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अब बच्चों के साथ ही अभिभावकों को भी जागरूक करेंगे शिक्षक
Sun, 16 Dec 2018 12:44 AM IST
shailendra Kumar
kaushambi
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Published by: shailendra Kumar
Updated Sun, 16 Dec 2018 12:44 AM IST
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मंझनपुर। केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं से लोगों को शत-प्रतिशत लाभान्वित कराने के लिए सरकार ने अनोखा प्रयोग किया है। इसके लिए सरकार ने परिषदीय स्कूलों में अभिभावक पटल स्थापित कराने का फरमान जारी किया है। यह व्यवस्था जिले के सभी 1456 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में लागू की जाएगी। बीएसए ने इस बाबत खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है।
गोंडा जनपद में परिषदीय विद्यालयों को समुदाय से जोड़ने का अभिनव प्रयास पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है।
शिक्षा निदेशक (बेसिक) डॉ सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा कि अभी तक समुदाय को विद्यालय की गतिविधियों से जोड़ने के लिए केवल शिक्षक-अभिभावक संघ का गठन किया जा रहा है। इससे अभिभावकों तथा समुदाय को उनके बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक करने भर का काम होता है। दैनिक जीवन चर्या, सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियाें के सरोकार को तरजीह नहीं मिलती है। ऐसे में जागरूकता के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र के लोग सरकार की योजनाओं, अपने अधिकारों से वंचित हो जाते हैं। इसलिए अब परिषदीय स्कूलों में अभिभावक पटल (पैरेंट्स काउंटर) स्थापित करने की योजना बनाई गई है। पटल के जरिए विभिन्न संस्थाओं/सरकार द्वारा संचालित लाभकारी योजनाओं की जानकारी भी स्कूल परिसर में ही उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
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गोंडा जनपद में परिषदीय विद्यालयों को समुदाय से जोड़ने का अभिनव प्रयास पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है।
शिक्षा निदेशक (बेसिक) डॉ सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा कि अभी तक समुदाय को विद्यालय की गतिविधियों से जोड़ने के लिए केवल शिक्षक-अभिभावक संघ का गठन किया जा रहा है। इससे अभिभावकों तथा समुदाय को उनके बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक करने भर का काम होता है। दैनिक जीवन चर्या, सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियाें के सरोकार को तरजीह नहीं मिलती है। ऐसे में जागरूकता के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र के लोग सरकार की योजनाओं, अपने अधिकारों से वंचित हो जाते हैं। इसलिए अब परिषदीय स्कूलों में अभिभावक पटल (पैरेंट्स काउंटर) स्थापित करने की योजना बनाई गई है। पटल के जरिए विभिन्न संस्थाओं/सरकार द्वारा संचालित लाभकारी योजनाओं की जानकारी भी स्कूल परिसर में ही उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
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