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म्योहरा में धनुष यज्ञ, फरीदगंज से वन को जाएंगे राम
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 25 Sep 2016 12:16 AM IST
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दारानगर की रामलीला सुनने में जितनी अनोखी लगती है, उतनी वह अलबेली भी है। इस रामलीला की सबसे खास बात यह है कि यहां की लीला शाम ढलने से पहले हो जाती है। साथ ही कई गांवों में भी होती है। म्योहरा में धनुष यज्ञ होगा तो फरीदगंज से राम लक्ष्मण के साथ वनवास जाएंगे। रामलीला के सभी स्थलों को कमेटी ने सजाना शुरू कर दिया है।
दारानगर में 237 वर्षों से रामलीला का मंचन हो रहा है। इस प्रसिद्ध रामलीला के संस्थापक पंडित विजय मिश्र थे। 50 वर्षों से रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अवध नारायण मिश्र हैं। अब इन्हीं की देखरेख में रामलीला होती है। अवध नारायण मिश्र ने कमान संभालते ही इस रामलीला को नई ऊंचाइयां भी दी। इसी का परिणाम रहा कि यह रामलीला देश-विदेश में प्रसिद्ध हुई। अवध नारायण मिश्र ने बताया कि यहां की रामलील का मंच तय नहीं है।
दो अक्टूबर से रामलीला का शुभारंभ होगा। मुकुट पूजन हनुमान मंदिर रामलीला मैदान दारानगर में होगा। इसके बाद तीन अक्टूबर को सादीपुर गांव में ताड़का वध होगा। चार अक्टूबर को सिपाही हब्बूनगर में गंगापूजन करते हुए राम जनकपुर जांएगे। पांच अक्टूबर को म्योहरा में जनक वाटिका में राम-सीता का मिलन होगा। छह अक्टूबर को म्योहरा में ही धनुष यज्ञ होगा। सात अक्टूबर को फरीदगंज से भगवान राम अपने छोटे भाई लक्ष्मण व सीता के साथ वनवास जाएंगे। इसी तरह 11 अक्टूबर को म्योहरा के गढ़ी गांव में राम-रावण का युद्ध होगा। इस दौरान चार राउंड कुप्पी युद्ध होगा। 12 अक्टूबर को गढ़ी में ही कुप्पी युद्ध होगा।
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कमिश्नर राजन शुक्ल करेंगे उद्घाटन
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अवध नारायण मिश्र ने बताया कि दो अक्टूबर को मुकुट पूजन के साथ रामलीला का शुभारंभ होगा। उन्होंने बताया कि कमिश्नर राजन शुक्ला उद्घाटन करेंगे। उनके साथ डीएम अखंड प्रताप सिंह व एसपी वीके मिश्र भी होंगे।
अब मंचीय रामलीला की भी शुरूआत
दारानगर में अबकी इसी वर्ष से रामलीला का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। अध्यक्ष ने बताया कि अबकी बार से दारानगर में मंचीय रामलीला भी दस दिवसीय होगी। चित्रकूट के कलाकार रामलीला मैदान में मंचन करेंगे।
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दारानगर में 237 वर्षों से रामलीला का मंचन हो रहा है। इस प्रसिद्ध रामलीला के संस्थापक पंडित विजय मिश्र थे। 50 वर्षों से रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अवध नारायण मिश्र हैं। अब इन्हीं की देखरेख में रामलीला होती है। अवध नारायण मिश्र ने कमान संभालते ही इस रामलीला को नई ऊंचाइयां भी दी। इसी का परिणाम रहा कि यह रामलीला देश-विदेश में प्रसिद्ध हुई। अवध नारायण मिश्र ने बताया कि यहां की रामलील का मंच तय नहीं है।
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दो अक्टूबर से रामलीला का शुभारंभ होगा। मुकुट पूजन हनुमान मंदिर रामलीला मैदान दारानगर में होगा। इसके बाद तीन अक्टूबर को सादीपुर गांव में ताड़का वध होगा। चार अक्टूबर को सिपाही हब्बूनगर में गंगापूजन करते हुए राम जनकपुर जांएगे। पांच अक्टूबर को म्योहरा में जनक वाटिका में राम-सीता का मिलन होगा। छह अक्टूबर को म्योहरा में ही धनुष यज्ञ होगा। सात अक्टूबर को फरीदगंज से भगवान राम अपने छोटे भाई लक्ष्मण व सीता के साथ वनवास जाएंगे। इसी तरह 11 अक्टूबर को म्योहरा के गढ़ी गांव में राम-रावण का युद्ध होगा। इस दौरान चार राउंड कुप्पी युद्ध होगा। 12 अक्टूबर को गढ़ी में ही कुप्पी युद्ध होगा।
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कमिश्नर राजन शुक्ल करेंगे उद्घाटन
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अवध नारायण मिश्र ने बताया कि दो अक्टूबर को मुकुट पूजन के साथ रामलीला का शुभारंभ होगा। उन्होंने बताया कि कमिश्नर राजन शुक्ला उद्घाटन करेंगे। उनके साथ डीएम अखंड प्रताप सिंह व एसपी वीके मिश्र भी होंगे।
अब मंचीय रामलीला की भी शुरूआत
दारानगर में अबकी इसी वर्ष से रामलीला का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। अध्यक्ष ने बताया कि अबकी बार से दारानगर में मंचीय रामलीला भी दस दिवसीय होगी। चित्रकूट के कलाकार रामलीला मैदान में मंचन करेंगे।