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Kaushambi News: मारपीट का जुर्म कुबूल करने पर तीन पर लगा अर्थदंड
Tue, 09 Apr 2024 08:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 09 Apr 2024 08:03 PM IST
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मारपीट का जुर्म कुबूल करने पर तीन पर लगा अर्थदंड
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपक कुमार जायसवाल ने मारपीट का जुर्म कुबूल करने पर दो अलग-अलग मामलों के तीन आरोपियों को अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की अदायगी नहीं करने पर तीनों को एक-एक महीने के कारावास की सजा सुनाई है। पहली अर्जी मंझनपुर कोतवाली के शरीफपुर निवासी मुन्ना उर्फ मो. शरीफ व उन्नू उर्फ इशरार ने पेश की। दोनों के खिलाफ वर्ष 2012 में मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। करीब 12 वर्ष बीतने के बावजूद पुलिस की ओर से कोर्ट के समक्ष कोई गवाह पेश नहीं किए गए। इससे परेशान होकर दोनों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। इस पर सीजेएम ने दोनों को ढाई-ढाई हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया है। अर्थदंड की अदायगी नहीं किए जाने पर एक-एक माह का कारावास भुगतना पड़ेगा। इसी तरह से कोखराज कोतवाली के कशिया पूरब निवासी नौसे के खिलाफ वर्ष 2016 में मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस की लचर पैरवी के चलते अब तक कोई भी गवाही नहीं हुई। जुर्म कुबूल करने पर कोर्ट ने नौसे को भी डेढ़ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अदालती फैसले के बाद तीनों आरोपियों ने अर्थदंड की रकम कोर्ट में जमा कर दी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपक कुमार जायसवाल ने मारपीट का जुर्म कुबूल करने पर दो अलग-अलग मामलों के तीन आरोपियों को अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की अदायगी नहीं करने पर तीनों को एक-एक महीने के कारावास की सजा सुनाई है। पहली अर्जी मंझनपुर कोतवाली के शरीफपुर निवासी मुन्ना उर्फ मो. शरीफ व उन्नू उर्फ इशरार ने पेश की। दोनों के खिलाफ वर्ष 2012 में मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। करीब 12 वर्ष बीतने के बावजूद पुलिस की ओर से कोर्ट के समक्ष कोई गवाह पेश नहीं किए गए। इससे परेशान होकर दोनों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। इस पर सीजेएम ने दोनों को ढाई-ढाई हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया है। अर्थदंड की अदायगी नहीं किए जाने पर एक-एक माह का कारावास भुगतना पड़ेगा। इसी तरह से कोखराज कोतवाली के कशिया पूरब निवासी नौसे के खिलाफ वर्ष 2016 में मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस की लचर पैरवी के चलते अब तक कोई भी गवाही नहीं हुई। जुर्म कुबूल करने पर कोर्ट ने नौसे को भी डेढ़ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अदालती फैसले के बाद तीनों आरोपियों ने अर्थदंड की रकम कोर्ट में जमा कर दी है।