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Kaushambi News: पुष्पा देवी ने स्वयं सहायता समूह बनाकर महिलाओं को दी स्वरोजगार की राह
Mon, 02 Feb 2026 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 02 Feb 2026 01:09 AM IST
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सिराथू ब्लॉक के नौगीरा गांव में महिलाओं को साबुन बनाने का काम सिखा रही हैं पुष्पा संवाद
ब्लॉक के नौंगीरा गांव की पुष्पा देवी ने मजदूरी के कठिन जीवन से निकलकर महिला स्वयं सहायता समूह के जरिये न सिर्फ खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि गांव की कई अनपढ़ और बेरोजगार महिलाओं को भी रोजगार से जोड़कर स्वावलंबन की मिसाल पेश की है।
पांच साल पहले तक पुष्पा देवी पति के साथ मजदूरी कर परिवार का पेट पालती थीं। आठवीं तक पढ़ी पुष्पा देवी ने वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान काम बंद होने पर परिवार की आर्थिक परेशानियों को देखते हुए स्वरोजगार की राह चुनी।
उन्होंने राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना के तहत गांव की 10 बेरोजगार महिलाओं को संगठित कर ‘शीतल महिला स्वयं सहायता समूह’ का गठन किया। योजना से मिली आर्थिक सहायता के बाद बैंक से कम ब्याज पर ऋण लेकर घर में साबुन बनाने का कार्य शुरू किया। इस काम में समूह की सदस्यों के साथ ही गांव की सुनीता, प्रतिभा, ललती सहित अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा है।
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पुष्पा देवी ने बताया कि घर में बने साबुन को बाजार में बेचने जाती हैं, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में उचित दाम नहीं मिल पाता, जिससे व्यवसाय अपेक्षा के अनुरूप नहीं चल पा रहा है। वर्तमान में साबुन निर्माण से होने वाली आय से पुष्पा देवी अपने चार बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर का खर्च चला रही हैं। वहीं समूह से जुड़ी अन्य महिलाएं भी हर महीने चार से पांच हजार रुपये तक की आमदनी कर रही हैं।
नौंगीरा गांव की पुष्पा देवी बेरोजगार महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। जिला व ब्लॉक स्तर पर लगने वाले स्टाल से प्रचार-प्रसार करने का मौका दिया जाता है, जिसे देखकर अन्य महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन रही हैं। - महेंद्र कुमार, एडीओ आईएसपी, सिराथू
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पांच साल पहले तक पुष्पा देवी पति के साथ मजदूरी कर परिवार का पेट पालती थीं। आठवीं तक पढ़ी पुष्पा देवी ने वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान काम बंद होने पर परिवार की आर्थिक परेशानियों को देखते हुए स्वरोजगार की राह चुनी।
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उन्होंने राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना के तहत गांव की 10 बेरोजगार महिलाओं को संगठित कर ‘शीतल महिला स्वयं सहायता समूह’ का गठन किया। योजना से मिली आर्थिक सहायता के बाद बैंक से कम ब्याज पर ऋण लेकर घर में साबुन बनाने का कार्य शुरू किया। इस काम में समूह की सदस्यों के साथ ही गांव की सुनीता, प्रतिभा, ललती सहित अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा है।
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पुष्पा देवी ने बताया कि घर में बने साबुन को बाजार में बेचने जाती हैं, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में उचित दाम नहीं मिल पाता, जिससे व्यवसाय अपेक्षा के अनुरूप नहीं चल पा रहा है। वर्तमान में साबुन निर्माण से होने वाली आय से पुष्पा देवी अपने चार बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर का खर्च चला रही हैं। वहीं समूह से जुड़ी अन्य महिलाएं भी हर महीने चार से पांच हजार रुपये तक की आमदनी कर रही हैं।
नौंगीरा गांव की पुष्पा देवी बेरोजगार महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। जिला व ब्लॉक स्तर पर लगने वाले स्टाल से प्रचार-प्रसार करने का मौका दिया जाता है, जिसे देखकर अन्य महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन रही हैं। - महेंद्र कुमार, एडीओ आईएसपी, सिराथू