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दोआबा में लू लगने से महिला की गई जान
अमर उजाला ब्यूरो, काैश्ाांबी
Updated Thu, 04 Jun 2015 12:31 AM IST
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मंझनपुर। गर्म हवाओं के थपेड़ों ने बुधवार सुबह चायल के शेखपुर रसूलपुर गांव की एक महिला की जान ले ली। दोपहर बकरी चराकर घर लौटते ही अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई थी।
कौशाम्बी में इस बार रिकार्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। 15 दिनों से तो दिन का तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना है। सुबह से ही चटकने वाली तीखी धूप और दिन भर चलने वाली लू जानलेवा बनी है। इसी लू की चपेट में आने से बुधवार को चायल तहसील क्षेत्र के शेखपुर रसूलपुर गांव की रहने वाली बिस्ती देवी (50) पत्नी कल्लू की मौत हो गई। बता दें कि अब तक लू और गर्मी के कारण जिले में आधा दर्जन से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं।
गर्मी का आलम यह है कि सुबह नौ बजे से ही आसमान से ऐसी धूप चटकने लगती है जैसे आग बरस रही हो। दिन भर गर्म हवा के थपेड़े भी बदन झुलसाते रहते हैं। इससे लोगों का पल भर भी खुले आसमान के नीचे खड़े होना मुश्किल है। रात में भी गर्मी का कहर कम नहीं हो रहा है। कमरे तो दिन-रात धधकते रहते हैं। इस कारण पंखे से भी गर्म हवा ही निकलती है। कूलर भी कमरों को ठंडा नहीं कर पा रहे हैं। बिजली की अंधाधुंध कटौती भी जानलेवा बनी है। दिन-रात हो रही कटौती के कारण लोगों को जहां दिन में राहत नहीं मिल पा रही है वहीं रात में लोगों का सोना मुश्किल हुआ है।
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कौशाम्बी में इस बार रिकार्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। 15 दिनों से तो दिन का तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना है। सुबह से ही चटकने वाली तीखी धूप और दिन भर चलने वाली लू जानलेवा बनी है। इसी लू की चपेट में आने से बुधवार को चायल तहसील क्षेत्र के शेखपुर रसूलपुर गांव की रहने वाली बिस्ती देवी (50) पत्नी कल्लू की मौत हो गई। बता दें कि अब तक लू और गर्मी के कारण जिले में आधा दर्जन से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं।
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गर्मी का आलम यह है कि सुबह नौ बजे से ही आसमान से ऐसी धूप चटकने लगती है जैसे आग बरस रही हो। दिन भर गर्म हवा के थपेड़े भी बदन झुलसाते रहते हैं। इससे लोगों का पल भर भी खुले आसमान के नीचे खड़े होना मुश्किल है। रात में भी गर्मी का कहर कम नहीं हो रहा है। कमरे तो दिन-रात धधकते रहते हैं। इस कारण पंखे से भी गर्म हवा ही निकलती है। कूलर भी कमरों को ठंडा नहीं कर पा रहे हैं। बिजली की अंधाधुंध कटौती भी जानलेवा बनी है। दिन-रात हो रही कटौती के कारण लोगों को जहां दिन में राहत नहीं मिल पा रही है वहीं रात में लोगों का सोना मुश्किल हुआ है।
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