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Kaushambi News: स्कूल भवन जर्जर... खुले आसमान के नीचे पढ़ाई, बारिश होने पर घर चले जाते हैं बच्चे
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गंगा की तराई में बसे मूरतगंज ब्लॉक के गंगसरी गांव में संचालित प्राइमरी स्कूल का भवन जर्जर है। बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करते हैं। ऐसे में बारिश होने पर बच्चे पढ़ाई छोड़कर स्कूल से घर चले जाते हैं।
दो कमरों में संचालित प्राइमरी स्कूल गंगसरी में कुल 53 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों की पढ़ाई वाले दोनों कक्ष जर्जर होने के बावजूद निष्प्रयोज्य नहीं घोषित किए गए हैं। फिलहाल केवल रसोईं घर को ही निष्प्रयोज घोषित किया गया है। प्रधानाध्यापक राजन ने बताया कि जर्जर कमरे में बच्चों को बैठाकर पढ़ाई करने में हादसे का खतरा बना रहता है। इसलिए उन्हें बरामदे या खुली जगह पर बैठाया जाता है। बारिश होने पर मजबूरन बच्चों को घर जाना पड़ता है। जर्जर भवन की मरम्मत के लिए ग्राम पंचायत सचिव को पत्र लिखा गया है। इसके बाद भी मरम्मत नहीं कराई गई।
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स्कूल विलय में रोड़ा बनी नदी व हाईवे
-- पखवाड़े भर पहले डीएम मधुसूदन हुल्गी ने गंगसरी स्कूल का निरीक्षण किया था। छात्र संख्या कम होने के साथ ही जर्जर भवन में संचालित होने के कारण स्कूल नजदीकी विद्यालय में विलय करने का निर्देश दिया था। लेकिन, आसपास तीन किलोमीटर से पहले कोई दूसरा स्कूल नहीं होने के कारण विलय करने में परेशानी हो रही है। दूसरी बड़ी समस्या हाईवे व नदी भी है। जिस वजह से स्कूल का विलय नहीं हो पा रहा।
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बोलीं अफसर
स्कूल भवन की मरम्मत के लिए बीडीओ को पत्राचार किया गया है। साथ ही प्रधानाध्यापक को मरम्मत नहीं होने तक निष्प्रयोज्य भवन का नोटिस चस्पा कर बच्चों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।-- हिना सिद्दीकी, बीईओ, मूरतगंज
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दो कमरों में संचालित प्राइमरी स्कूल गंगसरी में कुल 53 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों की पढ़ाई वाले दोनों कक्ष जर्जर होने के बावजूद निष्प्रयोज्य नहीं घोषित किए गए हैं। फिलहाल केवल रसोईं घर को ही निष्प्रयोज घोषित किया गया है। प्रधानाध्यापक राजन ने बताया कि जर्जर कमरे में बच्चों को बैठाकर पढ़ाई करने में हादसे का खतरा बना रहता है। इसलिए उन्हें बरामदे या खुली जगह पर बैठाया जाता है। बारिश होने पर मजबूरन बच्चों को घर जाना पड़ता है। जर्जर भवन की मरम्मत के लिए ग्राम पंचायत सचिव को पत्र लिखा गया है। इसके बाद भी मरम्मत नहीं कराई गई।
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स्कूल विलय में रोड़ा बनी नदी व हाईवे
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बोलीं अफसर
स्कूल भवन की मरम्मत के लिए बीडीओ को पत्राचार किया गया है। साथ ही प्रधानाध्यापक को मरम्मत नहीं होने तक निष्प्रयोज्य भवन का नोटिस चस्पा कर बच्चों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।