{"_id":"6acd2fe101c31a1406088734","slug":"started-with-five-thousand-grew-the-business-to-50-thousand-kaushambi-news-c-261-1-pr11004-149987-2026-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: पांच हजार से शुरू किया काम... 50 हजार तक पहुंचाया कारोबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: पांच हजार से शुरू किया काम... 50 हजार तक पहुंचाया कारोबार
Tue, 13 Oct 2026 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 13 Oct 2026 12:37 AM IST
विज्ञापन
मिठाई के डिब्बे के साथ समूह से जुड़ी गुलाबी साड़ी वाली सीता देवी व सुनीता देवी। स्रोत: स्वयं
:: सुनीता देवी ने समूह से जुड़कर बढ़ाया मिठाई के डिब्बे बनाने का कारखाना, दस महिलाएं मिलकर कर रहीं काम
फोटो- 45
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। स्वयं सहायता समूह से मिली सिर्फ पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद से काम शुरू करने वालीं सुनीता देवीअपनी मेहनत के दम पर मिठाई के डिब्बे बनाने के कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं। चक सैयदपुर अलीपुर निवासी सुनीता के साथ समूह की दस महिलाएं मिलकर काम कर रही हैं।
बकौल सुनीता दीपावली और रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर डिब्बों की मांग बढ़ने से उनका कारोबार 50 हजार रुपये तक पहुंच जाता है। बताया कि वह वर्ष 2022 से स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। हालांकि, वह समूह से जुड़ने से पहले ही मिठाई के डिब्बे बनाने का काम कर रही थीं।
दावा किया कि समूह से जुड़ने के बाद उनमें बचत करने की आदत विकसित हुई। कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) के माध्यम से पहले पांच हजार रुपये और बाद में 50 हजार रुपये की राशि निकाली। इस पैसे से उन्होंने जरूरी सामान खरीदा और अपने काम को विस्तार दिया।
विज्ञापन
मिलकर काम करती हैं महिलाएं
सुनीता देवी के साथ समूह की कुल 10 महिलाएं मिलकर मिठाई के डिब्बे तैयार करती हैं। सभी महिलाएं मुनाफा आपस में बराबर बांट लेती हैं। इस कारोबार से महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर भी मिल रहा है।
दीपावली के लिए ऑर्डर के हिसाब से तैयारी
सुनीता देवी के बनाए डिब्बों की बिक्री जिले के बाजारों में ही होती है। दीपावली को देखते हुए समूह की महिलाएं ऑर्डर के अनुसार डिब्बे तैयार कर रही हैं। त्योहारों के दौरान बिक्री बढ़ने से उनकी आमदनी भी बढ़ती है। सुनीता का यह प्रयास समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की राह बना रहा है।
विज्ञापन
फोटो- 45
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। स्वयं सहायता समूह से मिली सिर्फ पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद से काम शुरू करने वालीं सुनीता देवीअपनी मेहनत के दम पर मिठाई के डिब्बे बनाने के कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं। चक सैयदपुर अलीपुर निवासी सुनीता के साथ समूह की दस महिलाएं मिलकर काम कर रही हैं।
बकौल सुनीता दीपावली और रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर डिब्बों की मांग बढ़ने से उनका कारोबार 50 हजार रुपये तक पहुंच जाता है। बताया कि वह वर्ष 2022 से स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। हालांकि, वह समूह से जुड़ने से पहले ही मिठाई के डिब्बे बनाने का काम कर रही थीं।
विज्ञापन
दावा किया कि समूह से जुड़ने के बाद उनमें बचत करने की आदत विकसित हुई। कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) के माध्यम से पहले पांच हजार रुपये और बाद में 50 हजार रुपये की राशि निकाली। इस पैसे से उन्होंने जरूरी सामान खरीदा और अपने काम को विस्तार दिया।
विज्ञापन
मिलकर काम करती हैं महिलाएं
सुनीता देवी के साथ समूह की कुल 10 महिलाएं मिलकर मिठाई के डिब्बे तैयार करती हैं। सभी महिलाएं मुनाफा आपस में बराबर बांट लेती हैं। इस कारोबार से महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर भी मिल रहा है।
दीपावली के लिए ऑर्डर के हिसाब से तैयारी
सुनीता देवी के बनाए डिब्बों की बिक्री जिले के बाजारों में ही होती है। दीपावली को देखते हुए समूह की महिलाएं ऑर्डर के अनुसार डिब्बे तैयार कर रही हैं। त्योहारों के दौरान बिक्री बढ़ने से उनकी आमदनी भी बढ़ती है। सुनीता का यह प्रयास समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की राह बना रहा है।