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Kaushambi News: शादी से पहले उजड़ा घर... दूसरे दिन भी गूंजती रहीं परिजनों की चीखें
Tue, 14 Apr 2026 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 14 Apr 2026 01:09 AM IST
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घर पर रोती-बिलखती महिलाएं। संवाद
सैनी कोतवाली क्षेत्र के भोला चौराहे के पास हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले पुष्पेंद्र यादव के घर सोमवार को भी परिजनों के चीत्कार से क्षेत्र में गम का माहौल रहा। पुष्पेंद्र की 20 अप्रैल को शादी तय थी। घर में तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, कार्ड बंट चुके थे और अंतिम तैयारियां चल रही थीं। लेकिन इस हादसे ने एक पल में सारी खुशियों को मातम में बदल दिया।
सबसे भावुक क्षण तब आया जब पुष्पेंद्र की मंगेतर भी शव देखने पहुंची और बेसुध हो गई। परिजनों ने किसी तरह उसे संभाला। रविवार रात करीब 8:30 बजे ड्यूटी से लौटते समय पुष्पेंद्र की बाइक को तेज रफ्तार ट्राला ने टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
पुष्पेंद्र सिराथू स्थित रेलवे लाइन के पावर हाउस में ऑपरेटर पद पर संविदा कर्मी के रूप में कार्यरत थे। सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों की चीत्कार से सबकी आंखे नम हो गईं। मां ज्ञानमती बेटे के गम में बेसुध हो गईं, जबकि पिता रामचंद्र और भाई देवेंद्र सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल रहा। शाम करीब पांच बजे पुष्पेंद्र का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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सबसे भावुक क्षण तब आया जब पुष्पेंद्र की मंगेतर भी शव देखने पहुंची और बेसुध हो गई। परिजनों ने किसी तरह उसे संभाला। रविवार रात करीब 8:30 बजे ड्यूटी से लौटते समय पुष्पेंद्र की बाइक को तेज रफ्तार ट्राला ने टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
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पुष्पेंद्र सिराथू स्थित रेलवे लाइन के पावर हाउस में ऑपरेटर पद पर संविदा कर्मी के रूप में कार्यरत थे। सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों की चीत्कार से सबकी आंखे नम हो गईं। मां ज्ञानमती बेटे के गम में बेसुध हो गईं, जबकि पिता रामचंद्र और भाई देवेंद्र सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल रहा। शाम करीब पांच बजे पुष्पेंद्र का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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