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33 साल से साधु बनकर पुलिस को चकमा दे रहा था हत्यारोपी, गिरफ्तार
Thu, 12 Aug 2021 07:31 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कौशाम्बी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशाम्बी
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 12 Aug 2021 07:31 PM IST
सार
कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 1988 में एक व्यक्ति पर कातिलाना हमला किया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में सोधिया गांव के बजरंग सिंह का नाम प्रकाश में आया था।
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The killer was dodging the police by becoming a monk for 33 years, arrested
- फोटो : KAUSHAMBI
विस्तार
बारा। हत्या, अवैध शस्त्र रखने सहित कई संगीन वारदातों को अंजाम देने के बाद सोधिंया गांव का बजरंग सिंह साधु बन गया था। 33 साल से पुलिस को उसकी तलाश थी। मंगलवार को मालूम चला कि बजरंग साधु बन गया और इन दिनों शीतला धाम में रहता है। सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को उसे जेल भेज दिया गया।
कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 1988 में एक व्यक्ति पर कातिलाना हमला किया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में सोधिया गांव के बजरंग सिंह का नाम प्रकाश में आया था। पुलिस ने उसके पास से अवैध असलहा भी बरामद किया। इससे पहले भी बजरंग के खिलाफ वर्ष 1987 में एक हत्या सहित डकैती का एक केस दर्ज हुआ था। जमानत पर छूटने के बाद बजरंग लापता हो गया था। कोर्ट की ओर से उसके खिलाफ वारंट जारी हुआ था।
पुलिस की तमाम कोशिश के बाद भी बजरंग पकड़ा नहीं जा रहा था। पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार उसे मृत मान लिया गया था। इस बीच मंगलवार को कौशम्बी कोतवाली के उपनिरीक्षक केके यादव को मुखबिर से पता चला कि बजरंग साधु बन गया। वह इन दिनों शीतला धाम में रहता है। इस पर उन्होंने हमराही सिपाही गोविंद शर्मा के साथ छापा मारकर उसे पकड़ लिया। उसने अपना नाम पता कुबूल कर लिया है। बताया कि पुलिस से बचने के लिए वह वेश बदल कर शीतला धाम में रह रहा था। बुधवार को बजरंग के खिलाफ लिखापढ़ी करके चालान कर दिया गया। जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया।
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कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 1988 में एक व्यक्ति पर कातिलाना हमला किया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में सोधिया गांव के बजरंग सिंह का नाम प्रकाश में आया था। पुलिस ने उसके पास से अवैध असलहा भी बरामद किया। इससे पहले भी बजरंग के खिलाफ वर्ष 1987 में एक हत्या सहित डकैती का एक केस दर्ज हुआ था। जमानत पर छूटने के बाद बजरंग लापता हो गया था। कोर्ट की ओर से उसके खिलाफ वारंट जारी हुआ था।
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पुलिस की तमाम कोशिश के बाद भी बजरंग पकड़ा नहीं जा रहा था। पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार उसे मृत मान लिया गया था। इस बीच मंगलवार को कौशम्बी कोतवाली के उपनिरीक्षक केके यादव को मुखबिर से पता चला कि बजरंग साधु बन गया। वह इन दिनों शीतला धाम में रहता है। इस पर उन्होंने हमराही सिपाही गोविंद शर्मा के साथ छापा मारकर उसे पकड़ लिया। उसने अपना नाम पता कुबूल कर लिया है। बताया कि पुलिस से बचने के लिए वह वेश बदल कर शीतला धाम में रह रहा था। बुधवार को बजरंग के खिलाफ लिखापढ़ी करके चालान कर दिया गया। जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया।
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