं था। कुल मिलाकर गांव में शौचालय के नाम पर करीब 32 लाख रुपये का गबन पकड़ में आया। इस पर उन्होंने ग्राम प्रधान के खिलाफ 18 जुलाई को नोटिस जारी कर दिया। जवाब नहीं मिलने पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने तीन जुलाई को दोबारा नोटिस जारी कर ग्राम प्रधान पवन कुमार से जवाब-तलब किया है। डीपीआरओ ने बताया कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ग्राम प्रधान के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर दी जाएगी।
विज्ञापन
डीपीआरओ के निरीक्षण में खुलासा होने के बाद ग्राम प्रधान को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कौशाम्बी ब्लॉक के मकदूमपुर ढोकसहा गांव में शौचालय का निर्माण किए बगैर ही 32 लाख रुपये हजम कर लिया गया। खुलासा होने के बाद डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिला पंचायत राज विभाग ने मकदमपुर ढोकसहा गांव में करीब 430 शौचालय निर्माण कराने के लिए 12 हजार की दर से 51 लाख 60 हजार रुपये अवमुक्त किए थे। वक्त गुजरने के बावजूद गांव में 218 शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया। गांव में जो शौचालय बनाए गए वह भी आधे-अधूरे हैँ। 30 जून 2019 को निरीक्षण करने गांव पहुंचे डीपीआरओ गोपालजी ओझा ने शौचालयों की हकीकत देखी तो बिफर पड़े। किसी शौचालय में शीट नहीं तो किसी में दवाजा या फिर किसी में छत नहीं था। कुल मिलाकर गांव में शौचालय के नाम पर करीब 32 लाख रुपये का गबन पकड़ में आया। इस पर उन्होंने ग्राम प्रधान के खिलाफ 18 जुलाई को नोटिस जारी कर दिया। जवाब नहीं मिलने पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने तीन जुलाई को दोबारा नोटिस जारी कर ग्राम प्रधान पवन कुमार से जवाब-तलब किया है। डीपीआरओ ने बताया कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ग्राम प्रधान के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर दी जाएगी।
विज्ञापन