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Kaushambi News: मड़ाई की उड़ती धूल से फेफड़ों पर खतरा, आईएलडी का बढ़ा डर
Mon, 09 Mar 2026 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 09 Mar 2026 01:06 AM IST
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गौसेलमपुर गांव में सरसों की फसल की मड़ाई करता थ्रेशर। संवाद
मंझनपुर। खेतों में गेहूं और अन्य रबी फसलों की मड़ाई के दौरान हवा में धूल और भूसा तेजी से फैल रहा है। इसके संपर्क में आने से लोगों को छींक, खांसी, एलर्जी और सांस फूलने की समस्या हो सकती है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना 150 से 180 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें करीब 10 से 15 दमा, 12-15 टीबी, 25 से 30 सांस और खांसी व आठ से दस निमोनिया के मरीज होते हैं।
मेडिकल कॉलेज के चेस्ट फिजिशियन डॉ. संजीव सिंह के अनुसार लगातार धूल और भूसे के संपर्क में रहने से आईएलडी (इंटरस्टिशियल लंग डिजीज) जैसी फेफड़ों से जुड़ी बीमारी का खतरा भी बढ़ सकता है। खेतों में गेहूं और अन्य रबी फसलों की मड़ाई के दौरान हवा में धूल और भूसा तेजी से फैलता है।
डॉ. संजीव ने सलाह दी है कि ऐसे मरीज खेतों या धूलभरे स्थानों पर जाने से बचें और बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें।
:: रबी की फसलों की मड़ाई के समय खेतों में काफी धूल और भूसा उड़ता है। इससे आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को दिक्कत होती है। कई बार किसानों को भी खांसी, छींक और सांस लेने में परेशानी होने लगती है। -फूल सिंह यादव।
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:: मड़ाई के दौरान हवा में धूल और भूसे की मात्रा बढ़ जाती है। इससे खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को एलर्जी, खांसी और आंखों में जलन की समस्या होती है। ऐसे में मास्क या कपड़ा बांधकर काम करना पड़ता है, ताकि धूल से बचाव हो सके। - राजेंद्र सिंह
एलर्जिक राइनाइटिस के प्रमुख लक्षण :
- बार-बार छींक आना।
- नाक बहना या नाक बंद होना।
- नाक में खुजली होना।
- आंखों में खुजली, जलन या पानी आना।
- गले में खुजली या खराश।
बचाव के उपाय :
- धूल और धुएं से बचें।
- बाहर जाते समय मास्क का प्रयोग करें।
- घर को साफ और हवादार रखें।
- ठंडी चीजों और एलर्जी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
- डॉक्टर की सलाह से एंटी-एलर्जिक दवाएं लें।
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मेडिकल कॉलेज के चेस्ट फिजिशियन डॉ. संजीव सिंह के अनुसार लगातार धूल और भूसे के संपर्क में रहने से आईएलडी (इंटरस्टिशियल लंग डिजीज) जैसी फेफड़ों से जुड़ी बीमारी का खतरा भी बढ़ सकता है। खेतों में गेहूं और अन्य रबी फसलों की मड़ाई के दौरान हवा में धूल और भूसा तेजी से फैलता है।
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डॉ. संजीव ने सलाह दी है कि ऐसे मरीज खेतों या धूलभरे स्थानों पर जाने से बचें और बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें।
:: रबी की फसलों की मड़ाई के समय खेतों में काफी धूल और भूसा उड़ता है। इससे आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को दिक्कत होती है। कई बार किसानों को भी खांसी, छींक और सांस लेने में परेशानी होने लगती है। -फूल सिंह यादव।
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:: मड़ाई के दौरान हवा में धूल और भूसे की मात्रा बढ़ जाती है। इससे खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को एलर्जी, खांसी और आंखों में जलन की समस्या होती है। ऐसे में मास्क या कपड़ा बांधकर काम करना पड़ता है, ताकि धूल से बचाव हो सके। - राजेंद्र सिंह
एलर्जिक राइनाइटिस के प्रमुख लक्षण :
- बार-बार छींक आना।
- नाक बहना या नाक बंद होना।
- नाक में खुजली होना।
- आंखों में खुजली, जलन या पानी आना।
- गले में खुजली या खराश।
बचाव के उपाय :
- धूल और धुएं से बचें।
- बाहर जाते समय मास्क का प्रयोग करें।
- घर को साफ और हवादार रखें।
- ठंडी चीजों और एलर्जी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
- डॉक्टर की सलाह से एंटी-एलर्जिक दवाएं लें।

गौसेलमपुर गांव में सरसों की फसल की मड़ाई करता थ्रेशर। संवाद

गौसेलमपुर गांव में सरसों की फसल की मड़ाई करता थ्रेशर। संवाद

गौसेलमपुर गांव में सरसों की फसल की मड़ाई करता थ्रेशर। संवाद