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प्राथमिक विद्यालय के छात्र बीमार, परिजन परेशान
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 08 Sep 2016 11:55 PM IST
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सिराथू ब्लॉक के देवभींटा प्राथमिक विद्यालय के दर्जनों छात्र रहस्यमय परिस्थितियों में बीमार है। गांव के लोगों में चर्चा है कि वह फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए हैं। गुरुवार को सात छात्र इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे तो हड़कंप मच गया। बीएसए ने एबीएसए, हेडमास्टर को तलब किया। हेडमास्टर का कहना है कि बच्चे वायरल फीवर की चपेट में हैं और वह कई दिनों से स्कूल नहीं आ रहे हैं।
देवभींटा प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में कुल 149 छात्र पंजीकृत हैं। इस विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र रोहित, लक्ष्मण, अंकित, रामअधार, रेखा, पूनम देवी, मोहित को बीमार हालत में गुरुवार की दोपहर इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर उनके परिजन आए। ये सभी बच्चे रहस्यमय परिस्थितियों में बीमार हुए हैं। इनके अलावा गांव के दो दर्जन अन्य बच्चे भी बीमार हैं। ग्रामीणों में चर्चा थी कि बच्चे फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए हैं। वह दो दिन पहले दोपहर का भोजन कर घर लौटे थे, इसके बाद से वह बीमार चल रहे हैं। इसकी जानकारी मिलते ही बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।
बीएसए दलश्रृंगार यादव के निर्देश पर एबीएसए मंझनपुर अविनाश सिंह जिला अस्पताल में बच्चों का हालचाल लेने पहुंच गए। उधर बुलाने पर देवभींटा की हेड मास्टर के साथ सिराथू एबीएसए बीएसए से मिले। बीएसए को हेड मास्टर ने बताया कि बीमार बच्चे तीन दिन से स्कूल नहीं आ रहे हैं। उनको वायरल हुआ है। इस पर बीएसए ने राहत की सांस ली। बच्चों से मिलने गए एबीएसए अविनाश सिंह का कहना है कि बच्चों को सिर व हाथ-पैर में दर्द के साथ बुखार है। वह सभी वायरल से ग्रसित हैं।
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क्यों नहीं दी डॉक्टरों को जानकारी
प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की सेहत की देखभाल के लिए स्वास्थ्य समिति का गठन किया गया है। इन बच्चों की बाकायदा जांच पड़ताल की जाती है। बीमार बच्चों का इलाज कराया जाता है। इतनी सब कवायद होने के बाद भी यदि स्कूल के छात्र बीमार थे तो हेड मास्टर ने इसकी सूचना स्वास्थ्य समिति के माध्यम से डॉक्टरों तक क्यों नहीं पहुंचाई।
गंवई विवाद ने दिया तूल
बच्चों की बीमारी को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि गंवई राजनीति व विवाद ने इस प्रकरण को बेवजह तूल दे दिया है। कुछ लोगों ने जानबूझकर फूड प्वाइजनिंग की अफवाह फैलाई है।
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देवभींटा प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में कुल 149 छात्र पंजीकृत हैं। इस विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र रोहित, लक्ष्मण, अंकित, रामअधार, रेखा, पूनम देवी, मोहित को बीमार हालत में गुरुवार की दोपहर इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर उनके परिजन आए। ये सभी बच्चे रहस्यमय परिस्थितियों में बीमार हुए हैं। इनके अलावा गांव के दो दर्जन अन्य बच्चे भी बीमार हैं। ग्रामीणों में चर्चा थी कि बच्चे फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए हैं। वह दो दिन पहले दोपहर का भोजन कर घर लौटे थे, इसके बाद से वह बीमार चल रहे हैं। इसकी जानकारी मिलते ही बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।
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बीएसए दलश्रृंगार यादव के निर्देश पर एबीएसए मंझनपुर अविनाश सिंह जिला अस्पताल में बच्चों का हालचाल लेने पहुंच गए। उधर बुलाने पर देवभींटा की हेड मास्टर के साथ सिराथू एबीएसए बीएसए से मिले। बीएसए को हेड मास्टर ने बताया कि बीमार बच्चे तीन दिन से स्कूल नहीं आ रहे हैं। उनको वायरल हुआ है। इस पर बीएसए ने राहत की सांस ली। बच्चों से मिलने गए एबीएसए अविनाश सिंह का कहना है कि बच्चों को सिर व हाथ-पैर में दर्द के साथ बुखार है। वह सभी वायरल से ग्रसित हैं।
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क्यों नहीं दी डॉक्टरों को जानकारी
प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की सेहत की देखभाल के लिए स्वास्थ्य समिति का गठन किया गया है। इन बच्चों की बाकायदा जांच पड़ताल की जाती है। बीमार बच्चों का इलाज कराया जाता है। इतनी सब कवायद होने के बाद भी यदि स्कूल के छात्र बीमार थे तो हेड मास्टर ने इसकी सूचना स्वास्थ्य समिति के माध्यम से डॉक्टरों तक क्यों नहीं पहुंचाई।
गंवई विवाद ने दिया तूल
बच्चों की बीमारी को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि गंवई राजनीति व विवाद ने इस प्रकरण को बेवजह तूल दे दिया है। कुछ लोगों ने जानबूझकर फूड प्वाइजनिंग की अफवाह फैलाई है।