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Kaushambi News: पीएचसी शाखा...फार्मासिस्ट के भरोसे अस्पताल, डॉक्टर का इंतजार
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शाखा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद
- फोटो : bhadarwah
सिराथू ब्लॉक के शाखा गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को 11 महीने से डॉक्टर का इंतजार है। फार्मासिस्ट के भरोसे मरीजों का इलाज हो रहा है। पिछले तीन महीने में तीन डॉक्टरों को तैनाती दी गई। लेकिन, किसी ने पीएचसी का चार्ज नहीं संभाला। रास्ते में पड़ने वाले रेलवे क्रॉसिंग व वीरान क्षेत्र में पीएचसी होने की वजह से डॉक्टर अस्पताल में तैनाती लेने से इन्कार कर रहे हैं।
पीएचसी में दर्जन भर गांव के मरीजों का इलाज होता है। यहां रोजाना 30 से 35 मरीज रोजाना आते हैं और उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है। फार्मासिस्ट विनीत कुमार सिंह व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के सहारे पीएचसी चल रहा है। डॉक्टर के अभाव में मरीजाें को 15 किमी दूर सीएचसी सिराथू जाना पड़ता है।
कर्मचारियों ने बताया कि डॉक्टर की तैनाती को लेकर कई बार पत्राचार किया गया। इस पर सीएमओ ने डॉ. रितिक यादव की नियुक्ति की। लेकिन, उन्होंने कार्यभार नहीं संभाला। इसके बाद डॉ. शोएब अंसारी और डॉ. वेदव्रत को नियुक्त किया गया। लेकिन, वह भी नहीं आए। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि अजुहा से पीएचसी के रास्ते में पड़ने वाली रेलवे क्रॉसिंग अक्सर घंटे-घंटे भर तक बंद रहती है। इससे अस्पताल पहुंचने में देरी होती है। इसके अलावा वीरान स्थान पर पीएचसी संचालित होने के कारण भी डॉक्टर यहां आने से कतराते हैं।
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बोले मरीज
- पीएचसी में डॉक्टर नहीं हैं। फार्मासिस्ट दवा-इलाज कर देते हैं। लेकिन गंभीर मर्ज होने पर मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। कई बार निरीक्षण करने आए अधिकारियों से इस समस्या को लेकर शिकायत की गई, लेकिन अभी तक कोई डॉक्टर यहां नहीं आया।
-- -रामूपाल, ररवापर
उम्र ज्यादा होने के चलते रोजाना कोई न कोई परेशानी बनी रहती है। तकरीबन एक साल हो रहे हैं, अभी तक यहां कोई डॉक्टर नहीं आया। इसलिए इलाज कराने के लिए मजबूरन सिराथू जाना पड़ता है। देवराज, ररवापर
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पीएचसी में दर्जन भर गांव के मरीजों का इलाज होता है। यहां रोजाना 30 से 35 मरीज रोजाना आते हैं और उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है। फार्मासिस्ट विनीत कुमार सिंह व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के सहारे पीएचसी चल रहा है। डॉक्टर के अभाव में मरीजाें को 15 किमी दूर सीएचसी सिराथू जाना पड़ता है।
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कर्मचारियों ने बताया कि डॉक्टर की तैनाती को लेकर कई बार पत्राचार किया गया। इस पर सीएमओ ने डॉ. रितिक यादव की नियुक्ति की। लेकिन, उन्होंने कार्यभार नहीं संभाला। इसके बाद डॉ. शोएब अंसारी और डॉ. वेदव्रत को नियुक्त किया गया। लेकिन, वह भी नहीं आए। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि अजुहा से पीएचसी के रास्ते में पड़ने वाली रेलवे क्रॉसिंग अक्सर घंटे-घंटे भर तक बंद रहती है। इससे अस्पताल पहुंचने में देरी होती है। इसके अलावा वीरान स्थान पर पीएचसी संचालित होने के कारण भी डॉक्टर यहां आने से कतराते हैं।
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बोले मरीज
- पीएचसी में डॉक्टर नहीं हैं। फार्मासिस्ट दवा-इलाज कर देते हैं। लेकिन गंभीर मर्ज होने पर मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। कई बार निरीक्षण करने आए अधिकारियों से इस समस्या को लेकर शिकायत की गई, लेकिन अभी तक कोई डॉक्टर यहां नहीं आया।
उम्र ज्यादा होने के चलते रोजाना कोई न कोई परेशानी बनी रहती है। तकरीबन एक साल हो रहे हैं, अभी तक यहां कोई डॉक्टर नहीं आया। इसलिए इलाज कराने के लिए मजबूरन सिराथू जाना पड़ता है। देवराज, ररवापर

शाखा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद- फोटो : bhadarwah

शाखा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद- फोटो : bhadarwah