{"_id":"a7b3732604a553a591d09f47dc683b04","slug":"taxi-union-presidency-resembled-un-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टैक्सी यूनियन में अध्यक्ष पद को लेकर मची रार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टैक्सी यूनियन में अध्यक्ष पद को लेकर मची रार
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Tue, 28 Jul 2015 01:16 AM IST
विज्ञापन
मंझनपुर (ब्यूरो)। दोआबा के टेंपो-टैक्सी यूनियन में अध्यक्ष पद को लेकर रार मच गई है। दो व्यक्ति खुद को संगठन का जिलाध्यक्ष बता रहे हैं। रविवार को एक पक्ष ने मंझनपुर में मीडिया से रूबरू होकर दूसरे जिलाध्यक्ष को फर्जी बताया। उनके ऊपर चालकों से जबरन वसूली का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत एसपी से भी की।
बता दें कि जिले में टेंपो, टैक्सी विक्रम ड्राइवर एवं क्लीनर यूनियन नाम का एक संगठन है। मंझनपुर कस्बे के नसीम और इलाहाबाद नीमसराय के मोहम्मद वैश खुद को इसका अध्यक्ष बताते हैं। नसीम ने जहां रविवार को संगठन की बैठक कर टेंपो चालकों को पहचानपत्र बांटा था वहीं उन्होंने टेंपो चालकों से रंगदारी वसूलने के मामले में दो लोगों के खिलाफ मंझनपुर कोतवाली में तहरीर भी दी थी। एक दिन बाद ही सोमवार को मोहम्मद वैश ने मंझनपुर मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने खुद को जिलाध्यक्ष बताया।
कहाकि नसीम पहले उन्हीं के संगठन के पदाधिकारी थे। संगठन विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने की वजह से उन्हें यूनियन से निकाल दिया गया है। आरोप लगाया कि अब वह निष्कासित किए गए कुछ अन्य सदस्यों से मिलकर खुद को फर्जी तरीके से अध्यक्ष बता चालकों से वसूली करते रहते हैं। मोहम्मद वैश ने संगठन के अन्य पदाधिकारियों के साथ एसपी से मिलकर इसकी शिकायत भी की। इधर, नसीम ने भी वैश पर ऐसे ही आरोप लगाए हैं। संगठन में फाड़ को लेकर चालक और खलासी खासे परेशान हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वे किसे अध्यक्ष मानें और किसका साथ दें।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि जिले में टेंपो, टैक्सी विक्रम ड्राइवर एवं क्लीनर यूनियन नाम का एक संगठन है। मंझनपुर कस्बे के नसीम और इलाहाबाद नीमसराय के मोहम्मद वैश खुद को इसका अध्यक्ष बताते हैं। नसीम ने जहां रविवार को संगठन की बैठक कर टेंपो चालकों को पहचानपत्र बांटा था वहीं उन्होंने टेंपो चालकों से रंगदारी वसूलने के मामले में दो लोगों के खिलाफ मंझनपुर कोतवाली में तहरीर भी दी थी। एक दिन बाद ही सोमवार को मोहम्मद वैश ने मंझनपुर मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने खुद को जिलाध्यक्ष बताया।
विज्ञापन
कहाकि नसीम पहले उन्हीं के संगठन के पदाधिकारी थे। संगठन विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने की वजह से उन्हें यूनियन से निकाल दिया गया है। आरोप लगाया कि अब वह निष्कासित किए गए कुछ अन्य सदस्यों से मिलकर खुद को फर्जी तरीके से अध्यक्ष बता चालकों से वसूली करते रहते हैं। मोहम्मद वैश ने संगठन के अन्य पदाधिकारियों के साथ एसपी से मिलकर इसकी शिकायत भी की। इधर, नसीम ने भी वैश पर ऐसे ही आरोप लगाए हैं। संगठन में फाड़ को लेकर चालक और खलासी खासे परेशान हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वे किसे अध्यक्ष मानें और किसका साथ दें।
विज्ञापन