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Kaushambi News: दो माह के सन्नाटे के बाद नौ जुलाई से फिर बजेगी शहनाई
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दो माह के सन्नाटे के बाद नौ जुलाई से फिर बजेगी शहनाई
चार महीने के लिए फिर लग जाएगा विराम, सीमित मुहूर्त की वजह से बढ़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। दो माह के सन्नाटे के बाद नाै जुलाई से एक बार फिर बैंड-बाजा और शहनाई की गूंज सुनाई देगी, लेकिन इस सीजन में शादी के सिर्फ सात मुहूर्त होने से आयोजकों की परेशानी बढ़ गई है।
चतुर्मास के कारण 28 अप्रैल से मांगलिक उत्सवों पर विराम लगा हुआ है। मई और जून में भी वैवाहिक कार्यक्रम नहीं हुए। जुलाई माह के शुक्ल पक्ष में नौ से 15 जुलाई तक केवल सात लगन है। 17 जुलाई को एकादशी से फिर चार माह के लिए लगन में विराम लग जाएगा। जुलाई में लगन कम होने के कारण ज्यादातर तिथियों पर बुकिंग हो गई हैं।
पुरोहित शिव अभिलाष शास्त्री का कहना है कि सीमित मुहूर्त के कारण दिक्कत हो रही है। एक ही तिथि पर तीन से चार यजमानों के यहां शादी है। मंझनपुर के डेरी संचालक रंजीत यादव का कहना है कि सहालग में हर दिन चार से पांच ऑर्डर हैं। दूध, खोवा, पनीर की आपूर्ति करना मुश्किल पड़ रहा है। कमोबेश यही हाल सहालग से जुडे़ अन्य लोगों का भी है।
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जुलाई में शादी के सात शुभ मुहूर्त
आचार्य भोलानाथ शास्त्री ने बताया कि नौ से 15 जुलाई तक केवल सात लगन है। 17 जुलाई को एकादशी के साथ फिर से लगन पर विराम लग जाएगा। नौ और 11 जुलाई को रात दिन दोनों समय विवाह का मुहूर्त है। जबकि, 13 जुलाई को दिन में और 14 को रात में विवाह का मुहूर्त है। 15 जुलाई को दिन और रात दोनों समय विवाह का मुहूर्त है। 9, 11, 12, 13, 14, 15 जुलाई को ही शुभ मुहूर्त है। इसके बाद नवंबर में 12, 17 18, 23, 25, 27, 28 और दिसंबर में 2, 3, 4, 6, 7, 10, 11, 14 को वैवाहिक कार्यक्रम होंगे।
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चार महीने के लिए फिर लग जाएगा विराम, सीमित मुहूर्त की वजह से बढ़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। दो माह के सन्नाटे के बाद नाै जुलाई से एक बार फिर बैंड-बाजा और शहनाई की गूंज सुनाई देगी, लेकिन इस सीजन में शादी के सिर्फ सात मुहूर्त होने से आयोजकों की परेशानी बढ़ गई है।
चतुर्मास के कारण 28 अप्रैल से मांगलिक उत्सवों पर विराम लगा हुआ है। मई और जून में भी वैवाहिक कार्यक्रम नहीं हुए। जुलाई माह के शुक्ल पक्ष में नौ से 15 जुलाई तक केवल सात लगन है। 17 जुलाई को एकादशी से फिर चार माह के लिए लगन में विराम लग जाएगा। जुलाई में लगन कम होने के कारण ज्यादातर तिथियों पर बुकिंग हो गई हैं।
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पुरोहित शिव अभिलाष शास्त्री का कहना है कि सीमित मुहूर्त के कारण दिक्कत हो रही है। एक ही तिथि पर तीन से चार यजमानों के यहां शादी है। मंझनपुर के डेरी संचालक रंजीत यादव का कहना है कि सहालग में हर दिन चार से पांच ऑर्डर हैं। दूध, खोवा, पनीर की आपूर्ति करना मुश्किल पड़ रहा है। कमोबेश यही हाल सहालग से जुडे़ अन्य लोगों का भी है।
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जुलाई में शादी के सात शुभ मुहूर्त
आचार्य भोलानाथ शास्त्री ने बताया कि नौ से 15 जुलाई तक केवल सात लगन है। 17 जुलाई को एकादशी के साथ फिर से लगन पर विराम लग जाएगा। नौ और 11 जुलाई को रात दिन दोनों समय विवाह का मुहूर्त है। जबकि, 13 जुलाई को दिन में और 14 को रात में विवाह का मुहूर्त है। 15 जुलाई को दिन और रात दोनों समय विवाह का मुहूर्त है। 9, 11, 12, 13, 14, 15 जुलाई को ही शुभ मुहूर्त है। इसके बाद नवंबर में 12, 17 18, 23, 25, 27, 28 और दिसंबर में 2, 3, 4, 6, 7, 10, 11, 14 को वैवाहिक कार्यक्रम होंगे।