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चक्रवाती तूफान का कहर, दो की मौत दर्जन भर गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sat, 26 May 2018 12:41 AM IST
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कौशाम्बी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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मंझनपुर (ब्यूरो)। गुरुवार की रात आए चक्रवाती तूफान से ढहे कच्चे मकान के मलबे में दबकर अलग-अलग स्थानों पर दो लोगों की मौत हो गई। मलबे में दबने से दर्जन भर लोग जख्मी हो गए। करारी इलाके में पशुबाड़ा गिरने से दो भैंसों की मौत हुई। तूफान से सैकड़ों पेड़ उखड़कर धराशायी हो गए। बरसात के साथ ओले गिरने से सैकड़ों बीघा खेत में खड़ी केला व दलहन की फसलें नष्ट हो गई।
हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों के घरों के छप्पर-छावनी व टिनशेड उड़ गए। तूफान के कहर से सबसे ज्यादा मंझनपुर और चायल तहसील का इलाका प्रभावित हुआ हैै। मंझनपुर तहसील के पवांरा गांव में कच्चे मकान की दीवार ढहने से सीताराम (48) पुत्र मंगलदास की मौत हो गई। इसी तहसील के गढ़वा गांव शेखन के ऊपर बिजली का पोल टूटकर गिर गिया। हादसे में शेखन की भी मौत हो गई। चायल तहसील के मोहम्मदपुर की रेहाना बेगम पत्नी रजाबक्श घर के बाहर बरामदे में सो रही थीं। तूफान के दौरान दीवार गिरने से उन्हें गंभीर चोट आई। करारी के थांबा अलावलपुर निवासी पन्नालाल की पशुशाला भी तूफान की भेंट चढ़ गयी। बाड़े में बंधी उसकी दो भैंस मर गईं। इसके अलावा तरना गांव के रामनेवाज अपने बेटे बिहारी लाल, बेटी शकुंतला, दामाद भीम सिंह व दो बच्चों के साथ घर के अंदर सो रहा था। बरसात और तेज हवाओं की वजह से उसका मकान ढह गया। हादसे में सभी को गंभीर चोट आई। रामनेवाज की हालत नाजुक बनी हुई है।
जोगापुर गांव के रामसवांरे के ऊपर पेड़ की डाल गिर गई। जिससे उसका सिर फट गया है। करारी के नेतानगर मोहल्ले में ज्ञानमती पत्नी राजू दिवाकर घर के आंगन में सो रही थी। इस दौरान टीनशेड गिरने से उसका पैर कट गया। इसके अलावा तूफान की वजह से जिले के दो तिहाई हिस्सों में लगभग डेढ़ हजार बिजली के पोल उखड़ गए। तार भी जहां-तहां टूट गए। इससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मुख्यालय के आधे हिस्से में तकरीबन 16 घंटे बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी, लेकिन गांव के हालात सुधरने में करीब सप्ताह भर का वक्त लग सकता है। बड़ी संख्या में पेड़ भी उखड़ गए हैं। इससे सड़क यातायात भी प्रभावित रहा। सराय अकिल इलाके में केला और पश्चिम शरीरा क्षेत्र में उर्द और मूंग की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है।
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हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों के घरों के छप्पर-छावनी व टिनशेड उड़ गए। तूफान के कहर से सबसे ज्यादा मंझनपुर और चायल तहसील का इलाका प्रभावित हुआ हैै। मंझनपुर तहसील के पवांरा गांव में कच्चे मकान की दीवार ढहने से सीताराम (48) पुत्र मंगलदास की मौत हो गई। इसी तहसील के गढ़वा गांव शेखन के ऊपर बिजली का पोल टूटकर गिर गिया। हादसे में शेखन की भी मौत हो गई। चायल तहसील के मोहम्मदपुर की रेहाना बेगम पत्नी रजाबक्श घर के बाहर बरामदे में सो रही थीं। तूफान के दौरान दीवार गिरने से उन्हें गंभीर चोट आई। करारी के थांबा अलावलपुर निवासी पन्नालाल की पशुशाला भी तूफान की भेंट चढ़ गयी। बाड़े में बंधी उसकी दो भैंस मर गईं। इसके अलावा तरना गांव के रामनेवाज अपने बेटे बिहारी लाल, बेटी शकुंतला, दामाद भीम सिंह व दो बच्चों के साथ घर के अंदर सो रहा था। बरसात और तेज हवाओं की वजह से उसका मकान ढह गया। हादसे में सभी को गंभीर चोट आई। रामनेवाज की हालत नाजुक बनी हुई है।
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जोगापुर गांव के रामसवांरे के ऊपर पेड़ की डाल गिर गई। जिससे उसका सिर फट गया है। करारी के नेतानगर मोहल्ले में ज्ञानमती पत्नी राजू दिवाकर घर के आंगन में सो रही थी। इस दौरान टीनशेड गिरने से उसका पैर कट गया। इसके अलावा तूफान की वजह से जिले के दो तिहाई हिस्सों में लगभग डेढ़ हजार बिजली के पोल उखड़ गए। तार भी जहां-तहां टूट गए। इससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मुख्यालय के आधे हिस्से में तकरीबन 16 घंटे बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी, लेकिन गांव के हालात सुधरने में करीब सप्ताह भर का वक्त लग सकता है। बड़ी संख्या में पेड़ भी उखड़ गए हैं। इससे सड़क यातायात भी प्रभावित रहा। सराय अकिल इलाके में केला और पश्चिम शरीरा क्षेत्र में उर्द और मूंग की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है।
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