फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   She had set out with dreams of beautifying her homes...her own homes were destroyed

Kaushambi News: घरों को संवारने के सपने लेकर निकली थीं...घर ही उजड़ गए

Tue, 29 Apr 2025 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Tue, 29 Apr 2025 01:27 AM IST
विज्ञापन
She had set out with dreams of beautifying her homes...her own homes were destroyed
हादसे में घायल आक्रोश उर्फ सुग्गन। - फोटो : साइलेंसरों पर चलता बुलडोजर।
टीकरडीह गांव के पिपरहाई तालाब में मिलती है पोताई के लिए उपयोगी सफेद मिट्टी
विज्ञापन

सुबह करीब छह बजे टीकरडीह गांव की महिलाएं और बेटियां घर सजाने का सपना लेकर अपने-अपने घरों से निकलीं थीं। तालाब की मिट्टी से पुताई करने पर घर नया हो जाता है। लेकिन टीला काल बन गया। पांच की मौत से कई घर उजड़ गए। सपने चकनाचूर हो गए।
टीकरडीह गांव में सोमवार सुबह हुए हादसे में पांच मौतों के बाद मंजर ही बदल गया। परिजनों की कारुणिक चीख-पुकार से गांव के हर घर में आंसू बह रहे हैं। हादसे की शिकार ममता और ललिता सगी देवरानी-जेठानी हैं। दोनों के पति ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। दोनों बच्चों को घर पर छोड़कर कुछ देर में लौटकर आने की बात कहकर निकली थीं। बच्चे मां के आने का इंतजार कर रहे थे। मां नहीं आई, मौत की खबर पहुंची।
विज्ञापन

मृतका कछरही भी अपने बड़े बेटे सुग्गन और छोटी बहू मैना देवी के साथ मिट्टी खोदने तालाब गई थी। कछरही की मौत व बहू-बेटे के जख्मी होने से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे में जान गंवाने वाली खुशी ने हाईस्कूल और सुमन उर्फ उमा ने इसी साल इंटर की परीक्षा पास की थी। दोनों छात्राएं आगे के पढ़ाई की तैयारी कर रही थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------

चूने की तरह चमकती है मिट्टी

ग्रामीणों के मुताबिक, इस इलाके की सफेद मिट्टी कच्चे घरों की पुताई के बाद चूना की तरह चमक देती है। गांव समेत आसपास के ग्रामीण यहां मिट्टी निकालने आते हैं। वर्षों से मिट्टी निकालने के कारण भी तालाब के आसपास टीला बन गया।
--------
------------
आंखों देखी...अचानक भराभराकर ढहा टीला, फिर आंखों के सामने छा गया अंधेरा

घायल सुग्गन ने बयां की कहानी
फोटो नं-17

संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। मां और भयाहू के साथ मिट्टी निकालने गए सुग्गन ने तालाब के अंदर ही अंदर खोदाई करने को हादसे का प्रमुख कारण बताया। टीले के नीचे लोग इस कदर दबे थे कि उन्हें बाहर निकालने में घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी। बोले कि अचानक टीला ढहने के बाद आंखों के सामने अंधेरा छा गया था। टीले के नीचे दबने से उसका सिर फट गया था।

घायल सुग्गन ने बताया कि सोमवार सुबह सभी लोग घर की पोताई के लिए मिट्टी खोदने पिपरहाई तालाब गए थे। वह और उसकी भयाहू मैना देवी व पड़ोस की लखनी और सपना बाहरी हिस्से की तरफ खोदाई कर रहे थे, इसलिए वह लोग बच गए। जबकि, उसकी मां समेत अन्य चट्टान के अंदर मिट्टी निकाल रही थीं।

टीला ढहा तो सभी दब गए थे। कुछ देर बाद वह संभला तो पहले अपनी मां और भयाहू की तलाश की। बाहरी हिस्से में होने के कारण भयाहू मैना को बाहर निकाल लिया। वहीं, भीतरी हिस्से में होने के कारण वृद्ध मां का सिर्फ खून से लथपथ हाथ दिख रहा था। इस पर उसने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया। ग्रामीण मौके पर पहुंचते कि इससे पहले वह बेसुध होकर गिर पड़ा। आठ घंटे बाद होश आने पर खुद को अस्पताल में पाया।

हादसे में घायल आक्रोश उर्फ सुग्गन।

हादसे में घायल आक्रोश उर्फ सुग्गन।- फोटो : साइलेंसरों पर चलता बुलडोजर।

हादसे में घायल आक्रोश उर्फ सुग्गन।

हादसे में घायल आक्रोश उर्फ सुग्गन।- फोटो : साइलेंसरों पर चलता बुलडोजर।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed