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Kaushambi News: बारिश में बदहाल हुई सड़कों की 1.88 करोड़ से होगी मरम्मत
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कड़ा क्षेत्र में धुमाई से रघुनाथपुर सोंधियामई जाने वाली बदहाल सड़क। संवाद
तैयारी में जुटा लोक निर्माण विभाग, मानसून के जाते ही शुरू होगा गड्ढा भरने का काम
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। बारिश में हर साल सड़कें बदहाल हो जाती हैं। लोक निर्माण विभाग
(पीडब्ल्यूडी) इनके गड्ढे भरवाता है। इस बार भी मानसून सड़कों को नुकसान पहुंचा रहा है, हालांकि बारिश का मौसम अभी बीता नहीं है, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने पहले से ही मरम्मत के लिए तैयारी शुरू कर दी है। करीब 1.88 करोड़ से सड़कें दुरुस्त कराने का टेंडर कराया जा रहा है। बारिश के मौसम के बाद पैचिंग शुरू होगी।
जिले में लोक निर्माण विभाग की लगभग 1883 किमी लंबी 713 सड़कें हैं। विभाग पूरे साल सड़कों को चमकाने पर काम करता रहता है। कहीं नई सड़कें बनती हैं तो कहीं पुरानी सड़कों की मरम्मत होती है, लेकिन मानसून के बाद यह काम और भी बढ़ जाता है। कारण, बारिश में बड़ी संख्या में सड़कें गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं। बारिश का सीजन बीतने के बाद विभाग इनके गड्ढे भरवाता है। इस बार मानसून के जोर पकड़ते ही पीडब्ल्यूडी ने इसे लेकर तैयारी शुरू कर दी है।
सिराथू, कड़ा, चायल और मूरतगंज ब्लॉक क्षेत्र की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने में पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड करीब 1.08 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसी तरह निर्माण खंड की ओर से नेवादा, कौशाम्बी, सरसवां और मंझनपुर ब्लॉक क्षेत्र की सड़कें दुरुस्त कराई जाएंगी। इसमें करीब 80 लाख का बजट खर्च होगा। किसी भी सड़क की मरम्मत या निर्माण की टेंडर प्रक्रिया में ही करीब एक से डेढ़ महीने लग जाते हैं।
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आगे चलकर समय बर्बाद न हो, इसलिए पीडब्ल्यूडी ने सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के टेंडर अभी से कराने शुरू कर दिए हैं। अगले महीने तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद बारिश के थमते ही गड्ढों में तब्दील हुई सड़कों का चिन्हांकन शुरू हो जाएगा, फिर इनकी मरम्मत कराई जाएगी।
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ग्रामीण सड़कों पर खर्च होगा सबसे अधिक बजट
जिले में 644 ग्रामीण सड़कें हैं। ऐसे में गड्ढा मुक्त के लिए सबसे अधिक 1.02 करोड़ रुपये के टेंडर इन्हीं सड़कों के लिए कराए जा रहे हैं। 1.02 करोड़ में से 62 लाख रुपये प्रांतीय खंड तो 40 लाख रुपये निर्माण खंड की ओर से ग्रामीण सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने पर खर्च किया जाएगा। इसी तरह प्रमुख जिला मार्ग, अन्य जिला मार्ग और राज्यमार्गों की मरम्मत में प्रांतीय खंड करीब 46.5 और निर्माण खंड करीब 40 लाख रुपये लगाएगा। विभाग की इन तैयारियों से उम्मीद है कि बारिश के बाद राहगीरों को ज्यादा दिन सड़कों की बदहाली नहीं झेलनी पड़ेगी।
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जिले में पीडब्ल्यूडी की सड़कों की संख्या और लंबाई
मार्ग संख्या लंबाई
राज्यमार्ग 05 126
प्रमुख जिला मार्ग 01 13
अन्य जिला मार्ग 63 534
ग्रामीण मार्ग 644 1210
कुल 713 1883
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बारिश में खराब होने वाली सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। टेंडर प्रक्रिया चल रही है। अगस्त के आखिरी तक यह पूरी हो जाएगी। जैसे ही बारिश का सीजन बीतेगा, वैसे ही सड़कों को चिह्नित करके मरम्मत शुरू करा दी जाएगी। - डीसी भास्कर, एई, पीडब्ल्यूडी, प्रांतीय खंड
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। बारिश में हर साल सड़कें बदहाल हो जाती हैं। लोक निर्माण विभाग
(पीडब्ल्यूडी) इनके गड्ढे भरवाता है। इस बार भी मानसून सड़कों को नुकसान पहुंचा रहा है, हालांकि बारिश का मौसम अभी बीता नहीं है, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने पहले से ही मरम्मत के लिए तैयारी शुरू कर दी है। करीब 1.88 करोड़ से सड़कें दुरुस्त कराने का टेंडर कराया जा रहा है। बारिश के मौसम के बाद पैचिंग शुरू होगी।
जिले में लोक निर्माण विभाग की लगभग 1883 किमी लंबी 713 सड़कें हैं। विभाग पूरे साल सड़कों को चमकाने पर काम करता रहता है। कहीं नई सड़कें बनती हैं तो कहीं पुरानी सड़कों की मरम्मत होती है, लेकिन मानसून के बाद यह काम और भी बढ़ जाता है। कारण, बारिश में बड़ी संख्या में सड़कें गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं। बारिश का सीजन बीतने के बाद विभाग इनके गड्ढे भरवाता है। इस बार मानसून के जोर पकड़ते ही पीडब्ल्यूडी ने इसे लेकर तैयारी शुरू कर दी है।
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सिराथू, कड़ा, चायल और मूरतगंज ब्लॉक क्षेत्र की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने में पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड करीब 1.08 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसी तरह निर्माण खंड की ओर से नेवादा, कौशाम्बी, सरसवां और मंझनपुर ब्लॉक क्षेत्र की सड़कें दुरुस्त कराई जाएंगी। इसमें करीब 80 लाख का बजट खर्च होगा। किसी भी सड़क की मरम्मत या निर्माण की टेंडर प्रक्रिया में ही करीब एक से डेढ़ महीने लग जाते हैं।
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आगे चलकर समय बर्बाद न हो, इसलिए पीडब्ल्यूडी ने सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के टेंडर अभी से कराने शुरू कर दिए हैं। अगले महीने तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद बारिश के थमते ही गड्ढों में तब्दील हुई सड़कों का चिन्हांकन शुरू हो जाएगा, फिर इनकी मरम्मत कराई जाएगी।
ग्रामीण सड़कों पर खर्च होगा सबसे अधिक बजट
जिले में 644 ग्रामीण सड़कें हैं। ऐसे में गड्ढा मुक्त के लिए सबसे अधिक 1.02 करोड़ रुपये के टेंडर इन्हीं सड़कों के लिए कराए जा रहे हैं। 1.02 करोड़ में से 62 लाख रुपये प्रांतीय खंड तो 40 लाख रुपये निर्माण खंड की ओर से ग्रामीण सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने पर खर्च किया जाएगा। इसी तरह प्रमुख जिला मार्ग, अन्य जिला मार्ग और राज्यमार्गों की मरम्मत में प्रांतीय खंड करीब 46.5 और निर्माण खंड करीब 40 लाख रुपये लगाएगा। विभाग की इन तैयारियों से उम्मीद है कि बारिश के बाद राहगीरों को ज्यादा दिन सड़कों की बदहाली नहीं झेलनी पड़ेगी।
जिले में पीडब्ल्यूडी की सड़कों की संख्या और लंबाई
मार्ग संख्या लंबाई
राज्यमार्ग 05 126
प्रमुख जिला मार्ग 01 13
अन्य जिला मार्ग 63 534
ग्रामीण मार्ग 644 1210
कुल 713 1883
बारिश में खराब होने वाली सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। टेंडर प्रक्रिया चल रही है। अगस्त के आखिरी तक यह पूरी हो जाएगी। जैसे ही बारिश का सीजन बीतेगा, वैसे ही सड़कों को चिह्नित करके मरम्मत शुरू करा दी जाएगी। - डीसी भास्कर, एई, पीडब्ल्यूडी, प्रांतीय खंड