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Kaushambi News: स्कूल हुआ जर्जर, दर-दर भटक रहे नौनिहाल

Sat, 26 Aug 2023 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Sat, 26 Aug 2023 01:03 AM IST
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The school has become dilapidated, the children are wandering from door to door
मंझनपुर। शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी के बड़े-बड़े दावे करने वाला बेसिक शिक्षा विभाग नौनिहालों को सुरक्षित छत तक नहीं उपलब्ध करा पा रहा है। स्कूल का भवन जर्जर हो जाने के कारण प्राथमिक विद्यालय भगौतापुर के बच्चे दर-दर भटक रहे हैं। पांच साल तक पड़ोस के गांव के स्कूल में पढ़ाई कराई। अब यह भवन भी निष्प्रयोज्य घोषित हुआ तो ढाई किमी दूर भेज दिया गया, लेकिन बच्चों ने जाने से इंकार कर दिया।
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सिराथू ब्लाॅक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भगौतापुर में करीब 80 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें से लगभग 50 फीसदी बच्चों की उपस्थिति स्कूल में रहती है। इस स्कूल का भवन वर्ष 2014 में बना था, लेकिन गुणवत्ता खराब होने के कारण चार साल में ही जर्जर हो गया। इसे निष्प्रयोज्य घोषित करके स्कूल को पड़ोस के गांव कोंडर के प्राथमिक विद्यालय में संचालित किया जाने लगा।
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इस स्कूल की दशा भी बहुत अच्छी नहीं थी। फिर भी करीब पांच साल दोनों विद्यालय एक ही भवन में चलते रहे। इस दौरान अफसरों ने प्राथमिक विद्यालय भगौतापुर के निर्माण के कोई प्रयास नहीं किए। अब खस्ताहाल होने के कारण प्राथमिक विद्यालय कोंडर के भवन को भी निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया है। कोड़र के बच्चों को वहीं पर बने एक कमरे में पढ़ाया जाता है, जबकि भगौतापुर के बच्चों को ठिकाना नहीं मिला। इस पर इन्हें करीब ढाई किमी दूर प्राथमिक विद्यालय तेजवापुर भेज दिया गया।
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शुक्रवार से वहीं पर कक्षाएं चलनी थीं। प्रधानाध्यापक महेंद्र चौधरी समेत अन्य शिक्षक सुबह बच्चों को तेजवापुर ले जाने के लिए प्राथमिक विद्यालय भगौतापुर पहुंचे। करीब 40 बच्चे आए तो लेकिन इनमें से तमाम नौनिहालों दूसरे स्कूल का नाम सुनते ही जाने से इन्कार कर दिया और घर चले गए। कुछ बच्चे तैयार हुए थे उन्हें शिक्षकों ने अपने निजी वाहनों से प्राथमिक विद्यालय तेजवापुर पहुंचाया।

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अभिभावक पहुंचे डीएम के द्वार, लगाई गुहार
मंझनपुर। प्राथमिक स्कूल भगौतापुर में पढ़ने वाले कुछ बच्चों के अभिभावक शुक्रवार को जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां डीएम और बीएसए कार्यालय में ज्ञापन दिया। पंचमलाल, मिथलेश कुमारी, अनीता देवी, उर्मिला देवी ने कहा कि स्कूल जर्जर हुए पांच साल हो गए, लेकिन अफसरों ने नया भवन नहीं बनवाया। हालांकि अधिकारी चाहें तो पड़ोस के गांव चकिया मजरे कैनी में बने आंगनबाड़ी केंद्र में स्कूल चलवा सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। बल्कि ढाई किमी दूर दूसरे स्कूल भेजा जा रहा है। छोटे-छोटे बच्चे इतना लंबा सफर करके स्कूल कैसे जा पाएंगे। संगीता देवी, लालती देवी, बबलू ने कहा कि अफसरों ने दूसरा विकल्प न निकाला गया तो बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।



प्राथमिक विद्यालय भगौतापुर के नए भवन के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। बजट मिलना बाकी है। इसके बाद काम शुरू हो जाएगा। उम्मीद है कि इसी वित्तीय वर्ष में यह भवन तैयार हो जाएगा। तब तक के लिए गांव में ही स्कूल के संचालन का विकल्प खोजने के निर्देश बीईओ को दिए गए हैं।- डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा, बीएसए
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