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Kaushambi News: हटाए गए प्रोबेशन अधिकारी, जिला बचत अधिकारी को मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी
Tue, 31 Dec 2024 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 31 Dec 2024 01:24 AM IST
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सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतना जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) नीरज कुमार को भारी पड़ गया। लगातार निर्देशों के बावजूद विभागीय कार्यों में रुचि नहीं लेने के कारण सोमवार को डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने डीपीओ को कार्यमुक्त कर दिया।
इनकी जगह दूसरे अफसर की तैनाती नहीं होने तक जिला बचत अधिकारी मंतशा बानो को प्रोबेशन कार्यालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रोबेशन विभाग के जरिए अंब्रेला स्कीम के तहत चलाए जा रहे मिशन शक्ति, कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ समेत अन्य योजनाएं संचालित की जा रही हैं। अकेले बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत विभाग को सात साल के दौरान शासन से 1.79 करोड़ रुपये का बजट मिला, लेकिन विभागीय जिम्मेदार इस राशि में से मात्र 79 लाख रुपये ही खर्च कर सके। चालू वित्तीय वर्ष में मिले बजट का एक रुपया भी नहीं खर्च किया जा सका।
पिछले दिनों हुई समीक्षा के दौरान शासन की अति महत्वाकांक्षी योजना में जिले की स्थिति बेहद खराब मिली। इसके लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी नीरज कुमार को चेतावनी भी दी गई।
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साथ ही पखवाड़े भर पहले डीएम मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर सीडीओ अजीत कुमार श्रीवास्तव ने प्रोबेशन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जांच के लिए लेखाकारों की तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम की जांच में साफ हुआ कि लगातार निर्देशों के बावजूद डीपीओ विभागीय कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसे लेकर सोमवार को कार्रवाई कर दी गई।
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विभागीय योजनाओं में रुचि नहीं लेने, लगातार निर्देशों की अवहेलना करने के साथ ही सौंपे गए दायित्वों के प्रति घोर लापरवाह व उदासीन होने के कारण जिला प्रोबेशन अधिकारी को कार्यमुक्त किया गया है। जिला बचत अधिकारी को डीपीओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
-- अजीत कुमार श्रीवास्तव, सीडीओ
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इनकी जगह दूसरे अफसर की तैनाती नहीं होने तक जिला बचत अधिकारी मंतशा बानो को प्रोबेशन कार्यालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रोबेशन विभाग के जरिए अंब्रेला स्कीम के तहत चलाए जा रहे मिशन शक्ति, कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ समेत अन्य योजनाएं संचालित की जा रही हैं। अकेले बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत विभाग को सात साल के दौरान शासन से 1.79 करोड़ रुपये का बजट मिला, लेकिन विभागीय जिम्मेदार इस राशि में से मात्र 79 लाख रुपये ही खर्च कर सके। चालू वित्तीय वर्ष में मिले बजट का एक रुपया भी नहीं खर्च किया जा सका।
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पिछले दिनों हुई समीक्षा के दौरान शासन की अति महत्वाकांक्षी योजना में जिले की स्थिति बेहद खराब मिली। इसके लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी नीरज कुमार को चेतावनी भी दी गई।
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साथ ही पखवाड़े भर पहले डीएम मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर सीडीओ अजीत कुमार श्रीवास्तव ने प्रोबेशन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जांच के लिए लेखाकारों की तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम की जांच में साफ हुआ कि लगातार निर्देशों के बावजूद डीपीओ विभागीय कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसे लेकर सोमवार को कार्रवाई कर दी गई।
विभागीय योजनाओं में रुचि नहीं लेने, लगातार निर्देशों की अवहेलना करने के साथ ही सौंपे गए दायित्वों के प्रति घोर लापरवाह व उदासीन होने के कारण जिला प्रोबेशन अधिकारी को कार्यमुक्त किया गया है। जिला बचत अधिकारी को डीपीओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।