तैयारी : कौशाम्बी-प्रयागराज फोरलेन के लिए जल्द शुरू होगी भूमि की खरीद, 6800 काश्तकारों से कराया जाएगा बैनामा
पीडब्ल्यूडी निर्माण ने पिछले साल ही काम शुरू कर दिया था। अब तक महकमा अपनी पहले से बनी सड़क और उसके आसपास की अपनी भूमि पर काम करा रहा था। इसके लिए चायल के करोदा, फतेहपुर, शहजादपुर, मखऊपुर, पेरई, कोटिया, अमिरसा, दहिया, जयंतीपुर तरना, तरनी, बसुहार, सूरा, फकीराबाद, बरई उर्फ सरायअकिल, घोसिया, चित्तापुर और हर्रायपुर में करीब 25 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है।
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प्रयागराज-कौशाम्बी फोरलेन हाईवे के लिए चिह्नित भूमि की खरीद का रास्ता साफ हो गया है। अफसरों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। अगले सप्ताह बैनामे शुरू होने की उम्मीद है। इससे प्रोजेक्ट को और रफ्तार मिलेगी। कौशाम्बी के पर्यटन क्षेत्र को प्रयागराज से जोड़ने के लिए 850 करोड़ रुपये से 41 किमी लंबा फोरलेन हाईवे बनवाया जा रहा है। इसकी 31 किमी सड़क कौशाम्बी जिले की सीमा में पड़ेगी।
पीडब्ल्यूडी निर्माण ने पिछले साल ही काम शुरू कर दिया था। अब तक महकमा अपनी पहले से बनी सड़क और उसके आसपास की अपनी भूमि पर काम करा रहा था। इसके लिए चायल के करोदा, फतेहपुर, शहजादपुर, मखऊपुर, पेरई, कोटिया, अमिरसा, दहिया, जयंतीपुर तरना, तरनी, बसुहार, सूरा, फकीराबाद, बरई उर्फ सरायअकिल, घोसिया, चित्तापुर और हर्रायपुर में करीब 25 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है।
पीडब्ल्यूडी के एई एसएन शुक्ल ने बताया कि 6800 किसानों से सहमति के आधार पर भूमि का बैनामा कराया जाएगा। इसके लिए शासन और प्रशासन से अनुमति मिल गई है। एडीएम न्यायिक विश्राम ने बताया कि संबंधित गांवों में शिविर लगाकर काश्तकारों का पंजीकरण आदि कराया जाएगा। दिसंबर-2024 तक परियोजना के सारे काम पूरे करने का लक्ष्य शासन से मिला है। तय समय पर इसे पूरा किया जाएगा।