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Kaushambi News: लावारिस पशु और नीलगाय फसल को कर रहे बर्बाद
Mon, 29 Dec 2025 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 29 Dec 2025 01:44 AM IST
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नेवादा ब्लाक के तिल्हापुर और जवई गांव के बीच गेहूं की फसल चरते छुट्टा पशु
क्षेत्र के कई गांवों में नीलगाय व लावारिस पशुओं से किसान परेशान हैं। पलक झपकते ही यह पशु फसलों को खराब कर रहे हैं। ऐसे में किसान कड़ाके की ठंड और कोहरे में फसलों की रखवाली करने को मजबूर हैं।
मौसम की मार और जिम्मेदारों की बेरुखी की दोहरी मार झेलते आ रहे किसानों की कमर लावारिस पशुओं व नीलगायों ने तोड़कर दी है। गेहूं, चना, मटर व अन्य फसलों को दिन में लावारिस पशु तो शाम ढलते ही नीलगाय रौंदकर नष्ट कर रहे हैं।
ब्लाॅक के तिल्हापुर, दुर्गापुर, जैतपुर पूरे हजारी, रुसहाई, सेंवथा, पिपरहटा, उमरवल, औधन और ब्यूर आदि गांवों में नीलगाय का आतंक चरम पर है। कुछ गांवों में लावारिस पशु भी हैं, जिनसे किसानों की चना, मटर व गेहूं आदि की फसल बर्बाद हो रही है।
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कोट
नीलगायों के आतंक से परेशान हैं। रात के अंधेरे में नीलगाय झुंड में आकर खेतों में घुस जाते हैं और फसलों को चरने के बाद रौंदकर नष्ट कर देते हैं। - रामसजीवन
जानवरों की नष्ट फसल का बीमा क्लेम मिलना चाहिए। इससे किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और खून पसीना की मेहनत से तैयार फसल नष्ट होने पर मरहम लग पाएगा। -विपिन कुमार
आसपास गांवों के कुछ पशुपालक बछड़ों और बांझपन की शिकार गोवंश को छोड़ देते हैं। यही पशु झुंड बनाकर किसानों की फसलों को नष्ट करते रहते हैं।-अजीत सिंह
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मौसम की मार और जिम्मेदारों की बेरुखी की दोहरी मार झेलते आ रहे किसानों की कमर लावारिस पशुओं व नीलगायों ने तोड़कर दी है। गेहूं, चना, मटर व अन्य फसलों को दिन में लावारिस पशु तो शाम ढलते ही नीलगाय रौंदकर नष्ट कर रहे हैं।
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ब्लाॅक के तिल्हापुर, दुर्गापुर, जैतपुर पूरे हजारी, रुसहाई, सेंवथा, पिपरहटा, उमरवल, औधन और ब्यूर आदि गांवों में नीलगाय का आतंक चरम पर है। कुछ गांवों में लावारिस पशु भी हैं, जिनसे किसानों की चना, मटर व गेहूं आदि की फसल बर्बाद हो रही है।
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कोट
नीलगायों के आतंक से परेशान हैं। रात के अंधेरे में नीलगाय झुंड में आकर खेतों में घुस जाते हैं और फसलों को चरने के बाद रौंदकर नष्ट कर देते हैं। - रामसजीवन
जानवरों की नष्ट फसल का बीमा क्लेम मिलना चाहिए। इससे किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और खून पसीना की मेहनत से तैयार फसल नष्ट होने पर मरहम लग पाएगा। -विपिन कुमार
आसपास गांवों के कुछ पशुपालक बछड़ों और बांझपन की शिकार गोवंश को छोड़ देते हैं। यही पशु झुंड बनाकर किसानों की फसलों को नष्ट करते रहते हैं।-अजीत सिंह

नेवादा ब्लाक के तिल्हापुर और जवई गांव के बीच गेहूं की फसल चरते छुट्टा पशु

नेवादा ब्लाक के तिल्हापुर और जवई गांव के बीच गेहूं की फसल चरते छुट्टा पशु