फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Tobacco, gutkha, junk food and mental stress are increasing cancer cases among youth.

Kaushambi News: तंबाकू, गुटखा, जंक फूड और मानसिक तनाव से युवाओं में बढ़ रहे कैंसर के मामले

Wed, 04 Feb 2026 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Wed, 04 Feb 2026 12:27 AM IST
विज्ञापन
Tobacco, gutkha, junk food and mental stress are increasing cancer cases among youth.
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में जाचं करते डॉ. संजीव सिंह।  संवाद
सुधीर कश्यप
विज्ञापन

कैंसर आज भी दुनिया की सबसे गंभीर बीमारी बनी हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो इससे प्रतिवर्ष पूरे विश्व में करीब 96 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु हो जाती है। इससे इलाज के लिए जितनी आवश्यकता उन्नत दवाओं की है, उतनी ही जरूरत जागरूकता, संवेदनशील व्यवस्था, आर्थिक मजबूती और सामाजिक सहयोग की भी है।
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव सिंह बताते हैं कि कैंसर अब केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है, बल्कि युवाओं में भी खामोशी से पैर पसार रही है। डॉक्टरों के मुताबिक 25 से 40 वर्ष की उम्र के युवाओं में कैंसर के शुरुआती लक्षण तेजी से दिखने लगे हैं। तंबाकू, गुटखा, सिगरेट, जंक फूड और लगातार बना रहने वाला मानसिक तनाव इसकी बड़ी वजह बन रहे हैं। बताया कि हाल ही के महीनों में ब्लड, लीवर, ओरल, लंग्स, कीडनी, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर सहित करीब 25 मरीजों को गंभीर अवस्था में रेफर किया जा चुका है।
विज्ञापन


डॉ. संजीव ने बताया कि फास्ट फूड और जंक फूड की बढ़ती लत से मोटापा, हार्मोनल असंतुलन और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं, जो कैंसर के खतरे को कई गुना बढ़ा देती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय रहते जीवनशैली में सुधार नहीं किया गया तो कैंसर की औसत उम्र और नीचे जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सर्वाइकल कैंसर से बचाव जरूरी

:: मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाखा दीक्षित ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय एचपीवी वैक्सीन है। यह नौ से 14 वर्ष की किशोरियों के लिए सबसे अधिक असरदार मानी जाती है, जबकि 26 से 45 वर्ष की महिलाएं डॉक्टर की सलाह से यह टीका लगवा सकती हैं। उन्होंने कहा कि नियमित स्क्रीनिंग भी बेहद जरूरी है। हर तीन से पांच साल में पैप स्मीयर या एचपीवी टेस्ट कराने से बीमारी शुरुआती अवस्था में ही पकड़ में आ जाती है। इस बीमारी की रोकथाम के लिए डॉक्टर ने महिलाओं से नियमित जांच और टीकाकरण कराने की अपील की।
बहनों ने बढ़ाया हौसला, कैंसर को दी मात

सिराथू। कस्बा निवासी कैंसर से पीड़ित रह चुके 39 वर्षीय विपिन यादव बताते हैं कि वह भी सामान्य लोगों की तरह जीवन बिता रहे थे। पांच फरवरी 2022 को प्रयागराज में जबड़े के पीछे का एक दांत निकलवाया। डेंटिस्ट को कैंसर का संदेह हुआ तो मांस का टुकड़ा जांच के लिए मुंबई भेजा गया। करीब एक हफ्ते में रिपोर्ट आई तो उसमें कैंसर पॉजिटिव निकला। इससे उन्हें सदमा लगा और अवसाद में चले गए। घर में बहनों ने हौसला बढ़ाया। 11 फरवरी को मुंबई गए। वहां उन्हें डॉ. प्रशांत ने हौसला बढ़ाया और ऑपरेशन किया। इस प्रकार, समय पर इलाज हुआ और आज वह फिर से सामान्य जीवन जी रहे हैं।

आर्थिक तंगी के साथ कैंसर से जूझ रहा परिवार, सहयोग की दरकार
महेवाघाट। सदर तहसील के रायपुर गांव निवासी दिव्यांग युवक अपनी कैंसर पीड़ित मां के इलाज के लिए दर-दर भटक रहा है। उन्हें औषधि के साथ ही सामाजिक और आर्थिक सहयोग की भी दरकार है। हादसे में दोनों पैर गंवा चुके जितेंद्र कुमार त्रिपाठी की मां सुशीला देवी (57) पिछले चार वर्षों से ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही हैं। वर्तमान में उनका इलाज वाराणसी स्थित भाभा कैंसर अस्पताल में चल रहा है, जहां आगे के इलाज के लिए सात लाख रुपये की आवश्यकता है। गरीब किसान परिवार के लिए यह राशि जुटा पाना असंभव है। पीड़ित परिजनों का दावा है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। इलाज में देरी से महिला की हालत बिगड़ती जा रही है। संवाद

:: विश्व कैंसर दिवस पर युवाओं में बढ़ते कैंसर के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। समय पर जांच, सही उपचार और जागरूकता बेहद जरूरी है। मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा जांच और परामर्श की सुविधा उपलब्ध है। शासन की योजनाओं के तहत पात्र मरीजों को इलाज में हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

--- डॉ. एसके शुक्ला, सीएमएस

मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में जाचं करते डॉ. संजीव सिंह।  संवाद

मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में जाचं करते डॉ. संजीव सिंह।  संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed