{"_id":"5cb4d5d2bdec221464538972","slug":"the-people-of-bunda-will-not-vote","type":"story","status":"publish","title_hn":"बूंदा के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का किया एलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बूंदा के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का किया एलान
Tue, 16 Apr 2019 12:35 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Tue, 16 Apr 2019 12:35 AM IST
विज्ञापन
चायल। नेवादा ब्लॉक के बूंदा गांव में दक्षिण थोक स्थित सौ घरों की दलित बस्ती है। बस्ती वालों का कहना है कि मुख्य मार्ग को जाने वाली गांव की सड़क बदहाल है। दिन में किसी तरह काम चल जाता है। पर,, रात के समय चलना मुश्किल हो जाता है। सड़क में लगभग दो-दो फिट के गड्ढे हो गए हैं। बारिश के दिनों में सड़क से गुजरना जान जोखिम में डालने सरीखा होता है। बेटी को विदा करने के लिए दो किलोमीटर तक पैदल जाकर वाहन पकड़ना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि बस्ती में एक तालाब है। जिसके पानी निकासी के लिए कोई रास्ता नहीं है। बारिश के दिनों में तालाब का पानी भर जाता है। तालाब का पानी घुसने से कच्चे घर जमींदोज हो जाते हैं। इसकी शिकायत जनप्रतिनिधियों समेत अधिकारियों से की गई। लेकिन, आज तक दलित बस्ती के सड़क की मरम्मत नहीं हो सकी है। इससे नाराज ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव में मतदान नहीं करने की धमकी दी है। गांव के रामचंद्र, मंगल, मैकू, बुदुन, कुल्लू, लालचंद्र, रामचंद्र, रामबाबू, हरिलाल, शिवलाल, सूरजपाल, राकेश दिवाकर, रामलौटन, केशबाबू और बृजेश आदि ने इसे लेकर डीएम को शिकायती पत्र भी दिया है। चेतावनी दी है कि सड़क निर्माण से पहले वह किसी भी प्रत्याशी को प्रचार के लिए गांव में घुसने भी नहीं देंगे।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि बस्ती में एक तालाब है। जिसके पानी निकासी के लिए कोई रास्ता नहीं है। बारिश के दिनों में तालाब का पानी भर जाता है। तालाब का पानी घुसने से कच्चे घर जमींदोज हो जाते हैं। इसकी शिकायत जनप्रतिनिधियों समेत अधिकारियों से की गई। लेकिन, आज तक दलित बस्ती के सड़क की मरम्मत नहीं हो सकी है। इससे नाराज ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव में मतदान नहीं करने की धमकी दी है। गांव के रामचंद्र, मंगल, मैकू, बुदुन, कुल्लू, लालचंद्र, रामचंद्र, रामबाबू, हरिलाल, शिवलाल, सूरजपाल, राकेश दिवाकर, रामलौटन, केशबाबू और बृजेश आदि ने इसे लेकर डीएम को शिकायती पत्र भी दिया है। चेतावनी दी है कि सड़क निर्माण से पहले वह किसी भी प्रत्याशी को प्रचार के लिए गांव में घुसने भी नहीं देंगे।
विज्ञापन