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Kaushambi News: गंदगी में जीने को मजबूर हैं कांशीराम कॉलोनी वाले
Fri, 21 Jul 2023 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 21 Jul 2023 01:17 AM IST
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समदा और गांधी नगर स्थित कांशीराम कॉलोनी में गंदगी ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। दोनों कॉलोनियों में करीब एक हजार आवास हैं। इनमें से 100 खाली हैं। शेष में 900 में परिवार रहते हैं।
यहां सबसे बड़ी समस्या सीवर की गंदगी है। गांधी नगर कॉलोनी के सुरेश चंद्र बताते हैं कि सीवर लाइन के ध्वस्त होने से घरों के शौचालयों की गंदगी खुली नालियों में बहती है। गंदा पानी गलियारों में गिरता है। यहीं की शाहजहां बताती हैं कि दुर्गंध के कारण वह अपने घर के पीछे का दरवाजा खिड़की नहीं खोलती हैं।
ऐसा ही हाल समदा में कॉलोनी का भी है। यह स्थिति तब है, जब कुछ दिन पहले प्रयागराज की कांशीराम कॉलोनी में उल्टी, दस्त से चार मौतें चुकी हैं।
कॉलोनी के 500 में से 150 मकानों के शौचालयों की सीवर लाइन खराब है। इनका सारा मलबा और गंदा पानी खुली नालियों में बहता है। कुछ गलियां तो ऐसी हैं, जहां से बिना मुंह ढके निकला ही नहीं जा सकता। संक्रामक रोग फैलने का खतरा बना हुआ है।
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राजाराम, कांशीराम कॉलोनी, गांधी नगर
कॉलोनी में सबसे बड़ी समस्या शौचालयों से निकलने वाला गंदा पानी है। इसकी वजह से कॉलोनी में बीमारियां फैलने का डर है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। हर तीसरे-चौथे घर में कोई न कोई बुखार से पीड़ित मिल जाएगा।
विजयी, गांधी नगर, कॉलोनी
कॉलाेनी में झाड़ू तो नियमित लगती है, लेकिन सीवर लाइन की समस्या दूर नहीं हो रही है। सीवर लाइन ध्वस्त होने के कारण गंदा पानी नालियों में बहता है। बारिश होने पर नालियां उफनाती हैं तो यह सड़कों पर आ जाता है।
मो. अफजल, समदा, कॉलोनी
सीवर लाइन ध्वस्त होने के कारण तमाम लोगों ने शौचालयों का प्रयोग करना ही छोड़ दिया है। लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं। मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। आए दिन कोई न कोई बुखार व अन्य रोगों से पीड़ित रहता है।
सिद्धार्थ, समदा कॉलोनी
जल्द ही टीम भेजकर दोनों कॉलोनियों की समस्याओं का दिखवाया जाएगा। इसके बाद दिक्कतों को दूर कराने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
अनूप राय, ईओ नगर पालिका परिषद मंझनपुर
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यहां सबसे बड़ी समस्या सीवर की गंदगी है। गांधी नगर कॉलोनी के सुरेश चंद्र बताते हैं कि सीवर लाइन के ध्वस्त होने से घरों के शौचालयों की गंदगी खुली नालियों में बहती है। गंदा पानी गलियारों में गिरता है। यहीं की शाहजहां बताती हैं कि दुर्गंध के कारण वह अपने घर के पीछे का दरवाजा खिड़की नहीं खोलती हैं।
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ऐसा ही हाल समदा में कॉलोनी का भी है। यह स्थिति तब है, जब कुछ दिन पहले प्रयागराज की कांशीराम कॉलोनी में उल्टी, दस्त से चार मौतें चुकी हैं।
कॉलोनी के 500 में से 150 मकानों के शौचालयों की सीवर लाइन खराब है। इनका सारा मलबा और गंदा पानी खुली नालियों में बहता है। कुछ गलियां तो ऐसी हैं, जहां से बिना मुंह ढके निकला ही नहीं जा सकता। संक्रामक रोग फैलने का खतरा बना हुआ है।
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राजाराम, कांशीराम कॉलोनी, गांधी नगर
कॉलोनी में सबसे बड़ी समस्या शौचालयों से निकलने वाला गंदा पानी है। इसकी वजह से कॉलोनी में बीमारियां फैलने का डर है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। हर तीसरे-चौथे घर में कोई न कोई बुखार से पीड़ित मिल जाएगा।
विजयी, गांधी नगर, कॉलोनी
कॉलाेनी में झाड़ू तो नियमित लगती है, लेकिन सीवर लाइन की समस्या दूर नहीं हो रही है। सीवर लाइन ध्वस्त होने के कारण गंदा पानी नालियों में बहता है। बारिश होने पर नालियां उफनाती हैं तो यह सड़कों पर आ जाता है।
मो. अफजल, समदा, कॉलोनी
सीवर लाइन ध्वस्त होने के कारण तमाम लोगों ने शौचालयों का प्रयोग करना ही छोड़ दिया है। लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं। मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। आए दिन कोई न कोई बुखार व अन्य रोगों से पीड़ित रहता है।
सिद्धार्थ, समदा कॉलोनी
जल्द ही टीम भेजकर दोनों कॉलोनियों की समस्याओं का दिखवाया जाएगा। इसके बाद दिक्कतों को दूर कराने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
अनूप राय, ईओ नगर पालिका परिषद मंझनपुर