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सकट चौथ : पुत्रों की दीर्घायु के लिए महिलाएं आज रखेंगी व्रत
Tue, 06 Jan 2026 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 06 Jan 2026 01:03 AM IST
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करारी कस्बे की बाजार में सकरकंद खरीदते ग्राहक। संवाद
सकट चौथ का त्योहार मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं पुत्रों की लंबी उम्र के लिए व्रत रख शाम को विघ्नहर्ता गणेश जी का पूजन करेंगी। सकट चौथ व्रत चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही पूरा होगा। त्योहारी सामान सिंघाड़ा, तिल व शकरकंद के भाव उछल गए। त्योहार को लेकर सोमवार की शाम तक खरीदारी करते रहे। इसके चलते बाजार में दिनभर चहल-पहल रही।
पं. ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि पौराणिक हिंदू कथाओं के अनुसार सकट चौथ का व्रत माता पार्वती ने कार्तिकेय से मिलने और भगवान शंकर ने माता पार्वती को खुश करने के लिए किया था। त्योहार से पहले पूजन सामग्री शकरकंद, सिंघाड़ा, रामदाना, तिल के दाम बढ़ गए हैं।
करारी के राम बाबू ने बताया कि 80 रुपये की 6.5 किलो वाली शकरकंद सोमवार को 40 रुपये किलो की दर से मिली। वहीं, गुवारा के सुभाष विश्वकर्मा ने बताया कि 80 की जगह सिंघाड़ा 160 रुपये किलो तक बिका। काला तिल 300 रुपये प्रति किलो तो सफेद तिल 120 से 160 रुपये प्रति किलो बिका।
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अमरुद 80 से 100 रुपये किलो व रामदाना 190 रुपये प्रति किलो बिका। इसी तरह कपड़े की दुकान में भी सोमवार को दिन भर खरीदारों की भीड़ रही।
पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 8:05 बजे से प्रारंभ
पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि पंचांग के अनुसार सकट चतुर्थी 6 जनवरी को सुबह 8:05 बजे से प्रारंभ हो रही है जो पूरे दिन रहेगी। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7:31 बजे से लेकर दोपहर 12:18 बजे तक रहेगा। सकट चतुर्थी पर सुबह 7:15 बजे से 8:02 बजे तक भद्रा रहेगी। पूजा के लिए शुभ मुहूर्त प्रातः 8:05 बजे से 9:49 बजे तक रहेगा।
चंद्रोदय रात्रि 8:35 बजे पर होगा। उन्होंने बताया कि सकट चतुर्थी की पूजा के लिए सर्वप्रथम लकड़ी के पट्टे पर पीले चंदन से गणपति का चित्र बनाएं या एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। रोली, अक्षत, पीला वस्त्र, पुष्प माला, दूर्वा अर्पित करें। तिल से बने लड्डू या तिलकुट का भोग लगाएं।
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पं. ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि पौराणिक हिंदू कथाओं के अनुसार सकट चौथ का व्रत माता पार्वती ने कार्तिकेय से मिलने और भगवान शंकर ने माता पार्वती को खुश करने के लिए किया था। त्योहार से पहले पूजन सामग्री शकरकंद, सिंघाड़ा, रामदाना, तिल के दाम बढ़ गए हैं।
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करारी के राम बाबू ने बताया कि 80 रुपये की 6.5 किलो वाली शकरकंद सोमवार को 40 रुपये किलो की दर से मिली। वहीं, गुवारा के सुभाष विश्वकर्मा ने बताया कि 80 की जगह सिंघाड़ा 160 रुपये किलो तक बिका। काला तिल 300 रुपये प्रति किलो तो सफेद तिल 120 से 160 रुपये प्रति किलो बिका।
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अमरुद 80 से 100 रुपये किलो व रामदाना 190 रुपये प्रति किलो बिका। इसी तरह कपड़े की दुकान में भी सोमवार को दिन भर खरीदारों की भीड़ रही।
पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 8:05 बजे से प्रारंभ
पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि पंचांग के अनुसार सकट चतुर्थी 6 जनवरी को सुबह 8:05 बजे से प्रारंभ हो रही है जो पूरे दिन रहेगी। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7:31 बजे से लेकर दोपहर 12:18 बजे तक रहेगा। सकट चतुर्थी पर सुबह 7:15 बजे से 8:02 बजे तक भद्रा रहेगी। पूजा के लिए शुभ मुहूर्त प्रातः 8:05 बजे से 9:49 बजे तक रहेगा।
चंद्रोदय रात्रि 8:35 बजे पर होगा। उन्होंने बताया कि सकट चतुर्थी की पूजा के लिए सर्वप्रथम लकड़ी के पट्टे पर पीले चंदन से गणपति का चित्र बनाएं या एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। रोली, अक्षत, पीला वस्त्र, पुष्प माला, दूर्वा अर्पित करें। तिल से बने लड्डू या तिलकुट का भोग लगाएं।