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आरटीआई का जवाब नहीं देते अधिशासी अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Fri, 08 Jul 2016 11:33 PM IST
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नगर पंचायत भरवारी प्रशासन आरटीआई का जवाब नहीं देता है। आरटीआई का जवाब नहीं देने से नगर पंचायत प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। आरटीआई पर चुप्पी से नगर पंचायत प्रशासन में लाखों के हेरफेर को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। जबकि आरटीआई एक पार्षद ने ही दाखिल की है। चर्चा है कि सवालों के जवाब से नगर पंचायत प्रशासन की कार्यशैली की पोल खुल जाएगी। ऐसे में आरटीआई को अफसरों ने दबा लिया है।
नया बाजार भरवारी के वार्ड 10 इंद्रानगर के पार्षद अभिजीत ने 4 फरवरी को आरटीआई दाखिल की। जिसमें प्रशासनिक कमेटी, क्रय समिति, मार्ग प्रकाश व्यवस्था समिति, निर्माण समिति, जलकल विभाग के सदस्यों के नाम, मोबाइल नंबर, उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों का विवरण, फागिंग मशीन के क्रय से संबंधित जानकारी मांगी गई है।
इसके अलावा नगर पंचायत के अभिलेखों में भूमि के स्वामित्व को दर्ज कराने के लिए दो प्रतिशत शुल्क वसूले जाने को लेकर शासनादेश, एक्ट या फिर ये शुल्क किस कमेटी के प्रस्ताव पर लिया जा रहा है उस बारे में जानकारी मांगी गई है। मगर पांच महीने का समय गुजरने के बाद भी नगर पंचायत प्रशासन ने इस आरटीआई का जवाब देना मुनासिब नहीं समझा। इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
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आरटीआई का जवाब एक महीने के अंदर दे दिया जाता है। अगर जवाब नहीं दिया गया होगा तो कुछ कमी होगी। मैं इस बारे में जानकारी करने के बाद ही कुछ बता पाऊंगा।
शिवकुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत भरवारी
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नया बाजार भरवारी के वार्ड 10 इंद्रानगर के पार्षद अभिजीत ने 4 फरवरी को आरटीआई दाखिल की। जिसमें प्रशासनिक कमेटी, क्रय समिति, मार्ग प्रकाश व्यवस्था समिति, निर्माण समिति, जलकल विभाग के सदस्यों के नाम, मोबाइल नंबर, उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों का विवरण, फागिंग मशीन के क्रय से संबंधित जानकारी मांगी गई है।
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इसके अलावा नगर पंचायत के अभिलेखों में भूमि के स्वामित्व को दर्ज कराने के लिए दो प्रतिशत शुल्क वसूले जाने को लेकर शासनादेश, एक्ट या फिर ये शुल्क किस कमेटी के प्रस्ताव पर लिया जा रहा है उस बारे में जानकारी मांगी गई है। मगर पांच महीने का समय गुजरने के बाद भी नगर पंचायत प्रशासन ने इस आरटीआई का जवाब देना मुनासिब नहीं समझा। इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
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आरटीआई का जवाब एक महीने के अंदर दे दिया जाता है। अगर जवाब नहीं दिया गया होगा तो कुछ कमी होगी। मैं इस बारे में जानकारी करने के बाद ही कुछ बता पाऊंगा।
शिवकुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत भरवारी