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ढिबरी जलाने को लोग मजबूर
Wed, 20 Mar 2019 10:17 PM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Wed, 20 Mar 2019 10:17 PM IST
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मंझनपुर। पश्चिमशरीरा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गौतम जी का डेरा गांव के लोग विद्युतीकरण के बाद भी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। पं. दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना से गांव में विद्युतीकरण कराया गया। आरोप है कि ट्रांसफार्मर को उपकेंद्र के कर्मियों ने नलकूप संचालक को बेच दिया। मामले की जानकारी होने पर विद्युतीकरण कराने वाली संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर ने अधीक्षण अभियंता से शिकायत की है।
बताया जाता है कि गौतम जी का डेरा गांव में बिजली नहीं थी। ग्रामीण आजादी के बाद से ही यहां अंधेरे में रहते चले आ रहे हैं। पिछले दिनों पं. दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना से विद्युतीकरण कराया गया और 25 केवीए ट्रांसफार्मर विश्वनाथ कंपनी ने रखवा दिया।
यह ट्रांसफार्मर अब चोरी हो चुका। मामले की जानकारी होने पर विश्वनाथ कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर विक्रम के होश उड़ गए। गांव की अभी तक एमबी तक नहीं हो सकी थी। इससे पहले ट्रांसफार्मर चोरी हो गया। विक्रम ने गांव जाकर पता किया तो मालूम चला कि उपकेंद्र में काम करने वाले एक लाइनमैन के बेटे ने ट्रांसफार्मर उतारा है। यह ट्रांसफार्मर एक निजी नलकूप संचालक को बेच दिया गया है। विक्रम ने शिकायत अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार श्रीवास्तव से की है। इस बाबत पश्चिम शरीरा उपकेंद्र के अवर अभियंता चंद्रिका मौर्या का कहना है कि एक साल पहले बोलेरो की टक्कर में विश्वनाथ कंपनी का डबल पोल टूट गया था। इसी पोल पर ट्रांसफार्मर रखा था। संस्था ने अपना ट्रांसफार्मर कहा रखा है। इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। संस्था ने अभी लाइन हैंडओवर नहीं किया था। इसलिए बिजली विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं है। संस्था चाहे तो रिपोर्ट दर्ज करा सकती है।
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बताया जाता है कि गौतम जी का डेरा गांव में बिजली नहीं थी। ग्रामीण आजादी के बाद से ही यहां अंधेरे में रहते चले आ रहे हैं। पिछले दिनों पं. दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना से विद्युतीकरण कराया गया और 25 केवीए ट्रांसफार्मर विश्वनाथ कंपनी ने रखवा दिया।
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यह ट्रांसफार्मर अब चोरी हो चुका। मामले की जानकारी होने पर विश्वनाथ कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर विक्रम के होश उड़ गए। गांव की अभी तक एमबी तक नहीं हो सकी थी। इससे पहले ट्रांसफार्मर चोरी हो गया। विक्रम ने गांव जाकर पता किया तो मालूम चला कि उपकेंद्र में काम करने वाले एक लाइनमैन के बेटे ने ट्रांसफार्मर उतारा है। यह ट्रांसफार्मर एक निजी नलकूप संचालक को बेच दिया गया है। विक्रम ने शिकायत अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार श्रीवास्तव से की है। इस बाबत पश्चिम शरीरा उपकेंद्र के अवर अभियंता चंद्रिका मौर्या का कहना है कि एक साल पहले बोलेरो की टक्कर में विश्वनाथ कंपनी का डबल पोल टूट गया था। इसी पोल पर ट्रांसफार्मर रखा था। संस्था ने अपना ट्रांसफार्मर कहा रखा है। इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। संस्था ने अभी लाइन हैंडओवर नहीं किया था। इसलिए बिजली विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं है। संस्था चाहे तो रिपोर्ट दर्ज करा सकती है।
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