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Kaushambi News: पद्म प्रभु की तपस्थली के लिए नहीं रोडवेज की बस सेवा
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सरसवां ब्लॉक क्षेत्र स्थित पद्म प्रभु की तपस्थली सरकारी बस सेवा से वंचित है। जिस कारण यहां आने वाले पर्यटकों को काफी दिक्कतें हाेती हैं। तपस्थली पर पहुंचने के लिए पर्यटकों को निजी बसों के साथ ही ई-रिक्शों का भी सहारा लेना पड़ता है। वह श्रद्धालुओं से मनमाना पैसा वसूल करते हैं।
ब्लॉक के पभोषा गांव में जैनियों के छठे तीर्थंकर पद्म प्रभु की तपस्थली है। देश भर से हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन को आते हैं। मकर संक्रांति पर मेले का आयोजन होता है। विकास जैन कहते हैं कि जैन समाज के लिए तो प्रभाषगिरी प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। परिवहन की सुविधा बेहतर न होने के कारण यहां श्रद्धालु नहीं आ पाते हैं।
स्थानीय निवासी सुनील तिवारी ने बताया कि प्रयागराज से राजापुर के बीच दौड़ने वाली निजी बसें गोराजू से ही आगे निकल जाती हैं। गोराजू से पभोषा तक ई-रिक्शे से जाना पड़ता है। वह मनमानी पैसा वसूलते हैं चार किलोमीटर के लिए कभी 50 तो कभी 100 रुपये की मांग करते हैं। कई बार तो ई-रिक्शा बुक करके पर्यटकों और श्रद्धालुओं को जाना पड़ता है। यहां सिर्फ वही लोग आते हैं, जिनके पास अपना साधन है।
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मंझनपुर डिपो में बसों की कमी है। कुछ नई बसें आनी हैं। उम्मीद है कि महाकुंभ के पहले यह आ जाएंगी। बस मिलने के बाद इस रूट पर भी परिवहन की सुविधा शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
हरिओम श्रीवास्तव
एआरएम, मंझनपुर डिपो
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ब्लॉक के पभोषा गांव में जैनियों के छठे तीर्थंकर पद्म प्रभु की तपस्थली है। देश भर से हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन को आते हैं। मकर संक्रांति पर मेले का आयोजन होता है। विकास जैन कहते हैं कि जैन समाज के लिए तो प्रभाषगिरी प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। परिवहन की सुविधा बेहतर न होने के कारण यहां श्रद्धालु नहीं आ पाते हैं।
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स्थानीय निवासी सुनील तिवारी ने बताया कि प्रयागराज से राजापुर के बीच दौड़ने वाली निजी बसें गोराजू से ही आगे निकल जाती हैं। गोराजू से पभोषा तक ई-रिक्शे से जाना पड़ता है। वह मनमानी पैसा वसूलते हैं चार किलोमीटर के लिए कभी 50 तो कभी 100 रुपये की मांग करते हैं। कई बार तो ई-रिक्शा बुक करके पर्यटकों और श्रद्धालुओं को जाना पड़ता है। यहां सिर्फ वही लोग आते हैं, जिनके पास अपना साधन है।
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मंझनपुर डिपो में बसों की कमी है। कुछ नई बसें आनी हैं। उम्मीद है कि महाकुंभ के पहले यह आ जाएंगी। बस मिलने के बाद इस रूट पर भी परिवहन की सुविधा शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
हरिओम श्रीवास्तव
एआरएम, मंझनपुर डिपो