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Kaushambi News: श्रद्धालुओं से भरा पिकअप पलटा, 11 घायल
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- सुख-समृद्धि की कामना करने जा रहे कड़ा के शीतलाधाम, लेहदरी पुल के समीप शुक्रवार सुबह हुआ हादसा
- तीन पिकअप (लोडर) पर सवार थे प्रतापगढ़ के करीब सौ लोग, दो की हालत गंभीर, प्रयागराज रेफर
फोटो- 12 स 22 तक
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर(कौशाम्बी)। कड़ाधाम के लेहदरी स्थित गंगा पुल के समीप शुक्रवार को श्रद्धालुओं से खचाखच भरा पिकअप (लोडर) अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में लोडर सवार प्रतापगढ़ के नवाबगंज इलाके के 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने एंबुलेंस से सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। किशोर समेत दो लोगों की हालत बेहद नाजुक देख चिकित्सकों ने उन्हें प्रयागराज के मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पिकअप सवार सभी लोग ग्राम देवता की पूजा के बाद गंगा स्नान के लिए कड़ा स्थित शीतला धाम आ रहे थे।
प्रतापगढ़ में नवाबगंज के सुंदराईपुर निवासी मनीष ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी गांव के लोग ग्राम देवता की पूजा के लिए शुक्रवार सुबह जुटे थे। इसके बाद किराये की पिकअप (लोडर) में सवार होकर सभी लोग शीतलाधाम में गंगा स्नान व देवी पूजन के लिए जा रहे थे। तीन पिकअप (लोडर) में करीब सौ लोग सवार थे।
मनीष के मुताबिक मान्यता है कि ऐसा करने से गांव में बीमारी नहीं फैलती और गांव-घर में खुशहाली रहती है। अदलाबाद निवासी पिकअप चालक कमलेश सरोज की गाड़ी में उसके पिता (मनीष) रामदयाल, शिवकरन, फूलचंद्र, रामकुमार, बाबूलाल, प्रिंस (14) पुत्र सूर्य प्रकाश, रजनलाल सहित करीब 35 लोग सवार हुए। इसके अलावा अन्य दो पिकअप में भी गांव से करीब सौ लोग शीतला धाम जा रहे थे।
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सबसे आगे कमलेश की पिकअप थी। जैसे ही वह गंगा नदी के पुल को पार कर देवीगंज की तरफ बढ़ा तभी अचानक पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना के बाद मची चीख-पुकार सुनकर वहां रुके राहगीरों ने पुलिस को खबर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से कुछ घायलों को सीएचसी इस्मालपुर और गंभीर जख्मी 11 लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा। यहां चिकित्सकों ने प्रिंस व राजकुमार की हालत नाजुक देख प्रयागराज मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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जिला अस्पताल में इन घायलों को कराया गया भर्ती
-- कौशाम्बी के लेहदरी के समीप पिकअप पलटने से जख्मी गंभीर रूप से जख्मी सुंदराईपुर के राजू, अंशू पांडेय, रामदयाल, शिवकरन, राम कुमार, बाबूलाल, अभिषेक, राजन को भर्ती कराया गया। प्रिंस व राजकुमार को इलाज के बाद प्रयागराज के लिए रेफर किया गया है।
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घायलों को अस्पताल पहुंचाने में कम पड़ गई थीं एंबुलेंस
कड़ा। लेहदरी पुल के समीप पिकअप पलटने से जख्मी लोगों की सूचना के बाद कड़ाधाम कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने इस्माइलपुर सीएचसी से दो एंबुलेंस बुलाईं। बाद में सिराथू सीएचसी से भी एंबुलेंस बुलाई गईं। जिला अस्पताल प्रशासन को पहले से ही फोन करके अलर्ट कर दिया गया था। डॉ. रमेश यादव सहित दो चिकित्सक व 12 पैरामेडिकल स्टॉफ इमरजेंसी में मौजूद थे। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों की हालत सामान्य देख परिवारीजनों ने ही, पुलिस कर्मियों ने भी राहत महसूस की। संवाद
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पीढि़यों से चली आ रही है परंपरा
दूसरी पिकअप में सवार हादसे में जख्मी रामदयाल की चाची ज्ञानमति ने बताया कि पूजन की इस विधि (गोमधा) कहा जाता है। कौशाम्बी की बोलचाल की भाषा में इसे उतारा बोलते हैं। ज्ञानमति ने बताया कि गांव व परिवार की खुशहाली के लिए प्रतापगढ़ जिले के लोग जेठ-बैसाख माह में हर वर्ष गोमधा करते हैं। गांव के हर परिवार का कम से कम एक सदस्य का इस पूजन में शामिल होना जरूरी होता है। सौ घरों की बस्ती वाले गांव से हर परिवार का एक सदस्य शीतला धाम के लिए निकला था। इसके लिए किराये पर तीन पिकअप (लोडर) बुक की गई थीं। महिलाएं और बच्चे दूसरी गाड़ी में बैठे थे, जबकि जो वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ उसमें सारे पुरुष सदस्य ही बैठे थे।
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हर व्यक्ति से लिया गया था 200 रुपये भाड़ा व एक किलो गेहूं
हादसे में जख्मी रजन लाल व अंशू पांडेय ने बताया कि वाहन चालक ने प्रति व्यक्ति 200 रुपये भाड़ा के अलावा हर घर से एक किलो गेहूं लिया गया था। लोग पहले आठ बजे गांव में एकत्र हुए । वहां से पूजन के बाद शीतला धाम के लिए रवाना हुए।
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पुलिस की अनदेखी बनी हादसे की वजह
मंझनपुर। गंगा नदी के उस पार (प्रतापगढ़ की तरफ) नवाबगंज कोतवाली पुलिस का चेक पोस्ट स्थापित है। वहां 24 घंटे पुलिस की पिकेट ड्यूटी रहती है। सड़क पर बालू भरे ड्रम रखकर एक-एक वाहन को पुलिस की निगरानी से गुजारा जाता है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं से खचाखच भरे लोडर को पुलिस ने रोकना उचित नहीं समझा। जिसकी वजह से हादसा हो गया। संवाद
-- -वर्जन-- --
मालवाहक गाड़ियों में यात्री परिवहन नहीं किया जा सकता है। यहां तक की ई-रिक्शा भी अगर लोडर (ई-कार्ट) में पास है तो उसमें भी यात्री नहीं बैठाए जा सकते हैं। मामले की जांच कर वाहन को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। - तारकेश्वर मल्ल, एआरटीओ
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- तीन पिकअप (लोडर) पर सवार थे प्रतापगढ़ के करीब सौ लोग, दो की हालत गंभीर, प्रयागराज रेफर
फोटो- 12 स 22 तक
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर(कौशाम्बी)। कड़ाधाम के लेहदरी स्थित गंगा पुल के समीप शुक्रवार को श्रद्धालुओं से खचाखच भरा पिकअप (लोडर) अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में लोडर सवार प्रतापगढ़ के नवाबगंज इलाके के 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने एंबुलेंस से सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। किशोर समेत दो लोगों की हालत बेहद नाजुक देख चिकित्सकों ने उन्हें प्रयागराज के मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पिकअप सवार सभी लोग ग्राम देवता की पूजा के बाद गंगा स्नान के लिए कड़ा स्थित शीतला धाम आ रहे थे।
प्रतापगढ़ में नवाबगंज के सुंदराईपुर निवासी मनीष ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी गांव के लोग ग्राम देवता की पूजा के लिए शुक्रवार सुबह जुटे थे। इसके बाद किराये की पिकअप (लोडर) में सवार होकर सभी लोग शीतलाधाम में गंगा स्नान व देवी पूजन के लिए जा रहे थे। तीन पिकअप (लोडर) में करीब सौ लोग सवार थे।
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मनीष के मुताबिक मान्यता है कि ऐसा करने से गांव में बीमारी नहीं फैलती और गांव-घर में खुशहाली रहती है। अदलाबाद निवासी पिकअप चालक कमलेश सरोज की गाड़ी में उसके पिता (मनीष) रामदयाल, शिवकरन, फूलचंद्र, रामकुमार, बाबूलाल, प्रिंस (14) पुत्र सूर्य प्रकाश, रजनलाल सहित करीब 35 लोग सवार हुए। इसके अलावा अन्य दो पिकअप में भी गांव से करीब सौ लोग शीतला धाम जा रहे थे।
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सबसे आगे कमलेश की पिकअप थी। जैसे ही वह गंगा नदी के पुल को पार कर देवीगंज की तरफ बढ़ा तभी अचानक पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना के बाद मची चीख-पुकार सुनकर वहां रुके राहगीरों ने पुलिस को खबर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से कुछ घायलों को सीएचसी इस्मालपुर और गंभीर जख्मी 11 लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा। यहां चिकित्सकों ने प्रिंस व राजकुमार की हालत नाजुक देख प्रयागराज मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल में इन घायलों को कराया गया भर्ती
घायलों को अस्पताल पहुंचाने में कम पड़ गई थीं एंबुलेंस
कड़ा। लेहदरी पुल के समीप पिकअप पलटने से जख्मी लोगों की सूचना के बाद कड़ाधाम कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने इस्माइलपुर सीएचसी से दो एंबुलेंस बुलाईं। बाद में सिराथू सीएचसी से भी एंबुलेंस बुलाई गईं। जिला अस्पताल प्रशासन को पहले से ही फोन करके अलर्ट कर दिया गया था। डॉ. रमेश यादव सहित दो चिकित्सक व 12 पैरामेडिकल स्टॉफ इमरजेंसी में मौजूद थे। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों की हालत सामान्य देख परिवारीजनों ने ही, पुलिस कर्मियों ने भी राहत महसूस की। संवाद
पीढि़यों से चली आ रही है परंपरा
दूसरी पिकअप में सवार हादसे में जख्मी रामदयाल की चाची ज्ञानमति ने बताया कि पूजन की इस विधि (गोमधा) कहा जाता है। कौशाम्बी की बोलचाल की भाषा में इसे उतारा बोलते हैं। ज्ञानमति ने बताया कि गांव व परिवार की खुशहाली के लिए प्रतापगढ़ जिले के लोग जेठ-बैसाख माह में हर वर्ष गोमधा करते हैं। गांव के हर परिवार का कम से कम एक सदस्य का इस पूजन में शामिल होना जरूरी होता है। सौ घरों की बस्ती वाले गांव से हर परिवार का एक सदस्य शीतला धाम के लिए निकला था। इसके लिए किराये पर तीन पिकअप (लोडर) बुक की गई थीं। महिलाएं और बच्चे दूसरी गाड़ी में बैठे थे, जबकि जो वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ उसमें सारे पुरुष सदस्य ही बैठे थे।
हर व्यक्ति से लिया गया था 200 रुपये भाड़ा व एक किलो गेहूं
हादसे में जख्मी रजन लाल व अंशू पांडेय ने बताया कि वाहन चालक ने प्रति व्यक्ति 200 रुपये भाड़ा के अलावा हर घर से एक किलो गेहूं लिया गया था। लोग पहले आठ बजे गांव में एकत्र हुए । वहां से पूजन के बाद शीतला धाम के लिए रवाना हुए।
पुलिस की अनदेखी बनी हादसे की वजह
मंझनपुर। गंगा नदी के उस पार (प्रतापगढ़ की तरफ) नवाबगंज कोतवाली पुलिस का चेक पोस्ट स्थापित है। वहां 24 घंटे पुलिस की पिकेट ड्यूटी रहती है। सड़क पर बालू भरे ड्रम रखकर एक-एक वाहन को पुलिस की निगरानी से गुजारा जाता है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं से खचाखच भरे लोडर को पुलिस ने रोकना उचित नहीं समझा। जिसकी वजह से हादसा हो गया। संवाद
मालवाहक गाड़ियों में यात्री परिवहन नहीं किया जा सकता है। यहां तक की ई-रिक्शा भी अगर लोडर (ई-कार्ट) में पास है तो उसमें भी यात्री नहीं बैठाए जा सकते हैं। मामले की जांच कर वाहन को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। - तारकेश्वर मल्ल, एआरटीओ