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भीषण शीतलहर से कांपा कौशाम्बी
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Sun, 21 Dec 2014 12:44 AM IST
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मंझनपुर। कौशाम्बी में कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दिनभर कोहरे की गहरी धुंध के कारण धूप नहीं निकली। वहीं शीतलहर से लोग कांपते रहे। धूप नहीं निकलने और शीतलहर के कारण शनिवार को दिन का तापमान भी गिरकर 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं रात में पारा सात डिग्री सेल्सियस के आसपास था। इधर, कोहरे के कारण दिनभर यातायात भी प्रभावित रहा। सड़कों पर जहां वाहन रेंगते दिखे। वहीं ट्रेनें भी कई-कई दूरी से चली। जानलेवा बनी ठंड से 15 दिन में 10 से ज्यादा मौतें भी हो चुकी हैं। फिर भी जिले में अलाव की समुचित व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है। इसके कारण राहगीरों और गरीब दिनभर ठंड से कांपते रहे।
कौशाम्बी में हफ्तेभर पहले हुई बूंदाबांदी के बाद से सर्दी का सितम शुरू हो गया है। शुक्रवार की रात से तो मौसम और भी जानलेवा बना हुआ है। शनिवार को तो दिनभर कोहरे की चादर तनी रही। धूप भी नहीं निकली। इसके साथ ही भीषण शीतलहर का भी प्रकोप रहा। बर्फीली हवाएं गरम कपड़े पहनने के बाद भी जिस्म को भेदती रहीं। मौसम के खराब होने का आलम यह रहा कि दिन में भी पारा आठ डिग्री सेल्सियस गिरकर 12 पर पहुंच गया है। वहीं रात का तापमान भी सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम सात डिग्री सेल्सियस है। कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. अजय कुमार ने बताया कि अभी हफ्तेभर तक मौसम का यही मिजाज बना रहेगा।
साथ ही रात का पारा और गिरने की संभावना उन्होंने जताई है। इधर, दिनभर धूप नहीं निकलने से लोग कांपते रहे। साथ ही जिले में जाड़े की जद में आने से मौत का सिलसिला भी शुरू है। 15 दिन के भीतर ही ठंड की चपेट में आने से 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी अफसर बेफिक्र बने हुए हैं। मंझनपुर, सिराथू, सैनी, करारी, सरायअकिल, कौशाम्बी, पश्चिमशरीरा आदि बाजारों में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। भरवारी, मूरतगंज जहां अलाव जले भी हैं, वहां सिर्फ इसकी खानापूर्ति ही दिखी। साथ ही अभी तक गरीबों को ठंड से बचाने के लिए कंबल भी नहीं बांटे गए हैं। जबकि अलाव और ठंड के लिए शासन की ओर से कौशाम्बी प्रशासन को 15 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई है।
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कौशाम्बी में हफ्तेभर पहले हुई बूंदाबांदी के बाद से सर्दी का सितम शुरू हो गया है। शुक्रवार की रात से तो मौसम और भी जानलेवा बना हुआ है। शनिवार को तो दिनभर कोहरे की चादर तनी रही। धूप भी नहीं निकली। इसके साथ ही भीषण शीतलहर का भी प्रकोप रहा। बर्फीली हवाएं गरम कपड़े पहनने के बाद भी जिस्म को भेदती रहीं। मौसम के खराब होने का आलम यह रहा कि दिन में भी पारा आठ डिग्री सेल्सियस गिरकर 12 पर पहुंच गया है। वहीं रात का तापमान भी सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम सात डिग्री सेल्सियस है। कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. अजय कुमार ने बताया कि अभी हफ्तेभर तक मौसम का यही मिजाज बना रहेगा।
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साथ ही रात का पारा और गिरने की संभावना उन्होंने जताई है। इधर, दिनभर धूप नहीं निकलने से लोग कांपते रहे। साथ ही जिले में जाड़े की जद में आने से मौत का सिलसिला भी शुरू है। 15 दिन के भीतर ही ठंड की चपेट में आने से 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी अफसर बेफिक्र बने हुए हैं। मंझनपुर, सिराथू, सैनी, करारी, सरायअकिल, कौशाम्बी, पश्चिमशरीरा आदि बाजारों में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। भरवारी, मूरतगंज जहां अलाव जले भी हैं, वहां सिर्फ इसकी खानापूर्ति ही दिखी। साथ ही अभी तक गरीबों को ठंड से बचाने के लिए कंबल भी नहीं बांटे गए हैं। जबकि अलाव और ठंड के लिए शासन की ओर से कौशाम्बी प्रशासन को 15 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई है।
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