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Kaushambi News: जेल में जमा हुआ अर्थदंड, रिहा किया गया गैर इरादतन हत्या का बंदी
Tue, 22 Jul 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 22 Jul 2025 01:00 AM IST
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मंझनपुर। गैर इरादतन हत्या के आरोप में सिद्ध दोष बंदी की कारावास सजा पूरी होने के बाद अर्थदंड जमा होने पर सोमवार को उसे रिहा कर दिया गया। अपर जिला जज प्रथम की अदालत ने अक्तूबर 2024 में उसे छह वर्ष साधारण कारावास व 21 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
जेल अधीक्षक अजितेश कुमार के मुताबिक पूामुफ्ती क्षेत्र के मोहिद्दीनपुर गौस निवासी चंदन के खिलाफ वर्ष 2019 में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लंबे समय तक जेल में निरुद्ध रहने के बाद वह जमानत पर रिहा हुआ। 14 अक्तूबर 2024 को एडीजे प्रथम की अदालत ने उसे छह वर्ष साधारण कारावास व 21 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न जमा करने पर तीन माह 15 दिन अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल में बिताई गई सारी अवधि को जोड़ते हुए 10 जुलाई को उसकी कारावास की सजा पूरी हो गई। जबकि, अर्थदंड न जमा होने की स्थिति में वह अतिरिक्त सजा काट रहा था। जानकारी होने पर स्वयंसेवी संस्था रिद्धि-सिद्धि फाउंडेशन के अध्यक्ष की ओर से अर्थदंड की राशि जेल में जमा करा दी गई। नतीजतन, चंदन को सोमवार को जेल से रिहा कर दिया गया है। अर्थदंड की धनराशि ट्रेजरी के माध्यम से अदालत के खाते में भेज दी जाएगी।
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जेल अधीक्षक अजितेश कुमार के मुताबिक पूामुफ्ती क्षेत्र के मोहिद्दीनपुर गौस निवासी चंदन के खिलाफ वर्ष 2019 में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लंबे समय तक जेल में निरुद्ध रहने के बाद वह जमानत पर रिहा हुआ। 14 अक्तूबर 2024 को एडीजे प्रथम की अदालत ने उसे छह वर्ष साधारण कारावास व 21 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न जमा करने पर तीन माह 15 दिन अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल में बिताई गई सारी अवधि को जोड़ते हुए 10 जुलाई को उसकी कारावास की सजा पूरी हो गई। जबकि, अर्थदंड न जमा होने की स्थिति में वह अतिरिक्त सजा काट रहा था। जानकारी होने पर स्वयंसेवी संस्था रिद्धि-सिद्धि फाउंडेशन के अध्यक्ष की ओर से अर्थदंड की राशि जेल में जमा करा दी गई। नतीजतन, चंदन को सोमवार को जेल से रिहा कर दिया गया है। अर्थदंड की धनराशि ट्रेजरी के माध्यम से अदालत के खाते में भेज दी जाएगी।
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