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Kaushambi News: जिला अस्पताल में ही रुकनी चाहिए सीएचसी से गर्भवती को लेकर निकली एंबुलेंस
Sun, 17 Sep 2023 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 17 Sep 2023 01:23 AM IST
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सीएमओ कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में बोलते सीएमओ संवाद
मंझनपुर। सीएचसी से रेफर हुई गर्भवती महिलाओं को लेकर निकली एंबुलेंस सीधे जिला अस्पताल में ही रुकनी चाहिए। बीच रास्ते में एंबुलेंस रुकी या कमीशन के चक्कर में गर्भवती को निजी नर्सिंग होम पहुंचाया गया तो यह बर्दाश्त नहीं होगा। सीडीओ डॉ. रवि किशोर त्रिवेदी ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में चिकित्साधिकारियों को दिए।
सीएमओ ऑफिस में शनिवार को हुई बैठक में सीडीओ ने टीकाकरण, पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने आदि कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा की। स्वास्थ्य केंद्रों से रेफर हुई गर्भवती महिलाओं को निजी नर्सिंग होम ले जाने की मिल रही शिकायतों को लेकर सीडीओ खास सख्त दिखे। उन्होंने कहा कि जब कोई गर्भवती सीएचसी से रेफर हो तो चिकित्साधिकारी खुद एंबुलेंस बुलाकर उसे बैठाएं। यह महिलाएं सीधे जिला अस्पताल पहुंचे, इसकी जिम्मेदारी चिकित्साधिकारियों की भी होगी। टीकाकरण में तेजी लाने, जननी सुरक्षा योजना के तहत शतप्रतिशत भुगतान कराने, नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उन्हें बताया गया कि अगस्त में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 2747 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। इसमें से 215 अति जोखिमग्रस्त मिलीं। बैठक में सीएमओ डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके शुक्ला, डिप्टी सीएमओ डॉ. एचपी मणि आदि मौजूद रहे।
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सीएमओ ऑफिस में शनिवार को हुई बैठक में सीडीओ ने टीकाकरण, पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने आदि कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा की। स्वास्थ्य केंद्रों से रेफर हुई गर्भवती महिलाओं को निजी नर्सिंग होम ले जाने की मिल रही शिकायतों को लेकर सीडीओ खास सख्त दिखे। उन्होंने कहा कि जब कोई गर्भवती सीएचसी से रेफर हो तो चिकित्साधिकारी खुद एंबुलेंस बुलाकर उसे बैठाएं। यह महिलाएं सीधे जिला अस्पताल पहुंचे, इसकी जिम्मेदारी चिकित्साधिकारियों की भी होगी। टीकाकरण में तेजी लाने, जननी सुरक्षा योजना के तहत शतप्रतिशत भुगतान कराने, नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उन्हें बताया गया कि अगस्त में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 2747 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। इसमें से 215 अति जोखिमग्रस्त मिलीं। बैठक में सीएमओ डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके शुक्ला, डिप्टी सीएमओ डॉ. एचपी मणि आदि मौजूद रहे।
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