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Kaushambi News: शुभारंभ के 15 दिन के भीतर टपकने लगी डिजिटल लाइब्रेरी की छत
Tue, 13 Oct 2026 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 13 Oct 2026 12:45 AM IST
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छात्र अंकुश यादव, पुनवार
सरसवां ब्लॉक के पुनवार पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी की अव्यवस्थाएं सामने आईं हैं। 25 सितंबर को शुरू हुई 25 सीटों वाली लाइब्रेरी में 22 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया है। विद्यार्थी नियमित रूप से पढ़ाई करने पहुंच रहे हैं लेकिन यहां पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। शुभारंभ के 15 दिन के भीतर ही छत टपकने की शिकायत भी सामने आई है।
वर्ष 2010 में बने पंचायत भवन का मरम्मतीकरण कर उसमें डिजिटल लाइब्रेरी बनाई गई है। हालांकि जरूरी सुविधाओं के बिना ही इसका संचालन शुरू कर दिया गया। पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी होती है। शौचालय के नाम पर एक छोटा कमरा बना है। उसमें न दरवाजा है और न ही पानी की सुविधा है, जिससे छात्राओं को अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिले के छह विकासखंडों की 103 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जा रही हैं।
छात्रा रूमा तिवारी और प्रीति यादव ने बताया कि लाइब्रेरी में किताबें तो उपलब्ध हैं लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जरूरी पुस्तकें नहीं हैं। इंटरनेट भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। नेटवर्क की समस्या के कारण ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित होती है।
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-- -- -- वर्जन-- -- -- --
:: बारिश होने पर लाइब्रेरी की छत टपकती है, जिससे किताबें और सीटें भीग जाती हैं। इससे भवन की मजबूती पर भी सवाल उठ रहे हैं। - छात्र अंकुश यादव, पुनवार
:: लाइब्रेरी में पेयजल और शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है। इससे हम लोगों को पानी व शौचालय के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। - छात्र नवनीत सिंह, स्थानीय निवासी
:: जिले में 103 डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जा रही हैं। कुछ ग्राम पंचायतों के ज्यादा जर्जर होने की वजह से उनमें समस्या आ रही है। इसके साथ अन्य जो पानी व शौचालय की समस्या है उसे भी दुरूस्त कराया गया जाएगा। - अनिल कुमार सिंह, डीपीआरओ
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वर्ष 2010 में बने पंचायत भवन का मरम्मतीकरण कर उसमें डिजिटल लाइब्रेरी बनाई गई है। हालांकि जरूरी सुविधाओं के बिना ही इसका संचालन शुरू कर दिया गया। पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी होती है। शौचालय के नाम पर एक छोटा कमरा बना है। उसमें न दरवाजा है और न ही पानी की सुविधा है, जिससे छात्राओं को अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिले के छह विकासखंडों की 103 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जा रही हैं।
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छात्रा रूमा तिवारी और प्रीति यादव ने बताया कि लाइब्रेरी में किताबें तो उपलब्ध हैं लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जरूरी पुस्तकें नहीं हैं। इंटरनेट भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। नेटवर्क की समस्या के कारण ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित होती है।
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:: बारिश होने पर लाइब्रेरी की छत टपकती है, जिससे किताबें और सीटें भीग जाती हैं। इससे भवन की मजबूती पर भी सवाल उठ रहे हैं। - छात्र अंकुश यादव, पुनवार
:: लाइब्रेरी में पेयजल और शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है। इससे हम लोगों को पानी व शौचालय के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। - छात्र नवनीत सिंह, स्थानीय निवासी
:: जिले में 103 डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जा रही हैं। कुछ ग्राम पंचायतों के ज्यादा जर्जर होने की वजह से उनमें समस्या आ रही है। इसके साथ अन्य जो पानी व शौचालय की समस्या है उसे भी दुरूस्त कराया गया जाएगा। - अनिल कुमार सिंह, डीपीआरओ

छात्र अंकुश यादव, पुनवार

छात्र अंकुश यादव, पुनवार

छात्र अंकुश यादव, पुनवार