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सेवा समाप्ति पर किया प्रदर्शन
Tue, 12 Mar 2019 12:55 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Tue, 12 Mar 2019 12:55 AM IST
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कौशाम्बी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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मंझनपुर। जिला अस्पताल में अनुबंध पर लगाई गईं स्टाफ नर्सों ने सेवा समाप्ति के बाद अस्पताल की एक स्टाफ नर्स व उसके पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इनका कहना था कि स्टाफ नर्स की मनमानी की वजह से उन्हें हटाया गया है।
जिला अस्पताल में आउटसोर्सिंग संस्था अवनि परिधि के करीब 36 लोग स्टाफ नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ के तौर पर कम कर रहे थे। इन लोगों का रिन्यूअल नहीं किया गया। आरोप है कि जिला अस्पताल में कार्यरत एक स्टाफ नर्स को उनका सुपरवाइजर बनाया गया था। नर्स एक दिन की हाजिरी बनाने के नाम पर दो सौ रुपये लेती थी। इसी तरह बतौर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कार्यरत उसका पति बतौर लिपिक अवैध वसूली करता है। अवनि परिधि की सेवा प्रदाताओं का कहना है कि अब उन्हें दोबारा काम पर रखने के लिए 45 हजार रुपये बतौर रिश्वत मांगी जा रही है। 36 लोगों में सिर्फ 29 को हटाया गया है। इस दौरान नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों ने जिला अस्पताल में प्रदर्शन कर सीएमएस डॉ. दीपक सेठ को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान ललिता, शीतल, मिथलेश, अंजना, मीना, प्रियंका, प्रीती, शशिकला आदि मौजूद रहीं।
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जिला अस्पताल में आउटसोर्सिंग संस्था अवनि परिधि के करीब 36 लोग स्टाफ नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ के तौर पर कम कर रहे थे। इन लोगों का रिन्यूअल नहीं किया गया। आरोप है कि जिला अस्पताल में कार्यरत एक स्टाफ नर्स को उनका सुपरवाइजर बनाया गया था। नर्स एक दिन की हाजिरी बनाने के नाम पर दो सौ रुपये लेती थी। इसी तरह बतौर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कार्यरत उसका पति बतौर लिपिक अवैध वसूली करता है। अवनि परिधि की सेवा प्रदाताओं का कहना है कि अब उन्हें दोबारा काम पर रखने के लिए 45 हजार रुपये बतौर रिश्वत मांगी जा रही है। 36 लोगों में सिर्फ 29 को हटाया गया है। इस दौरान नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों ने जिला अस्पताल में प्रदर्शन कर सीएमएस डॉ. दीपक सेठ को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान ललिता, शीतल, मिथलेश, अंजना, मीना, प्रियंका, प्रीती, शशिकला आदि मौजूद रहीं।
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