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जागरूकता की कमी नहीं है बेटियों में
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There is no lack of awareness in the daughters
- फोटो : KAUSHAMBI
जागरूकता की कमी नहीं है बेटियों में
कमला देवी इंका अजुहा में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। बेटियां आज हर क्षेत्र में परचम लहरा रहीं हैं। प्रदेश और केंद्र सरकार बेटियों की सुरक्षा व संरक्षा को लेकर कोई प्रयास नहीं छोड़ रही है। आज जिले की बेटियों में जागरूकता की कमी नहीं है। वह खुद अपने साथ अत्याचार करने वालों को सबके सिखाने में सक्षम है। ये बातें सीओ सिराथू रामवीर सिंह ने मंगलवार को अजुहा स्थित कमला देवी इंटर कॉलेज अजुहा में बालिका जागरूकता कार्यक्रम में कहीं।
सीओ ने छात्राओं को नारी सशक्तिकरण एवं सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। कहाकि छात्राओं को अगर सुरक्षा को लेकर कहीं खतरा महसूस हो रहा हो तो महिला हेल्पलाइन नंबर पर तत्काल फोन कर सहायता प्राप्त कर सकती हैं। महिला हिंसा एवं दहेज उत्पीड़न के लिए 181 नंबर पर, छेड़खानी और मोबाइल से अशिष्ट मैसेज भेजने पर 100 नंबर पर, बालश्रम, भूले भटके बच्चों और बेसहारा बच्चों के मिलने पर 1098 नंबर पर, गंभीर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 108 नंबर पर एवं गर्भवती महिलाओं के प्रसव के लिए 102 नंबर पर फोन कर तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा राष्ट्रीय महिला आयोग के नंबर 1800-180-5220 पर भी फोन कर पीड़ित बालिका या महिला अपनी बात कह सकती है ।
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कमला देवी इंका अजुहा में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। बेटियां आज हर क्षेत्र में परचम लहरा रहीं हैं। प्रदेश और केंद्र सरकार बेटियों की सुरक्षा व संरक्षा को लेकर कोई प्रयास नहीं छोड़ रही है। आज जिले की बेटियों में जागरूकता की कमी नहीं है। वह खुद अपने साथ अत्याचार करने वालों को सबके सिखाने में सक्षम है। ये बातें सीओ सिराथू रामवीर सिंह ने मंगलवार को अजुहा स्थित कमला देवी इंटर कॉलेज अजुहा में बालिका जागरूकता कार्यक्रम में कहीं।
सीओ ने छात्राओं को नारी सशक्तिकरण एवं सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। कहाकि छात्राओं को अगर सुरक्षा को लेकर कहीं खतरा महसूस हो रहा हो तो महिला हेल्पलाइन नंबर पर तत्काल फोन कर सहायता प्राप्त कर सकती हैं। महिला हिंसा एवं दहेज उत्पीड़न के लिए 181 नंबर पर, छेड़खानी और मोबाइल से अशिष्ट मैसेज भेजने पर 100 नंबर पर, बालश्रम, भूले भटके बच्चों और बेसहारा बच्चों के मिलने पर 1098 नंबर पर, गंभीर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 108 नंबर पर एवं गर्भवती महिलाओं के प्रसव के लिए 102 नंबर पर फोन कर तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा राष्ट्रीय महिला आयोग के नंबर 1800-180-5220 पर भी फोन कर पीड़ित बालिका या महिला अपनी बात कह सकती है ।
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